शायरो कीबस्ती में क़दम रखा तो जाना, गमो की महफिल भी क्या खूब जमती है...

तेरी हर बात मोहब्बत में...

तेरी हर बात मोहब्बत में गंवारा करके;
दिल के बाज़ार में बैठे हैँ ख़सारा करके;

एक चिंगारी नज़र आई थी बस्ती में उसे;
वो अलग हट गया आँधी को इशारा करके;

मुन्तज़िर हूँ कि सितारों की ज़रा आँख लगे;
चाँद को छत पे बुला लूँगी इशारा करके;

मैं वो दरिया हूँ कि हर बूँद भंवर है जिसकी;
तुमने अच्छा ही किया मुझसे किनारा करके।

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ऐ!! ख़ुदा तुने ये अजीब कशमकश मे डाल दिया
है!!
हमें किसी और से मोहब्बत है और हम से
कोई ओर करता,
अब हम करे तो करे क्या ?

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गोकुल में जो करे निवास;गोपिय संग जो रचाए रास;देवकी-यशोदा है जिनकी मैया;ऐसे ही हमारे कृष्ण कन्हैया!जय श्री कृष्णा!

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जीने की उसने हमें नई अदा दी है,
खुश रहने की उसने दुआ दी है,
आये खुदा उसको सारा जहाँ देना,
जिसने अपने दिल मे हमें जगह दी है…

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दिल कि बातों का कहा दिल से लगाया नही जाता?
ये बातों को कहा सूनाया
जाता है ?
कोई सुना नहीं चाहता तो
कोई सुनाना नही चाहता?ये वो दिल के जज़्बात है
जो दिखया नही जाता?

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वो इंसान बहुत था प्यारा सा, दो लफ्ज़ उससे कहने थे…उलझा था वो कहीं खुद में, कुछ जज्बात उसके ज़हन में थे…मैं कहता कहीं, वो सुनता कहीं…मैं गुनता कुछ, वो कहता कहीं…अच्छा हुआ कुछ ना ही कहा…वो हर्फ़ किसको पढने थे…वो इंसान बहुत था प्यारा सा, दो लफ्ज़ उससे कहने थे…

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मतलबी युग की मतलबी दुनिया हे।
साहब,
सोंचा थोड़ा हम भी क्यू न खुद के लिए मतलबी हो जाये ?

जहाँ कोई जाना नहीं चाहता.!
हम वहाँ जाने के बाद कभी
वापस आना चाहते.!
यही बात हम किस को बताना भी नही चाहते.!

खास तो हम भी हुआ करते थे कभी उनके लिए
पर आज उनके लिए कोई और खास हो गया

प्यार के मोड पर मिल गये हो अगर,यु हि मिलने मिलाने का वादा करो,हम ने माना मोहब्बत का दस्तुर है,हुस्न कि हर अदा हम को मन्जुर है,रुठना है जरुरी तो रुठो मगर, बाद मे मान जाने का वादा करो.

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