Like to write But took a long pause from it Now wanna resume my writtings and would Like to publish them If found situable

तेरे इंतजार में
हम हैं पलके बिछाए
ना जाने कब तुम
इधर नजर अाए.....
Namita

दिल ही दिल में उन्हें चाहते हम रहे ,
वह नादाँ समझ हमें बनाते रहे ।
हम तो उलझे रहे उनकी मोहब्बत में ,
हौले -हौले वो बेवकूफ बनाते रहे ।।
Namita

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उडने की चाह में ,
परिंदों ने पर नोंच डाले हैं ...
जला डालो दरिंदों को ,
मशालें ही मशालें है.....
Namita

यादों की दहलीज पर रखें हैं कदम....
प्यार में तेरे कहीं निकल न जाए दम....
Namita

अहम की दरों -दीवारों को
अब जरा ढह जाने दो ।
प्रेम की कश्ती को ...
दूर तक बह जाने दो ।।
तूफान जो उठा है ,
अब तक इस सीने में ,
आंखों में उमडे़ उस
सैलाब को सह जाने दो ।
Namita

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तुमसे तो अच्छी तेरी बेवफाई ।
शिद्दत से उसने जफा तो निभाई ।।
Namita

मेरी चाहतों में कशिश
गर है इतनी .....
एक दिन मेरे दर पर ,
तुझे आना पड़ेगा .....
Namita

शक नही कोई शुबह नही ...
प्यार किया कोई गुनाह नही ???
Namita

अगर जिंदगी तन्हाई है,
तो यह तन्हाई अच्छी नहीं .....
अपनों से की गर बेवफाई ,
तो यह बेवफाई अच्छी नहीं....

मैं अपने मन के जज्बातों की,
रोज कहानी लिखती हूँ।
कुछ लोगों की कहती हूँ ,
कुछ मन की करती हूँ ।।
Namita