કોઇ લેખક નથી , શોખ ખાતર લખુ છું ને આનંદમાં રહું છું...હા વાંચન કરવુ ગમે છે ને વાંચવાની ટેવ છે.દેખાવ કરતા આવળતું નથી.જે હોય તે મોઢા પર મુસ્કાન રાખી કહી દેવાની આદતછે.....

पैर की मोच
और
छोटी सोच ,
हमें आगे
बढ़ने नहीं देती ।

दुनिया में सब चीज
मिल जाती है,......
केवल अपनी गलती
नहीं मिलती..

तज़ुर्बा है मेरा....
मिट्टी की पकड़ मजबुत होती है,
संगमरमर पर तो हमने .....
पाँव फिसलते देखे हैं...!

अच्छे व्यक्ति के साथ संबंध,
उस "गन्ने "के समान है,
जिसे आप तोड़ो,मरोड़ो, काटो,
आपको उससे मीठा रस ही मिलेगा।

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बोल मीठे ना हों तो
हिचकियाँ भी नहीं आती....
घर बड़ा हो या छोटा
अगर मिठास ना हों तो क्या......
चींटियां भी नहीं आती...

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समय बहाकर ले जाता है
नाम और निशान...
कोई हम में रह जाता है
कोई अहम में रह जाता है..

समझदारी से तो रिश्ते निभाए जाते हैं जनाब
प्यार तो पागलपन की हद गुजरे तब पता चलता है।

वक्त का हसीन नजराना था
मौसम कुछ शायराना था
बैठे थे हम भी बाजार में
लेकिन ख्वाबों को तो
उन्हीं का बहाना चाहिए था

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स्वर्गमें सब कुछ हैं,
लेकिन मौत नहीं है।

गीता में सब कुछ हैं,
लेकिन झूठ नहीं है।

दुनिया में सब कुछ हैं,
लेकिन किसी को सुकून नहीं
और
आज के इंसान में सब कुछ है,
लेकिन सब्र नहीं है।

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अजनबी अंजान सा है
पर कुछ अपनासा लगता है
ना जाने कौन है और
कहां से आया है
कुछ बोले बगैर ही
दिल के राज खोल देता है
कोई अंजाना है
जो अपना सा लगता है ।

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