नीलिमा शर्मा निविया संपादक कवियत्री लेखिका है,हिन्दयुग्म से प्रकाशित "एक मुट्ठीभरअक्षर" सांझा लघुकथा संग्रह का संपादन, मातृभारती पर प्रकाशित हिंदी साहित्य के साँझाउपन्यास "आईना सच नही बोलता"की कथानक लेखिका संपादन संयोजन, वनिका प्रकाशन से प्रकाशित सांझा प्रेम कहानी संग्रह "खुसरो दरिया प्रेमका " का संपादन सहलेखन , 40 सांझा संग्रहों में कविताएं लघुकथा कहानी प्रकाशन .

मातृभारती ओर आपकी शब्दो भरी मित्रता हमेशा बनी रहे

मुड़कर नहीं देखते अलविदा के बाद
कई मुलाकातें बस इसी गुरुर ने खो दीं ...!!

बैठकर खामोश....
तुम्हें अब आजमाएंगे
देखते हैं...
अब हम तुम्हें कब याद आएंगें.

नज़र लग जाती है हर
पॉजिटिव अमीर चीजो को
काला धागा बांध दे कोई मेरे खून के रिश्तों को

"लेकर के मेरा नाम मुझे कोसता तो है,
नफरत में ही सही पर मुझे सोचता तो है !!"

thepurvai@gmail.com

कविता कहानी लेख आमंत्रित है

कुछ उपहार
जो उसने मुझे दिए
बन्द है बक्सों में
बस एक उदासी
मेरे दिल में
हर वक़्त
कायम रहती है
#निविया

बातें और रातें
तुम बिन उदास सौगातें