" ચિત્ર એ મૂંગી કવિતા છે અને કવિતા એ બોલતું ચિત્ર છે. " - જી. ઈ. લેસીંગ્ટન

Guljar ki yadein.....

जिंदगी गुलज़ार है....!

जरूरी नही हर बात लफ्ज़ो से बयाँ हो..
कभी नज़र का इशारा भी समझ जाया करो....

बुलाने पर भले ही ना आ पाओ तुम..
कभी ख्वाबो में ही मिलने आया करो....

- परमार रोहिणी " राही "

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Gulzar ki shayari....

Gulzar ki yadein.....

जिंदगी गुलज़ार है......!

अब तो मौत की तारीख भी तय कर लेंगे हम

जरा जिंदगी से पूछ लू वो कब खत्म होना चाहती है....

- परमार रोहिणी " राही "

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हर रोज उगते सूरज को साम से मिलने के लिए ढलते हुए देखा है।

एक ओर बातीकी बात रखने के लिए मैंने मोम को रोम रोम जलते हुए देखा है।।

- परमार रोहिणी " राही "

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पैरों मैं जब पायल सजाई मैंने,
उस पायल ने नाम तुम्हारा लिया।

हाथों मैं मेहंदी लगाई मैंने,
मेंहदी मैं रंग तुम्हारे नाम से निखरा।

- परमार रोहिणी " राही "

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मेरी भी ख्वाहिश थी कि इस चाँदनी रात मैं तुम आओगे..
आ कर इस ख़ुशनुमा पल मैं चलती हवा के साथ झूला झूलाओगे....

क्या खबर थी तुम्हारी राह यही खत्म हो जाएगी..
और हमारा दामन यू छोड़कर दूर चले जाओगे....

- परमार रोहिणी " राही "

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