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टॉम काका की कुटिया - 1
द्वारा Harriet Beecher Stowe

हैरियट वीचर स्टो अनुवाद - हनुमान-प्रसाद-पोद्दार   1 - गुलामों की दुर्दशा माघ का महीना है। दिन ढल चुका है। केंटाकी प्रदेश के किसी नगर के एक मकान में ...

ममता की परीक्षा - 43
द्वारा राज कुमार कांदु

मास्टर को गमगीन अवस्था में बैठे देखकर गोपाल भी अधीर हो उठा था। क्या करे ? इस पंडित ने तो पूरा खेल ही ख़राब कर दिया था लेकिन गोपाल ...

आँख की किरकिरी - 3
द्वारा Rabindranath Tagore

(3) सीढ़ियों से राजलक्ष्मी ऊपर गईं। महेंद्र के कमरे में दरवाजे का एक पल्ला खुला था। सामने जाते ही मानो काँटा चुभ गया। चौंक कर ठिठक गई। देखा, फर्श ...

बंद खिड़कियाँ - 8
द्वारा S Bhagyam Sharma

अध्याय 8 अरुणा आराम से गाड़ी चला रही थी। सरोजिनी बाहर देखती हुई अपने विचारों में डूबी हुई बैठी थी। "क्यों दादी, गहरी सोच में हो?" धीरे से मुस्कुराते ...

अकाटसुर - सूत्रपात - 2
द्वारा Kirtipalsinh Gohil

“ऐसा कैसे हो सकता है!” राजकुमार सूरसेन बड़बड़ाता है, “एक धुंधली सी याद है। यूँ कहु कि एक अनुभूति जो मुझे मेरे जन्म से पहले से ही हो रही ...

कहानी प्यार कि - 10
द्वारा Dr Mehta Mansi

" किंजल ये तुम क्या बोल रही हो ? " संजना को कुछ समझ में नहीं आ रहा था किंजल कि कहीं बाते सुनकर।" अरे संजू कुछ नहीं... ये ...

वो पहली बारिश - भाग 44
द्वारा Daanu

उठ कर अंदर डॉक्टर के कमरे में गई, निया उनसे कुछ बात कर थी थी, जब डॉक्टर ने चंचल को कुछ इशारा किया।चंचल देख पा रही थी, की निया ...

अग्निजा - 3
द्वारा Praful Shah

प्रकरण-3 यशोदा के कुछ पल्ले नहीं पड़ रहा था। वह पहली बार मां बनी थी और साथ-साथ विधवा भी हो गई थी। सुख और दुःख दोनों ही एकसाथ उसके ...

इतिहास का वह सबसे महान विदूषक - 12
द्वारा Prakash Manu

12 खाओ-खाओ, लो तुम भी खाओ राजा कृष्णदेव राय बड़े विद्वान थे, कलाप्रेमी थे, पर साथ ही वे परिहास-प्रिय भी थे। राजदरबार की अतिशय व्यस्तता में भी विनोद और ...

आँख की किरकिरी - 2
द्वारा Rabindranath Tagore

(2) उसकी उम्र साफ-साफ कोई न बताता। सगे-संबंधी कहते, बारह-तेरह होगी। यानी चौदह-पन्द्रह होने की संभावना ही ज्यादा थी। लेकिन चूँकि दया पर चल रही थी इसलिए सहमे-से भाव ...

अग्निजा - 2
द्वारा Praful Shah

प्रकरण 2 कितने लंबे-घने, काले रेशम सरीखे चमकदार बाल...जनार्दन के मुंह से ये शब्द सुनने के लिए अधीर हो चुकी यशोदा अपनी प्रसव पीड़ा भी भूल चुकी थी। ‘बेटी ...

ममता की परीक्षा - 42
द्वारा राज कुमार कांदु

" गोपाल बेटा, साधना मेरी इकलौती संतान है। मेरे लिए वह बेटी के साथ साथ मेरा बेटा भी है। मुझे तुम पर पूरा यकीन है फिर भी यह नहीं ...

बंद खिड़कियाँ - 7
द्वारा S Bhagyam Sharma

अध्याय 7 सरोजिनी स्वयं तैयार होकर अपने कमरे में अरुणा का इंतजार कर रही थी। दोपहर का खाना खाकर थोड़ी सी नींद निकालने के बाद कॉफी पीने जब उठी ...

अपंग - 28
द्वारा Pranava Bharti

28  -----   भानु का मन फिर से कितना भारी हो गया था। न बाबा के पास से जाने का मन था और न ही उनके पास बैठने का ...

अकाटसुर - सूत्रपात - 1
द्वारा Kirtipalsinh Gohil

अकाटसुर By KIRTIPALSINH GOHIL     Copyright © 2021 Kirtipalsinh Gohil. All rights reserved.   सूत्रपात  एक बड़ा सा खंड है। उसमें शाही पोशाक में एक १० वर्षीय बालक ...

अग्निजा - 1
द्वारा Praful Shah

प्रफुल शाह प्रकरण-1 ................. अरी यशोदा...इतना सुनते ही वह पीछे पलटकर देखती और उसके चेहरे से मुस्कान बिखरने लगती। अरी ओ यशोदा.. ये शब्द कान पर पड़ते ही उसका ...

इतिहास का वह सबसे महान विदूषक - 11
द्वारा Prakash Manu

11 उड़ाइए महाराज, अब इन्हें भी उड़ाइए एक बार की बात है, विजयनगर राज्य का स्थापना दिवस निकट था। इसलिए पूरे राज्य में आनंद और उत्साह का वातावरण था। ...

सोने की चिड़िया
द्वारा Harshit Ranjan

प्राचीन काल में भारत का इतिहास बहुत ही स्वर्णिम था । भारत ने संसार को आयुर्वेद और योग जैसे बहुमूल्य उपहार दिए हैं । एक समय तो ऐस जब ...

कोट - २०
द्वारा महेश रौतेला

कोट उतार मैं अतीत में चला गया -मेरा गाँव कभी हँसता,कभी मुस्कराता। कभी मौन हो जाता माना पृथ्वी पर हो ही नहीं,कटा- छँटा,एकान्त। अकेला नदियों कल-कल के बीच। लड़ता-झगड़ा ...

आँख की किरकिरी - 1
द्वारा Rabindranath Tagore

रवींद्रनाथ टैगोर (1) विनोद की माँ हरिमती महेंद्र की माँ राजलक्ष्मी के पास जा कर धरना देने लगी। दोनों एक ही गाँव की थीं, छुटपन में साथ खेली थीं। ...

ममता की परीक्षा - 41
द्वारा राज कुमार कांदु

" बेटी, आज तुम्हारी माँ बहुत याद आ रही है। नन्हीं सी थीं तुम मात्र तीन साल की जब महामारी के प्रकोप की वजह से वह तुम्हें मुझे सौंपकर ...

कहानी प्यार कि - 9
द्वारा Dr Mehta Mansi

अगले दिन सुबह किंजल सवेरे सवेरे ही तैयार होकर कहीं बाहर जा रही थी।" किंजल तू कहीं बाहर जा रही है क्या ? " संजना ने किंजल को बाहर ...

बंद खिड़कियाँ - 6
द्वारा S Bhagyam Sharma

अध्याय 6 "क्यों मां आज नहाना, पूजा ऐसा कुछ भी नहीं है क्या?" दूसरी बार पास में आकर नलिनी को पूछने आई सरोजिनी । सामने खड़ी नलिनी के चेहरे ...

वो पहली बारिश - भाग 43
द्वारा Daanu

"तुम्हें उम्मीद है की ये सब सुनने के बाद भी, हम तुम्हें यहाँ रुकने देंगे?", सुनील ने निया से पूछा। "ठीक है, तुम अभी हॉल में रुको, हम वो ...

अपंग - 27
द्वारा Pranava Bharti

27 --- माँ -बाबा उसके पास जाने ही वाले थे लेकिन बाबा की तबियत खराब होने से उन दोनों का जाना कैंसिल हो गया था | "बताओ, हो न ...

लीला - (भाग 30) - अंतिम भाग
द्वारा अशोक असफल

दियाबत्ती के घंटे भर बाद जबकि, बिजली अचानक चली गई और पेड़ जुगनुओं की बदौलत बिजली की झालरों की तरह जगमगा उठे...तब रेस्ट हाउस के लान में कलेक्टर शोजपुर ...

तेरे इश्क में. - भाग 7
द्वारा Priyanka Taank Bhati

रूही बुरी तरह घबराई हुई थी और अपने आप को कोष रही थी, काश वह एक बार केबिन चेक कर लेती तो उसे पता चल जाता की अमन यही ...

इतिहास का वह सबसे महान विदूषक - 10
द्वारा Prakash Manu

10 पोलूराम की खुली पोल राजा कृष्णदेव राय का न्याय ऐसा था कि दूध का दूध, पानी का पानी हो जाता था। कोई कितना ही होशियार, छल-बल वाला या ...

अतीत के पन्ने - भाग 18
द्वारा RACHNA ROY

आलोक ने हवेली पहुंच कर कहा बेटा जरूर हमने कुछ अच्छा किया जो तुमको पिया जैसी एक जीवन साथी मिली है।वरना आज कल लड़कियों का देखो।आलेख ने कहा पापा ...

बाते अधूरी सी... - भाग ५
द्वारा Priyanka Taank Bhati

सिद्धार्थ अभी वही खड़ा कुछ सोच रहा था, की तभी रोहन भी वहा आ गया, रोहन को देख कर सिद्धार्थ अपने ख्यालों से बाहर आया.सिद्धार्थ, शुक्ला सर ने मुझे ...

मिलन पुर - 4
द्वारा Mehul Pasaya

देखो मम्मा मे किसको लेकर आया हू सरप्राइजअरे वाह बेटा फाइनली तुम मेरि बहू को ले आया मे कब से इस अकेले घर मे परेशान हो रही थी अब ...

ममता की परीक्षा - 40
द्वारा राज कुमार कांदु

साधना की आवाज से गोपाल चौंका अवश्य था, लेकिन अगले ही पल अपनी स्थिति समझकर उसके चेहरे पर शर्मिंदगी और राहत के मिले जुले भाव उभर आए। राहत इसलिए ...