लेखक की लिखी उपन्यासों में अनुराधा, हमनशी, जीवनधारा, सोनाझुरी और कबीगुरु, वह स्त्री थी या ज़िन्न, आदि काफी लोकप्रिय हैंl इनकी लघुकथाओं का संकलन - स्पर्श; आठ कहानियां दिल से दिल तक- पुस्तक के रूप में amazon, flipkart एवम BlueRose से प्राप्त किया जा सकता हैl देश की प्रसिद्ध पत्र-पत्रिकाओ, वेबसाइट्स, YouTube, Amazon Prime Music, Spotify, Jio Saavn पर भी इनकी रचनाएं उपलब्ध हैl

Shwet Kumar Sinha मातृभारती सत्यापित कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी प्रेरक
7 दिन पहले

पर्वत पुरुष दशरथ मांझी, जिन्होंने केवल हथौड़ा और छेनी की मदद से गया(बिहार) के गहलौर पहाड़ काटकर सड़क बना डाला जिसका परिणाम यह हुआ कि 55 किलोमीटर का रास्ता 15 किलोमीटर में तब्दील हो गया। ऐसे महान पुरुष को शत–शत नमन।
इसी गहलौर घाटी से गुजरते वक्त आज मेरी मुलाकात दशरथ मांझी के पुत्र श्री भगीरथ मांझी से हुई। बातचीत के क्रम में मेरी लिखी पुस्तक "स्पर्श" पर भी चर्चा निकली। संयोग से पुस्तक की एक प्रति मेरे साथ थी। बहुत गौरवान्वित महसूस हुआ जब इन्हे पुस्तक की प्रति सौंप रहा था। कैमरे में कैद किए गए कुछ स्मरणीय क्षण आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूं।
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Shwet Kumar Sinha मातृभारती सत्यापित कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी प्रेरक
7 दिन पहले

पर्वत पुरुष दशरथ मांझी, जिन्होंने केवल हथौड़ा और छेनी की मदद से गया(बिहार) के गहलौर पहाड़ काटकर सड़क बना डाला जिसका परिणाम यह हुआ कि 55 किलोमीटर का रास्ता 15 किलोमीटर में तब्दील हो गया। ऐसे महान पुरुष को शत–शत नमन।
इसी गहलौर घाटी से गुजरते वक्त आज मेरी मुलाकात दशरथ मांझी के पुत्र श्री भगीरथ मांझी से हुई। बातचीत के क्रम में मेरी लिखी पुस्तक "स्पर्श" पर भी चर्चा निकली। संयोग से पुस्तक की एक प्रति मेरे साथ थी। बहुत गौरवान्वित महसूस हुआ जब इन्हे पुस्तक की प्रति सौंप रहा था। कैमरे में कैद किए गए कुछ स्मरणीय क्षण आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूं।
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Shwet Kumar Sinha मातृभारती सत्यापित कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी प्रेरक
7 दिन पहले

पर्वत पुरुष दशरथ मांझी, जिन्होंने केवल हथौड़ा और छेनी की मदद से गया(बिहार) के गहलौर पहाड़ काटकर सड़क बना डाला जिसका परिणाम यह हुआ कि 55 किलोमीटर का रास्ता 15 किलोमीटर में तब्दील हो गया। ऐसे महान पुरुष को शत–शत नमन।
इसी गहलौर घाटी से गुजरते वक्त आज मेरी मुलाकात दशरथ मांझी के पुत्र श्री भगीरथ मांझी से हुई। बातचीत के क्रम में मेरी लिखी पुस्तक "स्पर्श" पर भी चर्चा निकली। संयोग से पुस्तक की एक प्रति मेरे साथ थी। बहुत गौरवान्वित महसूस हुआ जब इन्हे पुस्तक की प्रति सौंप रहा था। कैमरे में कैद किए गए कुछ स्मरणीय क्षण आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूं।
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Shwet Kumar Sinha मातृभारती सत्यापित कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कहानी
1 महीना पहले

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Shwet Kumar Sinha मातृभारती सत्यापित कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कहानी
1 महीना पहले

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Shwet Kumar Sinha मातृभारती सत्यापित कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कहानी
2 महीना पहले

क्या आपको पता है कि कोई है जो आपके बिस्तर के नीचे रहता है?? उसकी खूंखार और डरावनी आँखें हर वक़्त आपको घूरती रहती है!!
क्या आपको पता है कि आप अपने ही घर में कई ऐसे लोगों के साथ निवास करते हैं, जिन्हे आप नहीं पहचानते??
क्या आपको भी घर में रखी वस्तुएँ अपनी जगह पर नहीं मिलती?? ऐसा लगता है मानो किसी ने जानबूझकर उसे वहाँ से हटा दिया हो! कभी सोचा है ऐसा क्यूँ है???
इन सारे सवालों का जवाब जानने के लिए पढ़ें – "ये तेरा घर ये मेरा घर"
COMING SOON ON MATRUBHARTI

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Shwet Kumar Sinha मातृभारती सत्यापित कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी रोमांस
2 महीना पहले

Today is Friendship Day.
But I didn't wish my best friend bcoz we're best enemy now. 💔

-Shwet Kumar Sinha

"वैसे मानव हो या कुत्ते, बिन बुलाए मेहमान किसी को पसंद नहीं आते।" – स्पर्श; आठ कहानियां दिल से दिल तक

कैसी विडंबना है जिस पिता के कांधे पर बैठ दुनिया–जहां देखा, उसी पिता को कांधे पर लाद इस दुनिया से रुखसत करना पड़ा। 😔
जिस पिता ने अपने हाथो से कभी कोर करके खिलाया, हाड़–मांस कांप गए थे जब उनके मुख में अग्नि देनी पड़ी।😔
जिनका नाम भी बिना "श्री" के लेना पाप–सा महसूस होता था, उनके नाम से पहले "स्वर्गीय" लिखा देख आंखों पर यक़ीन नहीं हो रहा। 😔
पढ़े–लिखे होने की एक खामी आज पता चली कि विवेक ने बड़ी आसानी से सबकुछ स्वीकार लिया। हालांकि अवचेतन मन को आत्मसात करने में न जाने कितना वक्त लगेगा जो अभी भी वस्तुस्थिति के प्रति सहज नहीं है।
अपनी जद्दोजहद स्थिति की परवाह किए बगैर आपने जिस मुकाम पर मुझे आज पहुंचाया, ताउम्र ऋणी रहूंगा।
पापा आप जहां भी रहें, ईश्वर आपकी आत्मा को शांति प्रदान करें।
🙏🌹🙏ओम शांति🙏🌹🙏

लेखक: श्वेत कुमार सिन्हा
पुस्तक : स्पर्श, सात कहानियां दिल से दिल तक

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Shwet Kumar Sinha मातृभारती सत्यापित कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी ब्लॉग
3 महीना पहले