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Hey, I am devashish

मैं ने वक्त से कहा रूक जा जरा, वक़्त ने जाते हुए कहा कि मैं रूक जाता तो तुम यहाँ नहीं होते

ख्वाहिशों का समंदर लगता है, जीवन उठती गिरती लहरों जैसा लगता है, चुक जरूर कही कोई हुईं हैं वरना बहते सागर को कोई रोक सका है

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