આનંદ મા રહો.@

चलों ,चला चली का खेल निराला जिंदगी,
कुछ सांसे महेफुस हो, इबादत में जिंदगी;

अलविदा तो होता ही है, मुसाफ़िर होने पर,
याराना सफ़र हो खुशहाल, हर पल जिंदगी;

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रंग ए नूर आशियाना तेरा गजब
इबादत फकत , लहद हो गजब

हकीक़त है हुनर ए इश्क
फना हो जानेकी, फितरत गजब

बहेतर है कुछ जज़्बाती बुंदे, पलकों पर,
शबनमी का रिश्ता, खुर्शीद से मिलने पर;

कोई कायम तो नहीं, खैरियत से जिंदगी,
हसीन मुस्कान जरूर है, आप के मिलने पर;

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कुछ तितली की तरह
निभाते है याराना

कुछ साये है जिंदगी रुहानी
दिन भर साथ निभाते हैं

कुछ एहसास बनकर ही
लीपट जाते है

कुछ खयाल और ख्वाब ही
बनकर रह जाते है

अजिब ओ गरीब एहसास
कुछ रूहानी हो जाते हैं

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खामोशियों से याराना, निभाते है जिंदगी,
वोह सरसराहट भी, अब तो नहीं है;

पतझड़ के लिबास में, सीमट गई जिंदगी,
ख्वाब और खयाल भी,अब तो नहीं है

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ना जाने क्युं ? कैफियत मैं शामिल नहीं होते ,
वोह झिलमिलाते जुगनू, अंजुमन में नहीं होते;

गज़ब है सफर झलकती, याराना बेखुदी में ही,
खुद है यार खुद्दार ,मनके दायरे में नहीं होते ;

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ओ, जिंदगी
एक एहसास अपने आपमें
होने दे

कुछ बुंदे,ओस जैसी
फूलों पर हो ने दे

बेमतलब ,बठते रहे कदम
हुनर ए इश्क होने दें

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गुल ए हसीन जिंदगी तोहफा तेरा
इश्क इत्र मैं बनकर महक जाऊ

इम्तिहान लै ले, तेरा हक़ है
फना होना फितरत, इबादत बन जाऊ

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મોહનભાઈ આનંદ बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी शायरी
1 दिन पहले

बेहिसाब बेहद होता है, इश्क
गिनती परे एहसास ही होता है;

गुज़र जाते हैं, कांटों के रास्ते से,
गुल ए हसीन, लाबयान होता है

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