मैं प्रदीप कुमार साह विशुद्ध सृजनात्मक सामाजिक व्यवस्था, सुधि पाठकों की रूचि और इस साहित्यिक कार्यक्षेत्र के सहयोगियों, विशेषकर मातृ भारती प्रकाशन के बारंबार आग्रह एवं व्यवस्थानुरूप अपने दायित्व का नतमस्तक होकर सम्मान करते हुये अपने सर्वोत्तम जानकारी अर्थात अपने समझ, विश्वास और मति के अनुरूप अपना परिचय प्रस्तुत करता हूँ. सुधि पाठकों के समक्ष उनके आशा के प्रतिकूल स्वयं को लेखक-कवि अथवा साहित्यकार या पत्रकार के गुण-धर्म और उपाधि से रहित सामान्य बुद्धि-बल, विवेक-कौशल, चेतना और कृशकाय शरीर वाला एक युवक मात्र प्रस्तुत करते हुए मुझे रंचमात्र भी गुरेज अर्थात लज्जा, असुविधा अथवा खेद नहीं हो रहा. मेरी राष्ट्रीयता भारतीय है और मैं एक सामान्य सनातनी हिन्दू परिवार से हूँ तथा स्वयं को समाजिक सहस्तित्व में विश्वास रखने वाला, स्वानुशासन और स्वकर्तव्य पालन करने में विश्वास रखने वाला एक सामान्य सनातनी हिन्दू मानता हूँ. किंतु स्वयं को उदंड-गंभीर प्रकृति लेखक अथवा प्रेमी-विद्रोही प्रकृति कवि या अन्यान्य उपाधि योग्य नहीं मानता परंतु औरों अर्थात साहित्यिक कार्यक्षेत्र अथवा व्यवसायिक सहकर्मियों की नजर में उनके नजरिये से कुछ भी हो

बाइट्स  उपलब्ध नही.

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