કંઈક કાચીંડા ઘાયલ થયા રંગ મારી જિંદગી ના જોઈને..

बाहर का रंग-रूप अंतर्मन के हाल को थोड़ी न दर्शाता होगा..

मोर को देखकर कौन कह सकता हैं कि वह सांप खाता होगा!

तुम पर गजल लिखू तो सही पर लिखी कहा जाती हे
जब जब कलम उठा ता हू
तेरी तस्वीर बन जाती हे.....

#लिख दूँ तेरी #हथेली पर वो लफ्ज,

जिसे कहने को तु और #सुनने को मै #बेकरार हूँ ..

जो महसूस करते हैं... बयाँ कर देते हैं...
हमसे लफ़्ज़ों की दगाबाज़ी नहीं होती...!!.

नियत तो हमारी बस, तुम्हें चाहने की है..!

नियती को क्या मंजूर है, ये तो रब ही जाने..!!

अगर इज्ज़त का डर हो तो,
मोहब्बत करना छोड़ दे...

इश्क की गलियों में आओगे तो,
चर्चे ज़रूर होंगे....💕

उम्र से कोई लेना देना
नहीं होता....
जहां विचार मिलते है वही
सच्चा प्रेम होता है....😍