मिलते रहिए, हाल-चाल पूछते रहिए, ना जाने कब कोई एक याद बन कर रह जाएँ..

शुभ प्रभात

शुभ रात्रि 🌃

रात के सन्नाटे में, चाँद की तन्हाई को
भला किसने समझा भला कौन समझे.. ✍👓

कुछ दबी हुई ख़्वाहिशें है, कुछ मंद मुस्कुराहटें..
कुछ खोए हुए सपने है, कुछ अनसुनी आहटें..
कुछ सुकून भरी यादें हैं, कुछ दर्द भरे लम्हात..
कुछ थमें हुए तूफ़ाँ हैं, कुछ मद्धम सी बरसात..
कुछ अनकहे अल्फ़ाज़ हैं, कुछ नासमझ इशारे..
कुछ ऐसे मंझधार हैं, जिनके मिलते नहीं किनारे..
कुछ उलझनें है राहों में, कुछ कोशिशें बेहिसाब..
बस इसी का नाम ज़िन्दगी है चलते रहिये, जनाब..✍

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🎲🎲🎲🎲... chalo aap ki bari😊
Shubh ratri🙏

समय और समझ खुशकिस्मत वालों को ही इकठी मिलती है , वरना जब समय होता है तो समझ नहीं होती और जब समझ आती है तब समय नहीं होता..🙏

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मेरा प्यार भी तू है ये बहार भी तू है तू ही नज़रों में जान-ए-तमन्ना, तू ही नज़ारों में.. 🎻

शुभ रात्रि

एक ही ख्वाब देखा है कई बार मेने !
तेरी साडी में उलझी है चाबियां मेरे घर की.. ✍

धागा ही समझ, तू अपनी "मन्नत" का मुझे
तेरी दुआओ के मुकम्मल होने का दस्तूर हूँ मैं.. ✍