Muhabbat krni h to kitabo se kro... bewfai bhi hui to kabil bna k chhodegi...#D

मेरी एक छोटी सी बात मान लो न,,,,
सफर लम्बा है, तुम मेरा हाथ थाम लो न... #D

मेरी बात पर तुमको भरोसा हो या न हो लेकिन ये हकीकत है,,,, मेरे पास पाने के लिए भी तुम हो और खोने के लिए भी तुम... #D

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गुफ्तगू उनसे रोज होती है मेरी,,,,
मुद्दातों सामना नहीं होता...😊😊 #D

दिल के किसी कोने में रह ही जाते है,,,,
कुछ लोग बड़े जिद्दी होते है... #D

कुछ लोग दूर रहकर भी दिल के बहुत करीब होते है,,, मेरे लिए वही हो तुम.... #D

तू जहाँ है जैसी है,,
खुश है या तेरी मज़बूरी है,,
मुझे यूँ ही याद रखना,,
क्योंकि मेरे लिये 
बस तेरा होना ही ज़रुरी है....
वो वक्त मेरे लिये सबसे खास है,,
जिसमें तू मेरे साथ है,,
मग़र कैसे कह दूँ,,
कि बिन तेरे ये ज़िन्दगी अधूरी है,,
क्योंकि मेरे लिये 
बस तेरा होना ही ज़रुरी है.... #D

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हाथ थामे रखना, दुनियां में भीड़ भारी है,,,,
खो न जाऊ कहीं मै, ये तुम्हारी जिम्मेदारी है..... #D

कितनी मुहब्बत है तुमसे, कभी सफाई नहीं देंगे,, साये की तरह साथ रहेंगे, दिखाई नहीं देंगे....#D

जब वेबजह कोई इल्जाम लगाए तो उसे अंजाम देना ही बेहतर होता है.... #D

सुना है बहुत बारिश है तेरे शहर में,, सुन भीगना मत,,
अगर धूल गई गलतफहमियां तो बहुत याद आएंगे हम...