Reading , writing , Painting and reciting poem was my passion since childhood. I am postgraduate in Industrial chemistry from University of Lucknow. After college it was not easy to keep my creativities as it is , due to bad economic conditions. I am very thankful to Matrubharti for giving platform to come back for writing. At present , I am posted NTPC at Rihand . Now I am active at Matrubharti , pratilipi , facebook , Rihand Sahitya manch and my YouTube channel "Panna Voice of Lucknow".

वो प्यार कर गई
(गीत)

नज़रें मिला नज़र से, दिल पे वार कर गई ।।
वो प्यार कर गई या दिल के पार कर गई ।।।
वो प्यार कर गई ,
या दिल के पार कर गई ।।2।।

आकर मेरे ख़्वाबों में वो इक़रार कर गई ।
जब सामने आई तो वो इनकार कर गई ।।
मुस्कुरा के वो बोली कि I Hate you जानू ,
उसकी यही अदा तो बेक़रार कर गई ।।
वो प्यार कर गई ,
या दिल के पार कर गई ।।2।।
खिल खिल हुई गुलाब मेरे दिल की हर कली ,
ख़ुशबू से महकने लगी है प्यार की गली ।
अंगड़ाइयां लेने लगीं घटाएँ अर्श में ,
पतझड़ से मेरे मन को वो बहार कर गई ।।
वो प्यार कर गई ,
या दिल के पार कर गई ।।2।।
वो बिजल की तरह आके जो मुझसे लिपट गई ,
आँखें हया के वस्ल में खुद ही सिमट गईं ।
नाफ़िज़ हुई जमाल मेरी रूह तक गई ,
जफ़ा-ए-क़ल्ब कातिब-ए-निगार कर गई ।।
वो प्यार कर गई ,
या दिल के पार कर गई ।।2।।
ऐसा जुनून-ए-इश्क़ के बे कस बे ज़ार है ,
उसको जुस्तजू मेरी उसको भी प्यार है ।।
आशिक की इब्तिदा यही तस्लीम इश्क़ की ,
दानिस्ता मेरे दिल पे इख्तियार कर गई ।।
वो प्यार कर गई ,
या दिल के पार कर गई ।।2।।

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ब हया इयूँ मुस्कुरा के तेरा , चेहरे से जुल्फें हटा लेना ।
ये तेरी जादूगरी ही तो है , मेरे सीने से दिल चुरा लेना ।।
-Panna

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ओ बेवजह ढूंढते रहे , कि हमारे दिल में कौन है ।
अगर आइना उठा लेते , तो पहचान जाते ।।
-Panna

बड़ा बेदर्द है महबूब मेरा जो ख़्वाबों में शताता है ,
दिल में तूफान-ए-मोहब्बत है फिर भी न ये बताता है ।
कभी आँहें कभी यादें कभी नखरे बनाता है ,
निंगाहे फेर लेता है जब कभी सामने आता है ।।
-Panna

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मेरे नए गीत कुछ पंक्तियाँ पस्तुत हैं । प्रबुद्ध लेखकों से सुधार हेतु सुझाव आमंत्रित हैं ।
पेश है...

नज़रें मिला नज़र से, दिल पे वार कर गई ।।
वो प्यार कर गई या दिल के पार कर गई ।।।
वो प्यार कर गई ,
या दिल के पार कर गई ।।2।।

आकर मेरे ख़्वाबों में वो इक़रार कर गई ।
जब सामने आई तो वो इनकार कर गई ।।
मुस्कुरा के वो बोली कि I Hate you जानू ,
उसकी यही अदा तो बेक़रार कर गई ।।
वो प्यार कर गई ,
या दिल के पार कर गई ।।2।।

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मेरी खामोशियाँ भी अब तो चुप रहती नही हैं ।
मेरी आवाज से उसको बड़ी नफरत है क्या करूँ ।।
-Panna

वफ़ा क्या चीज है मालूम उनको भी नही है ।
बस मुझे बेवफ़ा कहकर उन्हें सकून आता है ।।
-Panna

कोई इल्जाम न दे उसमें मोहब्बत अब भी बाकी है,

वह मुझको भूलने की जिद में मुझको याद करती है ।

वह मुझसे बात करने को अगर राजी नही तो क्या,

ख्वाबों में मेरे दिल से वह सदा फरियाद करती है ।।
-Panna

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