Rj krishna

जो सक्स बिन गाली कोई बात न करते हैं
वह अकसर तहजीब की बात करते हैं
बो सिखाते हैं हम को बात करने का सलीका
जो तहजीब हर वक़्त भूल जाया करते हैं
-Rj Krishna

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जो खामोशी के पीछे सैलाब लिए बैठा है
बो खामोशी से अपना रिश्ता बचाए बैठा है
-Rj krishna

मेरी खामोशी को बो मेरी कमजोरी समझ बैठा
बो नादान मेरे प्यार को मेरी मजबूरी समझ बैठा
-Rj Krishna

न चुरा नज़र कि हम गेर तो नही
अपनों में है पर अपने नही

बाँट लेंगे तेरे हर रंजो गम
मुझसे आँख मिला तो सही

रात काली हैं तो क्या हुआ
दिए का उजाला कम तो नही

मिल जाएँगे हर ज़ख्म के निशा
राजे दिल ज़रा खोल तो सही
- Rj Krishna

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मंज़िलें उन्हीं को मिलती हैं
जिन्हें
ग्राउंड फ्लोर नहीं मिलता
😂😂😂

भक्ति रस (नंद किशोर)
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अनदेखी एक डोर
खींचे तेरी ओर l
श्याम सलोने मोहन
अब देख भी लो इस ओर ll
वन में कलियां खिल रही
मोर करें किल कोर l
सावन के झूलों की रुत आई
अब तो आ जाओ नंद किशोर ll
- RJ Krishna Kavir panth

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नन्हीं चिड़िया
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नन्ही चिड़िया अठखेलियां करती
पंख फेलाये हवा में उड़ने लगती
कभी घिनोची कभी अर्घनी
कभी पेड़ों पर चढ़ने लगती
दाना देख फुदक कर आती
परछाई देख डर कर सहम जाती
ची ची कर सोर मचाती
दाना चुग चुग खूब हसाती
नन्ही चिड़िया अठखेलियां करती
पंख फेलाये हवा में उड़ने लगती

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भक्ति रस (नंद किशोर)
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अनदेखी एक डोर
खींचे तेरी ओर l
श्याम सलोने मोहन
अब देख भी लो इस ओर ll
वन में कलियां खिल रही
मोर करें किल कोर l
सावन के झूलों की रुत आई
अब तो आ जाओ नंद किशोर ll

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काश तू मुझे याद करे मेरी तरह
और मैं तुझे भूल जाऊँ तेरी तरह

ख़ामोश लबों पर एक तेरी कहानी है
झुकी हुई पलकें एक तेरी ही निशानी है
अश्कों का समंदर लिए बैठी हूं किनारे पर
तुम्हें देखते ही दरिया में डूब जाने की ठानी है

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