Muhabbat krni h to kitabo se kro... bewfai bhi hui to kabil bna k chhodegi...#D

जिद्दी इश्क़, जिद्दी तुम और जिद्दी मैं,,,,
तीनों कमाल है, कमाल की बात है न....#D

टूट कर भी जो मुस्कुरा दे😊😊,,,
उसे कोई कैसे हरा दे💕💕....#D

कमाल के होते है न कुछ लोग,,,,
जो हमारी आवाज से ही पहचान लेते है कि हम उदास है या खुश....✌️✌️.#D

यादें उस शहर की, कुछ हंसायांगी कुछ रुलाएगी,,,,
तेरी कमी होने का अहसास हर वक्त करवाएंगी,,,,
बस साल बदला है, तारीखे और महीना वहीं है,,,,
ये किस्मत मुझे उस शहर में कुछ दिन ठहराएगी....#D

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अब इश्क़ में ऐसे ही हमें एक दूसरे का साथ निभाना है,,,
न ख्वाहिश मिलने की रखनी है, न हद से गुजर जाना है....#D

जिस बात पर कोई मुस्कुरा दे,,,
मेरे लिए तो वहीं बात खूबसूरत है.....#D

तुम्हारी तड़प तो कुछ भी नहीं है "दीपक",,,
सुना है उनके दीदार के लिए तो आइना भी तरसता है....#D

जिंदगी में कुछ यूं चला है जिम्मेदारियों का दौर ऐसा,,,
अब तो इतवार भी न रहा, इतवार जैसा.....#D

धुआं दर्द बयां करता है,,,
और राख कहानियां छोड़ जाती है,,,
कुछ की बातों में भी दम नहीं होता,,,
और कुछ की खामोशियां भी निशानियां छोड़ जाती है.....#D

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चुरा लिए कुछ लफ्ज़ हमने शायरों के खजानों से,,,
तुम्हारे दिल में जगह जो बनानी थी हमें किसी बहाने से...#D