शायरो कीबस्ती में क़दम रखा तो जाना, गमो की महफिल भी क्या खूब जमती है...

लिख ने की यु बात न थी
पर हृदय की महत्वाकांक्षा ओ ने प्रेरणा दी।।
आपकी प्रतिमा को देख।।

रात ये कोई आखिर तो नहीं
तुम हो कोई और नहीं
याद हो हर रात की
धड़कन हो हर बात की..!

दिल की गहराइयों में बसता है
इश्क
आँखो से कहेता है
बहुत कुछ इश्क
लबों पर तो अलफाज रुक जाये
तब बयाँ होता है
इश्क
इशारे की ही भाषा
समझता है
इश्क
सब छुपा के भी दिखाता है
इश्क
हर रिश्ते मे होना जरूरी है
इश्क
जींदगी अधूरी है
अगर न करो तो इश्क
जींदगी है मधुरी तो है
इश्क

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क्या खूब मजंर हुआ
दिल की बंजर जमीन पर प्यार का फुल खिला के
पीठ मे पीछे खंजर उतार गया..
।।वो जालिम।।

हर चीज वैसे तो तकलीफ दे ही होती है
अगर हम उसे तकलीफ समझते है तो...

ये शराब की तरह हो तुम
शाम जभी मिलते हो नशा
अपने आप हो ही जाता है
अगर तु छु भी ले तो जिस्म
डगमगा जाता है
अपने आप
देख भी लो हमे तिरछी नजर से तो भी
नशे मे रही जाती
अपने आप
हाथ से गलाश पकड़ ने की जरूरत ही नही होती
तु ही पीला देते हो होठों से
अपने आप
हर शाम ऐसे ही रुक जाया करना तु अपने आप

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दूर होकर भी तुम पास हो
सोचो तुम मेरे लिये कितने खास हो
क्योकि तुम मेरे जीने की
आस हो
मेरे दिल के पास हो
मेरे सीने की सांस हो
मेरी धड़कन के जज़्बात हो

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एक लम्हा भी तुम बिन नही कटता
ऐ रात कैसे काटेगी
तुम बिन...

हसरतें दिल की आज भी अधूरी है
मेरा कोई अपना ही मुझ से रुठा हे
अब केसे मनाऊं अपनो को जींदगी ही कहाँ पुरी है

ऐ रात उस रेगिस्तान से कम नहीं
वहाँ रेत ही रेत!!
यहाँ दिल मे यादें ही यादें