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# love u Mummy
प्रेमिका को प्रेमी की बातों का यकीन नहीं हो रहा था,प्रेमी उसके लिये तारे तोड़ कर लाने की बात कर रहा था,प्रेमिका ने प्रेमी की माँ का कलेजा मांग लिया।प्रेमी ने जाकर अपनी माँ को बताया और उसका कलेजा निकाल लिया,ये भी ना देखा कि माँ मरी या बची।बड़ी तेजी से वो प्रेमिका से मिलने अपनी माँ का कलेजा लिए दौड़ा जा रहा था,ठोकर से गिरा तो माँ का कलेजा बोला हाय मेरे लाल चोट तो नहीं आयी,प्रेमिका ने मां का कलेजा देखा तो प्रेमी से कहा,मां का ना हुआ तो मेरा क्या होगा ?

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#MKGANDHI
मेरी दृष्टि में महात्मा गांधी
बुझी जाती है शम्मा मुशिरिकी आंधी से
उम्मीदें ज़िंदा है लेकिन भाई गांधी से
सौ बरस पहले कही गयी ये बात गांधीजी के बारे में आज भी मौजूं है,दो विश्वयुद्धों से आहत बीसवीं सदी की मानवता को भारत का उपहार हैं गांधीजी।एक आंख के बदले दूसरी आंख मांगने पर पूरी दुनिया के अंधी हो जाने का खतरा सबसे पहले गांधीजी ने ही चेताया था।उनके लिये अहिंसा का मतलब प्राणी मात्र के लिए दुर्भाव का अभाव था ,नोबेल पुरस्कार समिति का गांधीजी को नोबेलपुरस्कार ना दे पाने का अफसोस उनके महत्व की बानगी है ।

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# काव्योसव
माँ
मां तू अपने पास बुला ले
बहुत जल रहा तेरा बेटा
हालातों से हार चुका है
तन्हाई में,कठिनाई से खुद ही खुद को मार चुका है ।
घर मुझको खाने को दौड़े
बिस्तर सूली सा है लगता
मरूभूमि में जैसा प्यासा
पानी के है बिना तरसता
रोजगार ना आये हाथ
भैया भाभी छुड़ाएं हाथ
बहन कभी ना आंसू पोछे
तेरा रूप ना किसी के साथ
दुनिया से फटकार है मिलती
बाबूजी भी झल्लाते हैं
कहते हैं ओ अभागे बिन मां वाले
खोटे सिक्के भी चल जाते हैं
दिन भर मां मैं उड़ता जाऊं
आज़ाद रहूं,ना कोई मलाल
तकिए में मुंह छिपा के रोऊँ
रातों का बस यही है हाल
दुत्कारा मैं हर पल जाऊं
जीवन में मिलती है चोट
तेरा आँचल पास ने मेरे
किस्में छुप कर लूं में ओट
भूख ,प्यास,नींद और सपने
सब मेरे अब हैं बेहाल
अब मैं किस दर पर जाऊं
कौन करे अब मेरा ख्याल
माँ तू अपने पास बुला ले

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मेरा कृष्णा
कृष्ण मेरे लिये न्याय,नीति,मित्रता ,राजधर्म का पर्याय हैं,कृष्ण का इस बात के लिये अर्जुन को राजी करना कि शांति किसी भी कीमत पर मिले तो वो बहुत सस्ती है बगैर रक्तपात के चाहे वो पांच गांव तक ही सीमित क्यों ना हो,कुरुक्षेत्र में ये भी सिखाया कि देश के हित में व्यक्तिगत मोह का कोई महत्व नहीं,न्याय के शासन के लिये चाहे अपनों के खिलाफ क्यों ना जाना पड़े।कृष्ण ने बताया कि देश रहेगा तभी तो राजा रहेगा,राजा के लिये देश को बलिदान नहीं होने दिया जा सकता।

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