New beginning...

तमन्नाओं का सैलाब वहीं रुका था,
Rohit
जहाँ तक मेरे प्यार का दायरा था.

वक़्त को भी समझ आ गई वक़्त की नजाकत,
Rohit
फिर भी होठों से हो गई होठों पर हरकत.

रूह से रूह मिलाया करो,
अब और वक़्त ना जाया करो,
Rohit
बेचन हर पल आपसे मिलने को रहते हैं,
किसी दिन तो आप मिलने बुलाया करो.

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हर सवाल का जवाब बस यही है,
Rohit
तुम्हारे साथ से जिन्दगी सही है.

किरदार भी शानदार था,
तभी तो एक एक पल जानदार था.
Rohit
हसते हसते कट रही थी जिंदगी,
ऐसा साथ था वो, जो दिलदार था.

सब कुछ पा लिया हे .. तुमसे इश्क करके ..!
कुछ रह गया हे तो .. वो बस तुम ही थे ..!!