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    भय और आडम्बर का प्रचार - मर गया पत्थरदिल इन्शान
    by Lakshmi Narayan Panna
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    मर गया पत्थर-दिल इन्शान( यह लेख लेखक के जीवन में घटित विभिन्न घटनाओं , लेखक के भीतर व्याप्त भय और भ्रम के विभिन्न दृश्यों को  चित्रत करता है । ...

    फैक्ट्री परिसर में कर्मचारियों के लिए सुरक्षा हेतु कुछ उपाय
    by Surya Pratap Ball Ji
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    आज के इस समय में हमारे भारत के कई राज्यों में इंडस्ट्रियल एरिया फैक्ट्री कंपनियों में हमारे भारत के ही लोग कर्मचारी अपने अपने विभागों में काम करते हैं ...

    प्रतिभा पलायन
    by Rajesh Maheshwari
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    प्रतिभा पलायन   भारतीय रेल्वे में अपनी उत्कृष्ट व कर्तव्यनिष्ठ सेवा प्रदान करने हेतु डायेरक्टर जनरल के स्तर पर गोडल मैडल, जनरल मैनेजर अवार्ड आदि से सम्मानित आई आई ...

    मुश्क़िल वक़्त
    by Manjeet Singh Gauhar
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    बहुत समय पहले की बात है। जब महात्मा बुद्ध सभी लोगों के मन को अपने प्रवचनो से मोह लेते थे। और सभी को ज्ञान का पाठ पढ़ाया करते थे।उसी ...

    कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा हेतु कुछ फॉर्मूले
    by Surya Pratap Ball Ji
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    हमारे भारत में कुछ वर्ष पहले लगभग 4 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश आदि कई राज्यों में शिक्षा का कई प्रकार के उल्लंघन हो रहा था और आज हमारे भारत ...

    देश के बहादुर.. वीर सावरकर - ३
    by Mewada Hasmukh
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    सावरकर माने तेज...सावरकर माने त्याग...सावरकर माने तप...सावरकर माने तत्व...सावरकर माने तर्क...सावरकर माने तारुण्य...सावरकर माने तीर...सावरकर माने तलवार...सावरकर माने तिलमिलाहट....वीर सावरकर part-३आप सभी का स्वागत ओर धन्यवाद है।वर्ष 1924 में ...

    बेंत
    by महेश रौतेला
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    बेंत :उस दिन कक्षा में अध्यापक जी ने मुझसे कहा कोई कहानी सुनाओ। मैं दो-तीन मिनट सोचता रहा। फिर बोला वह लड़की जो कक्षा आठ में पढ़ती है मैं ...

    दीक्षा
    by महेश रौतेला
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    हम सात लोग एक दिन पहले ही एक्जीक्यूटिव आवास पहुंच गये थे। शाम को एक कमरे में बैठे थे। सब अपनी अपनी बातें कह रहे थे। धीरे-धीरे साधारण वार्तालाप ...

    सिंचाई की कीमत
    by Lakshmi Narayan Panna
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    (इस कहानी के माध्यम से लेखक मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ ही शिक्षा के महत्व को स्पष्ट करना चाहता है । कहानी में कुछ अवधी बोली के संवादों ...

    देश के बहादुर.. वीर सावरकर…पार्ट - २
    by Mewada Hasmukh
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    १८५७ क्रांति का आर्टिकल यूरोप के १६ ओर ब्रिटेन के ४ प्रमुख न्यूजपेपर में छपा...तब वहां के बुदधिजीवियों ने कहा अगर १८५७ का यही सच है तो ब्रिटेन को अपना ...

    टूटी चप्पल का जोड़ा
    by Pammy Rajan
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    रफ़्तार से चलती ट्रेन अचानक एक छोटे से स्टेशन पर रुक गयी। सभी यात्री तेजी से चढ़ने -उतरने लगे। शायद दो मिनट का ही स्टॉपेज था । लेकिन अब ...

    कर्मो का फल
    by DHIRENDRA BISHT DHiR
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    कहानी का सारांश:- इस कहानी में मुख्य भूमिका पिता के रूप में दीनानाथ की है। अपने आदर्शो के लिये दीनानाथ प्रसिद्ध हैं। दीनानाथ के बाद एक और अहम भूमिका उनके ...

    टेस्ट रिपोर्ट
    by Ajay Kumar Awasthi
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    सुजीत को बचपन से डर लगता था परीक्षा का रिजल्ट सुनने में ....जिस दिन रिजल्ट आने वाला होता, वो उदास नर्वस बैठ जाता. उसके पेपर अच्छे बनते, फिर भी ...

    देश के बहादुर..वीर सावरकर - 1
    by Mewada Hasmukh
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    लिख रहा हूं मै अंजाम,जिसका कल आगाज आएगा...मेरे लहू का हर एक कतरा,इन्कलाब लाएगा...में रहूं या न रहूं पर,ये वादा हे मेरा तुझसे...मेरे बाद वतन पर....मरने वालो का सैलाब ...

    नेकी
    by DHIRENDRA BISHT DHiR
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    कहानी का सारांश: कहानी में मुख्य भूमिका उत्तम नाम के व्यापारी की है, जो एक मेहनती और बुद्धिमान है, जो हमेशा खुद के लिए कुछ करने से पहले, दूसरे लोगों ...