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Divyarajsinh Vaghela बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी ब्लॉग
6 महीना पहले

तुझे लेकर मेरा ख्याल
कभी नहीं बदलेगा
साल तो बहुत बदलेंगे
पर मेरा प्यार कभी नहीं बदलेगा

Divyarajsinh Vaghela बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी ब्लॉग
6 महीना पहले

तुम्हारे ही ख्याल के साथ
खत्म हो रहा है ये साल
तुम्हारे ही ख्याल के साथ
शुरू होगा नया साल

Divyarajsinh Vaghela बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी ब्लॉग
6 महीना पहले

ख्वाबोंका समंदर कुछ इस तरह से ठहेरा है . . .
शिकायतोंका मंज़र कुछ ज्यादा ही गहेरा है . .
मुलाकातोंसे परहेज़ ना रख ए दिल . . .
आँखोंमें आज भी तेरा ही चहेरा है ! ! !

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Divyarajsinh Vaghela बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी ब्लॉग
7 महीना पहले

तुम क्यों नहीं छोड़ देती ये दरिया होने का नाटक
मैं क्यों नहीं कुबूल कर लेता अपना तिनका होना

और हम गुम क्यों नहीं हो जाते
मामूली चीज़ों की तरह.

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Divyarajsinh Vaghela बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी ब्लॉग
7 महीना पहले

मर्द हो तो तुम्हारी हस्ती का इतना तो
रौफ हो...

बगल से निकले कोई औरत तो वो
बेखौफ हो.

Divyarajsinh Vaghela बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी ब्लॉग
7 महीना पहले

जब से तुझ पर लिखने के लिए मैंने कलम उठायी है
तब से तेरी याद मुझे हर वक़्त आयी है ,

सोचता हूँ कुछ लिखू तेरी मोहब्ब्त के अधूरे क़िस्से
पर तब से ही तेरी तस्वीर मुझे धुंधली नज़र आयी है ।

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Divyarajsinh Vaghela बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी ब्लॉग
7 महीना पहले

आँसू आये तो खुद ही पोंछना ,

लोग पोछेंगे तो सोदा करेंगे .

Divyarajsinh Vaghela बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी ब्लॉग
7 महीना पहले

११ साल की लड़की शहर चंडीगढ़
१४ साल की लड़की शहर बड़ौदा
२० साल की लड़की शहर तामिलनाडु
२५ साल की लड़की शहर रांची
२६ साल की लड़की शहर हैदराबाद
३२ साल की लड़की शहर तामिलनाडु

१ ही दिनमें १ ही देशमें बनी
ये बलत्कार की घटनाऐ.

चिखी भी होगी फिर भी लड़ी होगी,
असहाय पे कैसी आपदा आन पड़ी होगी!

कितना याद किया होगा इश्वार तुजे उसने,
बाबा बचाओ कहके कितना रोई होगी वो!

जीते-जी लाश बन गई वो लड़की,
बहार से बाद में अन्दर से पहले जली होगी वो.

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Divyarajsinh Vaghela बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी विचार
7 महीना पहले

खुश रहना सिखिये
बाकी सब चलता रहेगा...

कोई अपना बीछडता रहेगा
कोई पराया मिलता रहेगा...!

अाज वही कल है,
जिस कल की फिक्र
तुम्हे कल थी...!!

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Divyarajsinh Vaghela बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी विचार
7 महीना पहले

गिर रहा हूँ , गिर चुका हूँ
दर्द क्यों होता नहीं ?

ऐ ख़ुदा , बता ख़ुदा ,
कोई मर्ज़ क्यों होता नहीं ?

हंस रहा हूँ , इस हंसी का
कर्ज़ क्यों होता नहीं ?

किताब तेरी , गुनाह मेरा ,
गुनाह दर्ज क्यों होता नहीं ?

दो कदम चल लिया , दो कदम हूँ चल रहा -
फ़ासले में फिर भला कुछ
फ़क़ क्यों होता नहीं ?

अश्क बक्श दे रो रहा हूँ
नींद बक्श दे सो रहा हूँ
पा रहा हूँ , खो रहा हूँ
ग़म दे रहा हूँ , ढो रहा हूँ
बेसब्र मैं हूँ सब्र में
लाश ज़िंदा है मेरी
क्यों खाल की इस कब्र में ?

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