मातृभूमि सर्वोपरि

ज़िंदा हैं तो बस ❝ तेरे ❞ इश्क़ के रहमो-करम पर,
मर गए तो समझ लेना तेरी ❝ बेवफ़ाई ❞ में दम था..!!अजीत सिंह ગૌતમ્

और पढ़े

☘️🌸☘️🌸
जीता रहा मै अपनी धुन मे,
दुनिया का कायदा नही देखा ।
रिश्ता निभाया तो दिल से,
कभी फायदा नही देखा।।
☘️🌸☘️🌸अजीत सिंह ગૌતમ્

और पढ़े

ना तुम गुनहगार हो,ना हम गुनहगार हैं,
ये वक्त का सितम है,वक्त गुनहगार है

अजीत सिंह ગૌતમ્

जिंदगी-की-राह में मिले होंगे तुम्हेँ हजारों मुसाफिर
💕 💕 💕 💕
उम्र-भर ना भूल पाओगे तुम ....वो मुलाकात हूँ मैं••!!अजीत सिंह ગૌતમ્

और पढ़े

मुझे कहाँ गरज है
इन गरजते बादलो की
बस तू मुझे छू ले तो
दिल मानसून ही मानसून !!@अजीत सिंह ગૌતમ્

रेत के जमीं पर धंसते पैरो से
कह दीजिए,
अभी और चलना है ,
बदलते रहने से रहनुमा
नही मिलती मंजिल
न मिलता है , दिल को करार
बस साथ दीजिए, हर कदम पर
मंजिल बस है कुछ ही पास...अजीत सिंह ગૌતમ્

और पढ़े

मुड़कर नहीं देखते .....अलविदा के बाद ...
कई मुलाकातें ...बस ...इसी गुरुर ने खो दी ...!!अजीत सिंह ગૌતમ્

शुभ रात्रि🙏🙏

कुछ अलग है जिंदगी,एक अलग ही किरदार हूँ,
आप मानो न मानो बस प्यार का किताब हूँ।
🌹🙏❤

अजीत सिंह ગૌતમ્

जिन गुनाहों में, मै शामिल भी नहीं था..,
मैंने उनकी भी सजायें काटी हैं..!!अजीत सिंह ગૌતમ્