માતૃભારતી પર રાકેશ ઠક્કરની ૪૮ પ્રકરણ સુધી ચાલેલી નવલકથા રેડલાઇટ બંગલોના 1.32 લાખથી વધુ ડાઉનલોડ થઇ ચૂક્યા છે ત્યારે નવી નવલકથા "લાઇમ લાઇટ" ને આથી વધુ પસંદ કરવામાં આવી છે. એક રહસ્યમય રૂપાળી યુવતીના હીરોઇન બનવાના સંઘર્ષ સાથે ફિલ્મી દુનિયાના અંધારાં-અજવાળાંની વાતો કરતી અને આ ક્ષેત્રના રાજકારણ, કાવા-દાવા, હવસ, પ્રેમ અને ઝગમગાટને આવરી લેતી આ નવલકથા સંપૂર્ણ કાલ્પનિક છે. અને કોઇ રોમાંચક, દિલધડક, રહસ્યમય ફિલ્મની જેમ તમને જકડી રાખશે એવી ખાતરી છે.

अजीब लोग हैं ख्वाहिश तो देखिए इनकी
हैं पाँव कब्र में लेकिन उमंग है दुनिया

पत्नी - घर जल्दी आ जाना, मुर्गा बनाऊँगी!
😗😎😗😎😗😎
पति confuse है.?? 😃

जबकि फ़ानी है जहाँ की हर चीज़
फिर ये इंसान मचलता क्यों है

कोई तो है जो बचाता है उसे
वर्ना फिर गिर के सम्भलता क्यों है

तुम न समझोगे दिया मिट्टी का
तेज़ आँधी में भी जलता क्यों है
सिया सचदेव

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असफल हों या सफल हों, पर आस मर न जाये
बेशक हों तृप्त लेकिन यह प्यास मर न जाये।

तुम्हें ज़रूर कोई चाहतों से देखेगा
मगर वो आँखें हमारी कहाँ से लायेगा
बशीर बद्र

पत्तों से चाहते हो बजें साज़ की तरह
पेड़ों से आप उदासी तो लीजिए
दुष्यंत कुमार

अफ़सोस न दुनिया का, शिक्वा न ज़िन्दगी से
छोटी सी उम्र पायी, काटो हँसी ख़ुशी से
मनु भारद्वाज

अपने दिल में उतर कर देख ज़रा
दर बदर ढूँढ़ता कहाँ है ख़ुदा

हरेक युद्ध किसी संधि पर समाप्त हुआ
अमन की राह हमेशा प्यार से निकल
जहीर कुरैशी

ख़त्म बुराई कैसे होगी,
अच्छे जल्दी मर जाते हैं।
सज्जन' धर्मेन्द्र