आधी रात नीखंड की लोक नगर के सोए
जिसको चिंता यार कि वह कहां से सोए

प्यार और मौत से डरता कौन है...
प्यार तो हो जाता है इसे करता कौन है...
हम तो कर दें प्यार में जान भी कुर्बान...
पर पता तो चले हमसे प्यार करता कौन है...रावण

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मर जाए हम तो फरियाद मत करना...
आज याद नहीं करते तो कल भी याद मत करना...
माना के आज वक्त नहीं हमारे लिए आपके पास...
जिंदगी में कभी वक्त मिले तो हम पर बर्बाद मत करना...रावण

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हर एक मुलाकात पर वक़्त का तक़ाज़ा हुआ...
जब से उसे देखा दिल का दर्द ताज़ा हुआ...
सुनी थी सिर्फ़ गज़ल में जुदाई की बातें...
आज खुद पर बीती तो हक़ीक़त का अंदाज़ा हुआ...रावण

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सुहाना मौसम ओर हवा मे नमी होगी...
आँसुओ की बहती नदी होगी...
मिलना तो हम तब भी चाहेगे आपसे...
जब आपके पास वक्त और हमारे पास सासों कि कमी होगी....®™

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जमीन पे चल न सका आसमा से भी गया...
कटा के पर वो परिन्दा उडान से भी गया...
पराई आग में कूदा तो कया मिला उसे...
बचा भी न सका और अपनी जान से भी गया...रावण

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ज़िन्दगी की सारी शिकायत.
ऐसे ही ठीक हो जाएँ.
अगर लोग.......
एक दूसरे के बारे में बोलने की जगह...
एक दूसरे से बोलना सीख लें...®™

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आप से जब से हमारी यारी हो गई,
दुनिया और भी हमारी प्यारी हो गई,
इस से पहले हम किसी भी चीज के आदी न थे,
पर अब आप को याद करने की बीमारी हो गई ...®™

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जिन्हें ग़लत ही समझना होता है वो आपके मौन का भी ग़लत अर्थ निकाल सकते है..®️™️

सुन पगली,
तेरी याद बिल्कुल मेरे परफ्यूम की तरह है,
जब भी आती है, ज़िन्दगी महक जाती है..R@j