struggling writer ....

ज़ाहिल रह गयी हु अभी बहुत कुछ सीखना है,
स्कूल की पढ़ाई काम नही आई यारो उसकी आँखों को अभी पढ़ना सीखना है ।
"नीलम"

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शराब की दो बूँद और इक शबाब तेरा,
मैं मदहोश और दिल घायल मेरा 😍
"नीलम"

चल एक फायदे का सौदा करते है, जिसमे दोनो का फायदा हो ऐसी बात करते है, कर देती हूं सारी जिंदगी तेरे नाम,और तेरा नाम मेरे नाम करते है ।

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इक उलझन है प्यारी सी
इक ख़्वाब है अधूरा सा
इक मैं हूं लाचार सी
इक वो है अनजान सा।
"नीलम"
(to be continued...)

वो घण्टो बैठा रहा मेरा हाथ पकड़ कर शादी की रात।
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फिर मैंने उससे कहा ,कलाइयां,ज़ुल्फ़ें और लब भी हैं मेरे बदन में।

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कमबख़्त इस मौसम बारिश भी तेरे इक़रार की तरह निकली,
होने का नाम ही नही ले रही ।
"नीलम"

खामोशी को तोड़ दो लफ्ज़ कभी तू भी कह दे,
कुछ बोल न बोल गर मैं कहूं मोहब्बत है क्या मुझसे तो "कबूल है" बस इतना कह दे।
"नीलम"

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जल्दी अपनी मर्जी से कबूल कर लो मेरी मोहब्बत,
फिर मत कहना इस सावन महादेव से मांग लू जो तुम्हे ।
"नीलम"

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मोबाइल के हर फोल्डर में तस्वीर है तेरी,
इससे ज्यादा कुछ जायजाद नहीं मेरी ।

क्यू न तुम्हारी तस्वीर से ही मोहब्बत कर लूं मैं,
कम से कम जब देखो मुस्कुरा देती है ।