ज़िन्दगी कविता या कविता ज़िन्दगी यही सोचते हुए उम्र के पल गुजार दिए ,जो दिल देखता सुनता है लिख देती हूं .ज़िंदगीनामा वेबसाइट है मेरी और कुछ मेरी कलम से ब्लॉग काव्यसंग्रह 2 अपने और 15 सांझे पब्लिश हो चुके हैं . पर कलम अभी भी कहती है कि बहुत कुछ लिखना बाकी है .

Ranju Bhatia verified बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
5 महीना पहले

रंग फागुन (होली ) के
या हो कुदरत के
जीवन में उतर ही जाते हैं
लाल टेसू मन में उमंग
और पीले पीले गुलमोहर
एक छाप दे जाते हैं
धानी चुनर ओढ़ के जब
खेत लहलहाते हैं
बदरंग होती ज़िन्दगी में
यह अपना असर छोड़ जाते हैं !

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Ranju Bhatia verified बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
5 महीना पहले

क्यों तुम्हारे साथ बिताई

हर शाम मुझे

आखिरी सी लगती है....

जैसे वक्त कॉच के घर को

पत्थर दिखाता है...!!

Ranju Bhatia verified बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
5 महीना पहले

मस्ती के रंग
छलके आँखों में
ये है आहट
शायद होली की...

Ranju Bhatia verified बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
6 महीना पहले
Ranju Bhatia verified बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
7 महीना पहले

कोई तो होता ......
दिल की बात समझने वाला
सुबह के आगोश से उभरा
सूरज सा दहकता
रात भर चाँद सा चमकने वाला....

Ranju Bhatia verified बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
7 महीना पहले

निकले थे घर से
ले कर
किसी समुंदर का पता
पर कभी उसके साहिल तक को
छू भी ना पाए
हाथ में आई सिर्फ़ रेत मेरे
और लबो पर हैं
अनबुझी प्यास के साये....

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Ranju Bhatia verified बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
7 महीना पहले

तुम भी .......
भावनाओ में जीते हो?
अहसास इसका
तब हुआ मुझको.
जब गिने दिन
तुमने हमारी मुलाक़ातो के,
प्यार के, बातो के,
और उन सपनो के............
जो सच नही होने थे शायद..............?

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Ranju Bhatia verified बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी प्रेरक
7 महीना पहले

"शेडो "बहुत बड़ी हकीकत होती है चेहरे भी हकीकत होते हैं ,पर कितनी देर ? शेडो जितनी देर तक आप चाहे चाहे तो सारी उम्र उम्र बीत जाती है पर वह ख्यालो में आने रुकते नहीं ,बल्कि जाने के बाद और भी याद आते हैं और यह शेडो हर शरीर के नियम से आज़ाद होती है

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Ranju Bhatia verified बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
7 महीना पहले

बूंद बूंद मेह टपकता रहा टिप टिप यादें दस्तक देती रही
गुजर गया यह साल भी कुछ नफे नुक्सान की पोटली थमा कर
नए साल की आहट उम्मीद की सांस पर नए गीत शब्दों में बुनती रही

रंजू भाटिया

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Ranju Bhatia verified बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
7 महीना पहले

ज़िन्दगी हर कदम पर नया रंग दिखायेगी
गीत लिखते हुए नया यह उस से जुड़ जायेगी