Read My Story ... full of Fun and Humour "पहला घूँट" and please give your reviews

S Kumar बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी शुभ प्रभात
2 महीना पहले

जिन्हे चाय से लगाव होता है
समझ लेना, कोइ तो घाव होता है..

घूंट घूंट में लेते हैं ज़िन्दगी का मज़ा
दौड़ते वक़्त में यही ठहराव होता है..

भाप बन कर पिघलती हैं जब यादें
ठंडे हुए रिश्तों में अलाव होता है..

जहाँ पूछ ले कोई "चाय पियोगे?"
बस
अपना तो वहीं पर झुकाव होता है..

उम्र के साथ बदली हैं यूं तो कई बातें
मगर
चाय से इश्क़ का एक मुकम्मल पड़ाव होता है... ☕

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S Kumar बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी शुभ प्रभात
2 महीना पहले

मैंने तेरे हर सपने को,
अपनी दुआ बना लिया है....

हर पल तू याद रहे इसलिए,
तुझे अपना खुदा बना लिया है...

S Kumar बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी शायरी
4 महीना पहले

कुछ इस कदर
देखा उन्होंने..
मेरा रोम रोम
शर्मा गया...

फ़िर जुल्फ़ झटकी
हवा में..
और मेरी
सांसो को पसीना
आ गया..

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S Kumar बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी शायरी
4 महीना पहले

परदानशीं हैं मेरे दिलबर
आयें कैसे रौनक ए महफिल में
डरतें हैं बस न जाये कोई
हंसी सा चेहरा इस दिल में
निगाहों से कत्ल करते है
वो हर बार कुछ इस तरह
उस पर भी ये आरजू है
कि उन्हे गिने न कोई कातिल में!!

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S Kumar बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी रोमांस
4 महीना पहले

??

यादों में तेरी याद थी
क्या याद था
कुछ याद नहीं ..
तेरी याद में सब कुछ भूल गये

क्या भूल गये
कुछ याद नहीं
याद हो तो सिर्फ तुम
क्यूँ याद हो ...ये याद नहीं

??

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S Kumar बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी शुभ प्रभात
4 महीना पहले

देख रंग सावँला हुआ बावला,
हाय कुछ भी समझ मे न आय

गर्म गर्म जब छनती है
मेरी तलब और बढ़ जाये

Ufff मेरी चाय ☕

S Kumar बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी शुभ प्रभात
4 महीना पहले

ये ज़िन्दगी है साहब....
उलझेगी नही तो सुलझेगी कैसे...??
बिखरेगी नही तो निखरेगी कैसे..??

S Kumar बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी शुभ संध्या
4 महीना पहले

अच्छा इंसान मतलबी नहीं होता

बस दूर हो जाता है उन लोगों से

जिन्हें उनकी कद्र नही होती।

भरोसा सब पर कीजिए,
लेकिन *सावधानी* के साथ

क्योंकि..

कभी कभी *खुद के दांत* भी,
जीभ को काट लेते है!

S Kumar बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी शुभ प्रभात
5 महीना पहले

पहली किरण सा छूना
ये चमकीली रौशनी सी खनखनाहट
और
नखरीली हवाओं के मदहोश पल

वो चाय की चुस्कियां....
साँसों में उतार
एक बार फिर तु
गुलाबी सुबह
संग तो गुजार.....

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