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Ruchi Modi Kakkad कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
2 सप्ताह पहले

हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏

Ruchi Modi Kakkad कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी विचार
3 महीना पहले

हाय!
दिल दे बैठी मैं उस दिलफरेब को,
जिसके सिर पहले से ही इल्ज़ाम था दिल तोड़ का।
पिया तो चले गए दूसरी गली, किसी और का दामन थामे।
बस! रह गई पी कि पीर, मेरे सिरहाने।।
भावनाओं के बाजार में जब मोल-भाव हुआ तो पता चला,
तू तो नुकसान कर बैठी पगली।
तू तो नुकसान कर बैठी पगली।।


#नुकसान

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Ruchi Modi Kakkad कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी विचार
3 महीना पहले

हैरान हूं मैं यह सोच कर कि,
आहत हूं मैं यह देख कर,
जीने के लिए *सामान* जरूरी है कि
*सामान* इस्तेमाल करने के लिए जीना जरूरी है।
कशमकश से जूझ रही हूं यह देख कर कि
समय केवल गुज़र रहा है कि
जिंदगी मानो एक कोने में पड़ी है
सामान की तरह ही।।
#सामान

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Ruchi Modi Kakkad कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी विचार
3 महीना पहले

हैरान हूं मैं यह सोच कर कि,
आहत हूं मैं यह देख कर,
जीने के लिए *सामान* जरूरी है कि
*सामान* इस्तेमाल करने के लिए जीना जरूरी है।
कशमकश से जूझ रही हूं यह देख कर कि
समय केवल गुज़र रहा है कि
जिंदगी मानो एक कोने में पड़ी है
सामान की तरह ही।।

#सामान

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Ruchi Modi Kakkad कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
3 महीना पहले
Ruchi Modi Kakkad कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
3 महीना पहले
Ruchi Modi Kakkad कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी विचार
3 महीना पहले

उन्नत शहर में कहां, उन्नति संभव होती है।
उन्नति वहां संभव होती है, जहां हृदय की अनुमति होती है।।
#उन्नति

Ruchi Modi Kakkad कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी विचार
5 महीना पहले