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बेवजह है तभी तो दोस्ती है,

वजह होती तो व्यापार होता।

जुड़ गए तो शेर भी डर जायेगा ,
टूट गए तो गीदड़ भी सताएगा |
एक रहो, नेक रहो,
७३ वें स्वतंत्रता दिन की हार्दिक शुभकामनाएँ l

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दोस्तों की कमी को पहचानते है हम ,

दुनियाँ के गमों को भी जानते है हम ,

आप जैसे दोस्तों के ही सहारे आज भी हँस कर जीना जानते है हम l

HAPPY FRIENDSHIP DAY

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ग़म तो जनाब ...
फ़ुरसत का शौक़ है ,

ख़ुशी में ...
वक़्त ही कहाँ मिलता है |

हे बारिश तू इतना ना बरस कि वह आ ना सके,

आने के बाद उनके, तु इतना बरस ..कि वह वापस जा ही ना सके l

मै आज भी अपने मुकद्दर से शर्त लगाता हूँ,

भरी बरसात में कागज की पतंग उड़ाता हूँ l

माना तू हसीन है… मगर इस क़दर कहाँ,

जितना मेरी निगाहों ने तुझे बना रखा है l

जिक्र तेरा है,
या कोई नशा है,
जब-जब होता है,
दिल बहक जाता हैl

वो साथ थे तो एक लफ़्ज़ ना निकला लबों से,

दूर क्या हुए... कलम ने क़हर मचा दिया।

क्या कमाल का है तेरा आहिस्ता बोलने का अंदाज़,

कान सुनते कुछ नहीं लेकिन दिल सब समझ जाता है।