માતૃભારતી પર રાકેશ ઠક્કરની ૪૮ પ્રકરણ સુધી ચાલેલી નવલકથા રેડલાઇટ બંગલોના 1.32 લાખથી વધુ ડાઉનલોડ થઇ ચૂક્યા છે ત્યારે નવી નવલકથા "લાઇમ લાઇટ" ને આથી વધુ પસંદ કરવામાં આવી છે. એક રહસ્યમય રૂપાળી યુવતીના હીરોઇન બનવાના સંઘર્ષ સાથે ફિલ્મી દુનિયાના અંધારાં-અજવાળાંની વાતો કરતી અને આ ક્ષેત્રના રાજકારણ, કાવા-દાવા, હવસ, પ્રેમ અને ઝગમગાટને આવરી લેતી આ નવલકથા સંપૂર્ણ કાલ્પનિક છે. અને કોઇ રોમાંચક, દિલધડક, રહસ્યમય ફિલ્મની જેમ તમને જકડી રાખશે એવી ખાતરી છે.

“जिंदगी की किताब में  धैर्य का कवर होना जरुरी है, क्यूँ की हर पन्ने को बांधकर रखता  है।”

“दुनिया मे पैर भिगोये बिना समुद्र तो पर किया जा सकता है , पर आँखे भिगोये बिना प्यार नही किया जा सकता।”

हम तो रात का मतलब समझें ख़्वाब, सितारे, चाँद, चराग़ 
आगे का अहवाल वो जाने जिस ने रात गुज़ारी हो 
- इरफ़ान सिद्दीक़ी

और पढ़े

उनके साथ जीने का एक मौका दे दे ऐ खुदा
तेरे साथ तो हम मरने के बाद भी रह लेंगे​

मुस्कुराते रहोगे तो दुनिया आपके क़दमों में होगी
वरना आंसुओं को तो आँखें भी पनाह नहीं देती

हम भी बरगद के दरख़्तों की तरह हैं
जहाँ दिल लग जाए वहाँ ताउम्र खड़े रहते हैं

तेज रफ़्तार जिंदगी का ये आलम है दोस्तों
सुबह के गम भी शाम को पुराने लगते हैं

दो गज़ ज़मीन सही मेरी मिल्कियत तो है
ऐ मौत तूने मुझको ज़मींदार कर दिया

प्रेम से रहो दोस्तों जरा सी बात पे रूठा नही करते 
पत्ते वही सुन्दर दीखते है जो साख से टूटा नही करते 

कद इतना छोटा रखिए कि सभी आपके साथ बैठ सकें, और व्यक्तित्व इतना बड़ा रखिए कि जब आप खड़े हो, तो कोई बैठा न रह सके। 

और पढ़े