Born n brought up in RSS Parivaar. Primary education @ Saraswati Shishu Mandir. Once trained Plant Pathologist. Later shifted to Public Health.Won first Kadambini Sahitya Mahotsav prize for story, "Thake Hare" & many more later. VO artist. worked at AIR Lucknow. Writing - God gift.

Meenakshi Dikshit बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
2 दिन पहले

हमें तो पता ही नहीं,
#संकट भी कुछ होता है?
हमारे साथ तो हर पल,
तुम्हारा हाथ होता है।
#कृष्ण

Meenakshi Dikshit बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
5 दिन पहले

दोस्त सिर्फ दोस्त होते हैं.
न लड़का न लड़की ,न स्त्री न पुरुष
न बड़े न छोटे, न अमीर न गरीब
न कड़वे न मीठे
वो सिर्फ दोस्त होते हैं.
कभी नहीं जांचते
सही गलत, वक़्त –बेवक्त
ऊँचा –नीचा, अपना पराया
हार-जीत , लाभ –हानि
बस खड़े रहते है हमारे साथ
आंधी- तूफ़ान, कड़ी धूप में
बारिश की रिमझिम या
सुबह की ओस में
क्योंकि, दोस्त सिर्फ दोस्त होते हैं.
दोस्त कभी कभी कर देते हैं
कड़वे सवाल,
क्योंकि वो हमारी चिंता करते हैं
हम उलझ जाते हैं
पर वो नाराज़ नहीं होते
क्योंकि, दोस्त सिर्फ दोस्त होते हैं

#HappyFriendshipDay to all my adorable friends

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Meenakshi Dikshit बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
2 सप्ताह पहले

प्रेम में कभी कुछ
#आधा अधूरा नहीं होता।
क्योंकि प्रेम कभी
#आधा अधूरा नहीं होता।
वो या तो सम्पूर्ण होता है
या फिर नहीं होता।

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Meenakshi Dikshit बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी प्रेरक
2 सप्ताह पहले

#श्रीरामकथा को जन जन के लिए सहज सुलभ कराने वाले महान संत कवि को सादर नमन।
"सीय राम मय सब जग जानी, करहुं प्रनाम जोरि जग पानी" सभी प्राणियों में साक्षात ईश्वर के वास की इससे सरल व्याख्या असंभव है 🙏
#तुलसीदास_जयंती #रामचरित_मानस #हिंदी_साहित्य #कालजयी_रचना

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Meenakshi Dikshit बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी विचार
2 सप्ताह पहले

छतनार पेड़ों की मोटी शाखाओं पर बंधे झूले,
पेंग भरती उत्साही सखियाँ,
मेंहदी रचे हाथ, नए कपड़े,
उबले चने और गेहूँ के,
गुड़ और चीनी के साथ बने व्यंजन,
दूर तक सुनाई देती सपेरों की बीन,
सावन बेटियों का महीना है,
#नागपंचमी उसका उत्कर्ष 🙏

#संचित_परम्परा #संचित_स्मृति

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Meenakshi Dikshit बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
2 सप्ताह पहले

तुम,
तुम्हारा साथ,
तुम्हारा हाथ,
तुम्हारी बात।

तुम,
तुम्हारी आंखें,
तुम्हारी दृष्टि,
तुम्हारे स्वप्न।

तुम,
तुम्हारे अधर,
तुम्हारी मुस्कान,
तुम्हारी बाँसुरी।

तुम,
तुम्हारा स्नेह,
तुम्हारा ताप,
तुम्हारी शीतलता।

तुम,
तुम्हारे स्वर,
तुम्हारे गीत,
तुम्हारा संगीत।

तुम,
तुम्हारा रूठना,
तुम्हारी अकुलाहट,
तुम्हारा मानना।

तुम,
तुम में डूबना,
तुम में तैरना,
तुम में घुल जाना।

यही तो जीवन है #कृष्ण ।।

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Meenakshi Dikshit बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
3 सप्ताह पहले

तुम नहीं,
तुम्हारी सरलता
#विलक्षण है।
तुम नहीं,
तुम्हारा स्नेह
#विलक्षण है।
तुम नहीं,
तुम्हारा अपनापन
#विलक्षण है।
तुम नहीं,
तुम्हारा होना
#विलक्षण है।
तुम नहीं,
तुम्हारा साथ
#विलक्षण है।
तुम नहीं,
तुम्हारी अनुभूति
#विलक्षण है।
तुम नहीं,
तुम्हारा मुझ को,
आवृत कर लेना
#विलक्षण है।
मैं नहीं,
मेरा तुम में होना
#विलक्षण है।

#कृष्ण

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Meenakshi Dikshit बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
1 महीना पहले

आओ #संतुलन बनाते हैं,
मेरी प्रीत और तुम्हारी रीत में।
आओ #संतुलन बनाते हैं,
मेरी हार और तुम्हारी जीत में।
आओ #संतुलन बनाते हैं,
तुम्हारी बाँसुरी और मेरे गीत में।
आओ #संतुलन बनाते हैं,
तुम्हारे मौन और मेरी वाचालता में।
आओ #संतुलन बनाते हैं,
दूर रहने और साथ जीने में।
आओ #संतुलन बनाते हैं,
खारे जल से भरे नयनों,
और मुस्कराते अधरों में।
यही तो जीवन है #कृष्ण ।।

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Meenakshi Dikshit बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
1 महीना पहले

केवल चलती सांसों को ही
#ज़िंदा होना नहीं कहते।
#ज़िंदा होने के लिए,
थोड़ा ज़िंदापन और,
ज़िंदादिली भी चाहिए।
#ज़िंदा

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Meenakshi Dikshit बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
1 महीना पहले

लीलाधर की माया ने,
रचा विश्व यह मर्त्य,
हम मूरख ढूंढे फिरैं
#वास्तविक नेह अमर्त्य।।