Muhabbat krni h to kitabo se kro... bewfai bhi hui to kabil bna k chhodegi...#D

चलता रहूंगा पथ पर,,,,
चलने में माहिर बन जाऊंगा,,,,
या तो मंजिल मिल जाएगी,,,,
या अच्छा मुसाफ़िर बन जाऊंगा🙏🙏....#D

वक्त की एक अच्छी आदत है,,,,
ये गुजर जाता है😊😊,,,,
अच्छा हो या फिर बुरा....#D

शिकायते नहीं है तुझसे ज्यादा ये जिंदगी,,,,
आखिर तू मिलती भी कहा है सबको इस तरह....#D

उसे जाने की जल्दी थी,,,,
सो आंखो ही आंखो में, जहां तक छोड़ सकता था, वहां तक छोड़ आया मैं....#D

मेरी खुशियां रिश्तों की मोहताज नहीं है,,,,
ये जहां जिससे से भी मिलती है, मै उन्हें अपना लेता हूं 😊....#D

अपनी कमजोरियों का जिक्र किसी से मत किया करो,,,,
यहां लोग कटी पतंग को खूब लूटा करते है....#D

कहा वो पहले सी यारियां हैं,,,,
यहां सभी के सिर पर अब जिम्मेदारियां हैं....#D

बहुत खूबसूरत होते है वो जज़्बात,,,,
जो दूसरों की भावनाओं को समझ लेते है....#D

वहम था कि सारा बाग़ अपना है,,,,
तूफान आने के बाद पता चला कि सूखे पत्तों पर भी हक हवाओं का था😊😊👍👍🙏🙏.....#D

खुश रहिए, हमेशा मुस्कुराते रहिए😊😊,,,,
कहीं भी रहिए, ऐसे ही रहिए😊😊,,,,
और हमें चाहिए ही क्या,,,,
बस अपनी मौजूदगी दर्ज कराते रहिए😊😊👍👍....#D

और पढ़े