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Hey, I am reading on Matrubharti!

खबर तो थी कि तुम बदल जाओगे..

मगर तुमने तो मौसम को भी शर्मिन्दा कर दिया..

दिल चाहता है ज़माने से छुपा लूँ तुझको,
दिल की धड़कन की तरह दिल में बसा लूँ तुझ को,
कोई एहसास जुदाई का न रह पाये,
इस तरह खुद में मेरी जान छुपा लूँ तुझको.

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ख्वाहिशो ने ही भटकाये है जिंदगी के रास्ते,
वरना,

रूह तो उतरी थी ज़मीं पे मँजिल का पता लेकर..

दिल पर दस्तक देने कौन आ निकला है ,

किस की आहट सुनता हूँ वीराने में ,

दुनिया को मेरी हकीकत😕

😐 कुछ भी पता नहीं😐

😎 इल्जाम हजारों हैं और😮

😕 खता कुछ भी नहीं😔

I. don't ....LOVE😡😡😡😡😡😡😡😡😡😡😡😡😡😡😡

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देखते हैं अब क्या मुकाम आता है साहब...

सूखे पत्ते को इश्क हुआ है बहती हवा से...।
🌹🌹

मैं अपने साथ रहता हूँ हमेशा,

अकेला हूँ, मगर तन्हा नहीं हूँ....

ज़िंदगी सँवारने को
तो ज़िंदगी पड़ी है.....

चलो वो लम्हा सँवार लेते है
जहाँ ज़िंदगी खड़ी है...

तुम देर से आए तो हमें फिक्र हुई...

और हम देर से आए तो तुम्हें शक...

"रहने दे "उधार" इक मुलाकात यूं ही........

सुना है "उधार" वालों को लोग भुलाया नहीं करते....??🙏