M.sc(chemistry),B.Ed प्रिय दोस्तों, रसायन विज्ञान की प्रयोगशाला में पता नहीं ऐसा कौन सा केमिकल रिएक्शन हुआ कि मैं साहित्य का हो गया।अब साहित्य लिखता हूँ, साहित्य गाता हूँ और साहित्य जीता हूँ। तो दोस्तों, जिंदगी एक उपवन है और हम सब उसके फूल, खुद महकें और दूसरों को भी महकाएं।। धन्यवाद, राकेश सागर

Rakesh Kumar Pandey Sagar बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी गीत
3 सप्ताह पहले

रंग लगा लो, अंग लगा लो,
प्रीत कलश छलका लो जी,
अवसर है शुरुआत नई कर,
आओ खुशी मना लो जी,
मिटें भेद सब इस उपवन से रंगों की रंगोली है,
प्रेम बदरिया बरस रही है,
आओ खेलें होली है।
होली की हार्दिक शुभकामनाएं
💐राकेश कुमार पाण्डेय💐

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Rakesh Kumar Pandey Sagar बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी गीत
4 सप्ताह पहले

आसमां के फलक पर,
उभरी हुई तस्वीर हो,
तृप्त हों मन की छुधाएँ,
वो बरसता नीर हो,
बुझ रही है लौ तुम्हारे बिन,
कहूँ मैं क्या प्रिये,
प्यार के मधुमास की वो,
प्यास लेकर लौट आओ..
-राकेश पाण्डेय"सागर"

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Rakesh Kumar Pandey Sagar बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी मजेदार
1 महीना पहले

आइए कुछ खिलखिलाते हैं😊😊
*ऋतु है आई बसंती सताने लगी,
खत को पढ़ कर मेरे मुस्कुराने लगी,
इक हुआ हादसा खत पे चटनी गिरी,
वो समझ पान उसको चबाने लगी।।

*तुम गए थे कहाँ, तुमको ढूँढा बहुत,
ना मिले फ्राइडे गुस्सा फूटा बहुत,
देख लो प्रियतमा कितना सूजा हूँ मैं,
तेरे चच्चा ने उस दिन था कूटा मुझे।।

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Rakesh Kumar Pandey Sagar बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी गीत
2 महीना पहले

आया बसंत हुआ मन हर्षित, चारो दिशाओं में शोर हुआ है,
सरसो फूल खिले चहुँ ओर,
भ्रमर मन जैसे अँजोर हुआ है,
खुशबू में डूबी हवा मदमस्त,
यहाँ रसमय सब पोर हुआ है।
आएंगे कंत मोरे अँगना सखी,फागुनमय अब मन मोर हुआ है।।
-राकेश पाण्डेय"सागर"

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Rakesh Kumar Pandey Sagar बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी विचार
2 महीना पहले

अनन्त की ओर यात्रा जारी है....

Rakesh Kumar Pandey Sagar बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी गीत
2 महीना पहले

तुझमें मुझमें है अगर एक बात,
आओ मिल चलें,
तुम कहो जो दिन को मानूँ रात,
आओ मिल चलें,
बस तुम्हारी हाँ से मेरी भी सँवर जाएंगी रातें,
आओ पकड़ो हाथ दे दो साथ,
आओ मिल चलें।।
-राकेश कुमार पाण्डेय"सागर"

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Rakesh Kumar Pandey Sagar बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी गीत
2 महीना पहले

इन नयन में तुम बसी हो,
उन नयन में मैं बसा हूँ,
कोई मुझको तो जँची है,
मैं किसी को तो जँचा हूँ,
जब नयन से नयन का,
मिलना मिलाना हो गया है,
तब से तेरे इश्क में ये,
दिल दीवाना हो गया है। -राकेश कुमार पाण्डेय"सागर"

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Rakesh Kumar Pandey Sagar बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी गीत
3 महीना पहले
Rakesh Kumar Pandey Sagar बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी गीत
4 महीना पहले

नए हैं पत्ते, नई हैं कलियाँ,
नया सवेरा महकती गलियाँ,
ये ओस लगती हैं जैसे मोती,
कहूँ प्रिये क्या जो पास होती,
है कोयलों को गुमान खुद पर,
उन्हें मुहब्बत का जाम देना,
जो काग छेड़े हैं तार मन के,
व्यथाएँ दिल से गुजरती होंगी,
सजल नयन डबडबाती आँखें,
पिया मिलन को तरसती होंगी।।
-राकेश कुमार पाण्डेय"सागर"

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Rakesh Kumar Pandey Sagar बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी गीत
5 महीना पहले

कभी जो बरसात की फुहारें,
दुआरे तेरे बरसती होंगी,
सजल नयन डबडबाती आँखें,
पिया मिलन को तरसती होंगी,
जो आके छेड़े पवन का झोंका,
उसे संदेशों का काम देना,
जो बूंदे पूछेंगी आँसुओं से,
तुम्हारी पलकें झपकती होंगी।
-राकेश पाण्डेय"सागर"

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