×

I am an IT professional, passionate about literature and language, have tried to write Poems and stories, hoping to get the love and respect from reader community on Matrubharti

ऐ मेरी ज़मीं, अफ़सोस नही जो तेरे लिये १०० दर्द सहे
महफ़ूज़ रहे तेरी आन सदा, चाहे जान मेरी ये रहे ना रहे।
-मनोज मुंतसिर (केसरी)

और पढ़े

बंसी सब सुर त्यागे है
बस एक ही सुर में बाजे है
हाल न पूछो मोहन का
सब कुश राधे राधे है
-ज़ुबैर अली ताबिश

हर रोज़ नहीं होतीं ये बातें ज़रा गौर फरमाइएगा।
ये दिल है बंदे का कोई नुमाइश नहीं की
टिकट लेकर हरकोई आज़माएगा ।।

और पढ़े

मातृभारती एप को आप सभी शुभचिंतको के फीडबेक की ज़रूरत है। आशा है आप निराश नहीं करेंगे ।
दिए गए लिंक पर क्लिक करके आपका फीडबेक लिखें।

https://play.google.com/store/apps/details?id=com.nichetech.matrubharti

और पढ़े

इश्क करो या नफरत हमसे
तेरे हर जज़्बात में ज़िंदा रहेंगे।
हाथों में हाथ नसीब नहीं तो क्या
तेरी हर दुआ में साथ रहेंगे।

और पढ़े

लबों पे उसके कभी बददुआ नहीं होती
बस एक माँ है जो मुझसे खफा नहीं होती।
-मुनव्वर राना

आप कुछ भी कर लें पर अपनी जड़ों से जुडे रहने में ही समजदारी है

अजमेर पुस्तक मेले में स्कूल के बच्चों का अध्भुत संगीत वाद्य प्रदर्शन