×

M.sc(chemistry),B.Ed प्रिय दोस्तों, रसायन विज्ञान की प्रयोगशाला में पता नहीं ऐसा कौन सा केमिकल रिएक्शन हुआ कि मैं साहित्य का हो गया।अब साहित्य लिखता हूँ, साहित्य गाता हूँ और साहित्य जीता हूँ। तो दोस्तों, जिंदगी एक उपवन है और हम सब उसके फूल, खुद महकें और दूसरों को भी महकाएं।। धन्यवाद, राकेश कुमार पाण्डेय"सागर"

एक पिता को सपर्पित...
#happy father's day

धूप में तपते रहे,
ना लीं कभी भी सिसकियां,
क्या पता बच्चों को याद,
आऊंगा मैं मरने के बाद,
काम कुछ ऐसा करूँ,
वरदान देना हे प्रभु,
ये जमाना बस कहे,
मरने के बाद भी,
जिंदाबाद।।
-राकेश सागर

और पढ़े

https://youtu.be/AptoZaVh86I
प्रेम पत्र

जिंदगी भर समर्पण तुम्हारे लिए...

तुम्हीं से है मेरा जीवन,
हरा तुमसे मेरा उपवन,
मेरी साँसों की डोरी पर,
लिखा बस नाम है तेरा,
सुबह हो शाम हो हरपल, तेरा दीदार करता हूँ,
बताना भी नहीं आता,
तुम्हीं से प्यार करता हूँ।

पिरोई प्रीत की लड़ियाँ,
हैं जोड़ी नित नई कड़ियां,
तुम्हारे ही लिए हरपल जिया,
देखी नहीं घड़ियां,
तुम्हें ही चाहने की गलतियां,
हर बार करता हूँ,
बताना भी नहीं आता,
तुम्हीं से प्यार करता हूँ।
-राकेश सागर

और पढ़े

बताना भी नहीं आता,
तुम्हीं से प्यार करता हूँ...