हम लिखने आते हैं तुम्हें खुश करने नहीं

वो कहती थी कि मैं भी दुल्हन बनूँगी

वो दुल्हन बनी मगर किसी और की

हर गली रखती है उन पर नजर,
ये गांव की मोहब्बत आसान नहीं होती!!

इतिहास गवाह है कि जब-जब लड़कियों से करीबी बढ़ी है ....

तब तब लड़कों कि गरीबी बढ़ी है

उसकी कहानी के किरदार बदल चुके थे

और मेरा किरदार मर चुका था .. उसकी कहानी में

नसीब ने हाथ काट दिये मेरे ....

वरना मैं तेरी मांग में सिंदूर भरने वाला था ...

जी में आता है
तेरे दामन में सर छुपा के हम

रोते रहें ....... रोते रहें ....