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हाय, मातृभारती पर इस कहानी 'जिन की मोहब्बत...- 7' पढ़ें
https://www.matrubharti.com/book/19871480/jin-ki-mohbbat-7

हाय, मातृभारती पर इस कहानी 'जिन की मोहब्बत - भाग 6' पढ़ें
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हाय, मातृभारती पर इस कहानी 'जिन की मोहब्बत... - भाग 5' पढ़ें
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हाय, मातृभारती पर इस कहानी 'जिन की मोहब्बत.. - भाग 4' पढ़ें
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हाय, मातृभारती पर इस कहानी 'जिन की मोहब्बत - भाग...3' पढ़ें
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हाय, मातृभारती पर इस कहानी 'जिन की मोहब्बत भाग...- 2' पढ़ें
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My Story DAWONLOD KRE Or padhe ..Jin ki Mohbbat bhag 1


हाय, मातृभारती पर इस कहानी 'जिन की मोहब्बत... - भाग 1' पढ़ें
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Last part Pdhe or Dawonlod Zaroor kre

हाय, मातृभारती पर इस कहानी 'अब नहीं सहुगी...भाग 15' पढ़ें
https://www.matrubharti.com/book/19870424/ab-nhi-sahugi-15

ए खुद क्यू किया ऐसा सितम मुझ पर तूने...?
छीन के साया बाप का मुझे तन्हा क्यू किया तूने।
तू जानता है दुनिया अकेले जीने नहीं देती ।
फिर क्यू अकेला छोड़ दिया मुझे तूने।
देखे है रिश्ते ज़माने में हमने मगर ।
जो राहत बाप के साथ होने से दी है तूने।
वो तासीर किसी ओर रिश्ते में नहीं डाली तूने।
मोहब्बत मां के अचाल में डाली बहुत तूने।
मगर बाप के जाने से दुनिया जो मेरी सुनी की है तूने
ए खुदा क्यू किया ऐसा सितम मुझ पर तूने...?



साया था सर पे बाप का तो कितनी खुशनसीब थी में।
हर खुशी हर घम में हस्ती चेहक ती फिरती थी में।
कभी मायूस मुझे अकेला छोड़ नहीं पापा ने।
खुशियों का मेरी बहुत ख्याल रखा है मेरे पापा ने ।
समझाउ किसे अब अपने दिल के ये जज़्बात ।
पापा बिना सारी खुशियां खो चुकी हूं मैं...!

                                     Miss u Papa

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plzz..Dawolod my Story हाय, मातृभारती पर इस कहानी 'अब नहीं साहूगि...भाग 14' पढ़ें
https://www.matrubharti.com/book/19870274/ab-nhi-sahugi-14