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जुनून इश्क़ का फिर चढ़ रहा सिर पें...
उनसे कह दो आँखों का पर्दा हटा कर रखें...

तन्हाई में तसल्लिया भी होल्ले से कह गई..

इंतज़ार कर में तेरी मोहब्बत को लेके आती हूं..

मोहब्बत की जागीर देखिये
इश्क़ का हर फकीर बादशाह बना फिरता हैं...

मोहब्बत तो यारों वो एहसास हैं
जिससे हो जाए वही खास हैं

कहने को तो बहुत कुछ पर कह नहीं सकते..
क्योंकि हमें पता हैं कि तुम हमारे दिल में रह नहीं सकते...

अभूतपूर्व श्रद्धांजलि ॐ शांति ॐ

इक आँखे ही हैं जो आंखो को अपने जाल में फसा लेती हैं
और दिल की धड़कने चुरा लेती हैं..

हम कभी बुरे नहीं थे
बुरा हमें बनना पड़ा..
"जब उन्होंने हमें बुरा कहा "
इसलिए कि कोई उन्हें झूठा ना कह दें...

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किताबों से ज्यादा हमने अपने दिल और ज़ुबा में अल्फाज़ो को सजा रखा हैं...
अल्फाज़ो कोही हमने कोरे पन्नों पर लिख रखा हैं...
इश्क़, प्यार और मोहब्बत के सिवाय इस जहा में और क्या
रखा हैं...
अपने ही अल्फाज़ो की किताबों का नाम हमने वफ़ा रखा हैं...

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जो पढ़ा है उसे जीना ही नहीं है मुमकिन

ज़िंदगी को मैं किताबों से अलग रखता हूँ