Be The One Who You Are ...

अपनी जिंदगी भी
दंग है ,
मुसीबत हर पल
संग है ..
किसी और से क्या लड़ना ,
जब खुद से ही जंग
है ...

इन नजरो से अक़्सर वो दिल में उतर जाते है ..
चाय पीते वक़्त जब वो धीरे से मुस्कुराते है ...

इमारते बुलंद हुई अब्र मूड गए ..
दरख़्त कट गए परिंदे उड़ गए ...

परीक्षा में आये मुश्किल सवाल सा हु में ..
हर किसी ने छोड़ा है मुजे बिना समजे ...

कभी मेरे साथ रहो तो मालूमात होती उन्हें ,
कि इस सवाल का जवाब देना हर किसी की औकात नही ..

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फुर्सत नही जरा सी ,मुख़ालिफ़-ए-दीदार की ..
इल्तिफ़ात-ए-मसरुफ़ियत बस अदा है हमारी ...

महफिल-ए-इल्लिफत में बदला जो मुख़ालिक अंदाज को ..
फुरसत ही फुरसत निकल आया ,महफिल-ए अंदाज को ...

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कॉफ़ी पर तो सिर्फ मीटिंग हो सकती है
जनाब ..
मुलाकात करनी है तो चाय पर मिलये ...

दिल की देहलिज पर तेरी आंखों का ही पहरा था ..
जैसे तेरी मुस्कुराहट से हर एक पल वहां ठहरा था ...

मुजे आदात है खुद की ,
मुजे खुद से इश्क़ का शौक है ..

मुजे जरूरत है खुद की ,
मुजे खुद को जान ने का शौक है ...

होठो को छूते ही आंखे बंद कर लेती है ..
चाय है पल भर में ही असर कर देती है ...

बाजी इश्क़ की थी ईमानदार थे हम ..
बेईमानी उसने की थी
इश्क़ के हकदार थे हम ...