रामानुज 'दरिया' गोण्डा अवध उत्तर प्रदेश।पिता जी - श्री श्याम सगुन तिवारी,माता जी श्रीमती कुसमा देवी, ग्राम-दरियापुर माफी,पोस्ट-देवरिया अलावल,जिला-गोण्डा l साहित्य का उद्देश्य सिर्फ़ हंगामा खड़ा करना नहीं होता शर्त यह है कि सूरत बदलनी चाहिए।

Ramanuj Dariya कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी शायरी
2 सप्ताह पहले

जब से दिल में उतरने लगे हो तुम
मेरी कलम से निकलने लगे हो तुम

"दरिया"

Ramanuj Dariya कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी शायरी
2 सप्ताह पहले

हुस्न बेकरार बहुत है
लव पे इकरार बहुत है
आ बैठ पास जिंदगी
आज इंतजार बहुत है।

-Ramanuj Dariya

Ramanuj Dariya कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी विचार
1 महीना पहले

लक्ष्य प्राप्ति के लिये साधन नहीं साधना की जरूरत होती है।

-Ramanuj Dariya

Ramanuj Dariya कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी शायरी
2 महीना पहले

समय के साथ जीने के सलीके बदल जाते हैं साहब
जो जान देने की बात करते थे आज लेने पे उतर आए हैं

-Ramanuj Dariya

Ramanuj Dariya कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी शायरी
2 महीना पहले

कि एक सिगरेट मेरे लिये भी जलाओ
जिंदगी को बुझाने से फायदा क्या है

क्या इश्क ने तुम्हें सिखाया नहीं दरिया
बेवफ़ाई निभाने का कायदा क्या है।

-Ramanuj Dariya

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Ramanuj Dariya कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी शायरी
2 महीना पहले

खुद पर मुझे अब एतबार हो गया
तुझे देखा तो मुझे प्यार हो गया।

भले बाहों से बाहें न मिले कभी
पर नयनों से प्यार बेसुमार हो गया।

तुम जिंदगी की सबसे अजीज़ हो
तेरी छुवन से मुझे प्यार हो गया।

-Ramanuj Dariya

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Ramanuj Dariya कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी शायरी
2 महीना पहले

प्रेम एक दूसरे के प्रति समर्पण का नाम है,
गुलामी का नहीं।

-Ramanuj Dariya

Ramanuj Dariya कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी विचार
2 महीना पहले

तूने दिया ही क्या है, ए - इश्क मुझे
चंद आँशु और एक टूटी हुयी कलम।

-Ramanuj Dariya

Ramanuj Dariya कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी शायरी
2 महीना पहले

जब तेरे बगैर करवा चौथ बीत गया ए- चाँद
फिर दिवाली क्या चीज़ है।

-Ramanuj Dariya

Ramanuj Dariya कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी शायरी
2 महीना पहले

बदनामियों से कौन डरता है यहां
इश्क परवान चढ़ कर तो आये।

-Ramanuj Dariya