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Mamta Pandya बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी प्रेरक
3 सप्ताह पहले

*मित्र ओर जल*
*एक समान होते है*

*न कोई रंग, न कोई रूप*
*पर फिर भी जीवन के*
*अस्तित्व के लिए*
*सबसे महत्वपूर्ण.......*✍🏻

happy winter

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😊 मुस्कुराइये😊

आज वही कल है...

जिसकी कल आपको फिक्र थी।


।। जय श्री कृष्णा ।।
।। राधे - राधे ।।
🙏🏻🙏🏻

?.................................

*उम्र थका नहीं सकती,*
*ठोकरें गिरा नहीं सकती...*
*और*
*अगर जीतने की जिद हो तो,*
*परिस्थितियाँ हरा नहीं सकतीं...*

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kash.......

Mamta Pandya बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी प्रेरक
4 महीना पहले

?? एक गृहणी की कलम से:-??

?शाम से ही मेरे सीने में बायीं तरफ़ हल्का दर्द था।
?पर इतने दर्द को तो औरतें चाय में ही घोलकर पी जाती हैं।
?मैंने भी यही सोचा कि शायद कोई झटका आया होगा और रात के खाने की तैयारी में लग गई।

?किचन निपटाकर सोने को आई तो पति को बताया।
?पति ने दर्द की दवा लेकर आराम करने को कहा।

?साथ ही ज़्यादा काम करने की बात बोलकर मीठी डॉंट भी लगाई।

?देर रात को अचानक फिर दर्द बढ़ गया था।
?साँस लेने में भी तकलीफ़ सी होने लगी थी।

?“कहीं ये हार्ट अटैक तो नहीं !” ये विचार मन में आते ही मैं पसीने से भर उठी।

?*“हे भगवान! पालक-मेथी तो साफ़ ही नहीं किए,

?मटर भी छिलने बाक़ी थे।

?ऊपर से फ़्रीज़ में मलाई का भगोना भी पूरा भरा रखा हुआ है,आज मक्खन निकाल लेना चाहिए था।
?अगर मर गई तो लोग कहेंगे कि कितना गंदा फ़्रीज़ कर रखा था।

?कपड़े भी प्रेस को नहीं डाले।

?चावल भी ख़त्म हो रहे हैं,

?आज बाज़ार जाकर राशन भर लेना चाहिए था।

?मेरे मर जाने के बाद जो लोग बारह दिनों तक यहाँ रहेंगे, उनके पास तो मेरे मिसमैनेजमेंट के कितने सारे क़िस्से होंगे।”*

?अब मैं सीने का दर्द भूलकर काल्पनिक अपमान के दर्द को महसूस करने लगी।
?*“नहीं भगवान! प्लीज़ आज मत मारना।
?आज ना तो मैं तैयार हूँ और ना ही मेरा घर।”*

?यही प्रार्थना करते-करते मैं गहरी नींद में सो गई।
?सुबह फिर गृहकार्य में लग गई।

?This is real responsibility of a lady.?

?*चैन से मर भी नहीं सकती।*?

???? सभी गृहणियों को समर्पित।?

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*डिग्रियाँ तो शैक्षिक ख़र्चों की रसीदें मात्र हैं,*
*वास्तविक शिक्षा तो वही है,*
*जो*
*आचरण से झलकती है ।।* ??

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Mamta Pandya बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी प्रेरक
5 महीना पहले

*इन्सान हमेशा तकलीफ में सीखता है ख़ुशी में तो पिछले सबक भी भूल जाता है...!*

*जिन्हें आप खुश देखना चाहते हो उन्हें यहीं पर सुख देना क्योंकि ताजमहल दुनिया ने देखा है मुमताज़ ने नहीं...!!*

*??*

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Mamta Pandya बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी विचार
5 महीना पहले

दोस्त सिर्फ दोस्त होते हैं.

न लड़का न लड़की ,न स्त्री न पुरुष

न बड़े न छोटे, न अमीर न गरीब

न कड़वे न मीठे

वो सिर्फ दोस्त होते हैं.

कभी नहीं जांचते

सही गलत, वक़्त –बेवक्त

ऊँचा –नीचा, अपना पराया

हार-जीत , लाभ –हानि

बस खड़े रहते है हमारे साथ

आंधी- तूफ़ान, कड़ी धूप में

बारिश की रिमझिम या

सुबह की ओस में

क्योंकि, दोस्त सिर्फ दोस्त होते हैं.

दोस्त कभी कभी कर देते हैं

कड़वे सवाल,

क्योंकि वो हमारी चिंता करते हैं

हम उलझ जाते हैं

पर वो नाराज़ नहीं होते

क्योंकि, दोस्त सिर्फ दोस्त होते

Wish you all a very Happy #FriendshipDay

-- Meenakshi Dikshit

માતૃભારતી થકી પ્રસારિત થઇ https://www.matrubharti.com/bites/111230948

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