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ब्रेकिंग न्यूज़ : व्यंग्य - सुसाइड बॉम्बर्स ऑन स्ट्राइक
द्वारा S Sinha

ब्रेकिंग न्यूज़ : व्यंग - सुसाइड बॉम्बर्स ऑन स्ट्राइक अभी अभी समाचार मिला है कि पड़ोसी देश में सुसाइड बॉम्बर्स यूनियन ने अचानक लाइटनिंग स्ट्राइक कर दिया है . ...

मालगाड़ी का सफ़र - 3 (अन्तिम भाग )
द्वारा शिव प्रसाद

भाग - ३ ( अन्तिम भाग ) मालगाड़ी को रुके कुछ देर हो चुकी थी, लेकिन डिब्बे के भीतर की शून्यता शायद विनोद के दिमाग में भी फैल गई ...

मालगाड़ी का सफ़र - 2
द्वारा शिव प्रसाद

भाग - २... क्वारीसाइडिंग स्टेशन को देखकर लगता था कि रेलवे प्राधिकरण ने इसके निर्माण का प्रारम्भ करने के बाद इसे प्रारम्भिक अवस्था में ही छोड़ दिया । ढाई ...

फेसबुकिया पर्यावरण विशेषज्ञ
द्वारा Archana Anupriya

"फेसबुकिया पर्यावरण विशेषज्ञ"कोरोना ने और जो भी क्षति समाज को पहुँचायी हो, एक काम तो बहुत अच्छा किया है कि रातों-रात सोशल मीडिया पर पर्यावरण विशेषज्ञों की बाढ़ सी ...

विलेन्स की महफ़िल...
द्वारा Saroj Verma

रात बारह बजे काली पहाड़ी पर बने, मातृभारती फाइवस्टार क्लब में पार्टी का आयोजन हुआ,सभी नए पुराने विलेन को न्यौता पहुँचा.... सबसे ज्यादा जल्दी मची थी रंजीत साहब को ...

मालगाड़ी का सफ़र - 1
द्वारा शिव प्रसाद

भाग १ ... विनोद को फ़िल्में देखने का बहुत शौक़ था । उसका बस चलता, तो रोज़ एक फ़िल्म देख लेता । लेकिन तब, यानी १९७० के दशक में ...

जुबाँ पे लागा रे जायका चुगली का...
द्वारा Saroj Verma

चुगली चुगलखोरों का हेल्थ टाँनिक है,चुगलखोर कभी भी इस टाँनिक के बिना नहीं रह सकते ,चुगली उनके लिए सबसे बड़ा योग है व्यायाम है,चुगली करने से मस्तिष्क संतुलित रहता ...

एक संदेश...
द्वारा Saroj Verma

रात बारह बजे का वक्त..... आलू प्रसाद जी के फोन की घंटी बजती है... उन्होंने फोन उठाया और बात करने के बाद उनके चेहरे का रंग उड़ गया, उन्होंने ...

मातृभारती प्रयोगशाला....
द्वारा Saroj Verma

आधी रात का समय करीब बारह बजे होगें,मैं कहीं किसी सड़क पर चली जा रहीं थीं, कहाँ ?ये मुझे खुद नहीं पता था,तभी पीछे से किसी शख्स की लालटेन ...

बैटमैन इन इण्डिया...
द्वारा Saroj Verma

दिल्ली के इन्दिरा गांधी इण्टरनेशनल एयरपोर्ट पर इतनी भीड़ इकट्ठी थी जितनी की तब भी इकट्ठी नहीं हुई थी जब भारत की क्रिकेट टीम वर्ल्डकप जीतकर लौटी थी।। अब ...

होली उमंग
द्वारा Mukteshwar Prasad Singh

1 होली के रंग गुलाल ------------------ होली है डाल,लाल रंग वो गुलाल, लाज शरम आज कहाँ, ना कोई सवाल। बड़ा छोटा एक संग करें मिल बवाल, मस्ती में डूब ...

प्रेम क्या है ?
द्वारा ArUu

कुछ लोगों ने मोहब्बत जैसे पाक रिश्ते को इस हद तक बदनाम कर रखा है की मोहब्बत का नाम सुनते ही लोगों के मन में GF_BF वाली इमेज बनने ...

एक सफर ऐसा भी...
द्वारा Shwet Kumar Sinha

बात करीब बीस वर्ष पुरानी है। मैं अपने माता–पिता और छोटी बहन के साथ लोकल ट्रेन पकड़ दूसरे शहर को जा रहा था। ट्रेन के जिस डब्बे में हम ...

सरकारी संन्यास (हास्य व्यंग)
द्वारा Mohit Trendster

[नोट – यह एक हास्य कहानी है, इसका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है। (स्वयं लेखक कई प्रतियोगी परीक्षाओं में असफल हो चुके हैं।)] आज संवाददाता ...

दो समधी
द्वारा Shwet Kumar Sinha

घर नजदीक होने के कारण सप्ताहांत में मैं लोकल बस पकड़कर घर चला जाया करता था । इस शनिवार भी घर जाने को बस पकड़ा और खिड़की वाली सीट ...

एक और गप्प...
द्वारा Saroj Verma

सुबह सुबह आज उठी तो पड़ोसियों के घर से कुछ शोर आता हुआ सुनाई दिया,सोचा उनसे जाकर पूछ लूँ कि आखिर माजरा क्या है? पड़ोसिन बोली..... बच्चे ...

गप्प... लपेटो लपेटो...
द्वारा Saroj Verma

चींटी ने भारत के राष्ट्रपति को फोन किया..... राष्ट्रपति जी के टेबल पर रखें टेलीफोन की घंटी बजी और राष्ट्रपति जी ने फोन उठाकर पूछा.... हैलों! माई सेल्फ प्रेसीडेंट ...

ऑफ़िस - ऑफ़िस - 4
द्वारा R.KapOOr

लेकिन अक्सर लोग अपनी पत्नी के साथ बहुत लंबी बात नहीं करते, शॉर्ट में ही निपटा देते हैं, उसने भी वैसा ही किया।"यार सब्ज़ी लेकर आने को बोल रही ...

तकदीर
द्वारा धृतराष्ट्र सुमन

वर्ष 2014 में वजीर एक्स नाम की एक क्रिप्टो करेंसी की एप्प लाॅन्च हुई, मैंने तैयारी के साथ साथ एक होटल में पार्ट टाईम कैशियर का काम करना शुरू ...

दही और छांछ
द्वारा धृतराष्ट्र सुमन

श्री मोहन चैधरी जी अपने गांव के बडे पंण्डित थे और इसी पंण्डित तबके के कारण लोगों में उनकी एक अलग और ऊंची छवी थी, गांव के सब जाति ...

ऑफ़िस - ऑफ़िस - 3
द्वारा R.KapOOr

मोबाईल पर हाथ रख कर धीमी आवाज़ में मुस्कुराते हुए मुझसे पूछा "कैसी लगी रिंगटोन ?" मैं कुछ जवाब देता उससे पहले ही वो फ़िर बोला "मुझे इतनी अच्छी ...

ऑफ़िस - ऑफ़िस - 2
द्वारा R.KapOOr

मेरे पास पहुंचते ही उसने अपने पांव के पास पड़ा पीकदान उठाया और एक पिचकारी दे मारी उसमें और वापस पीकदान को अपने पांव के पास रख दिया। मुझे ...

झूलती मौत - व्हाट्सएप का धोखा
द्वारा Saroj Verma

जी! यहाँ मिस्टर आशीष चतुर्वेदी कौन हैं? आँफिस के अन्दर घुसती हुई पुलिस में से इन्सपेक्टर ने पूछा।। लेकिन इन्सपेक्टर साहब बात क्या है? आँफिस के एक सज्जन ने ...

ऑफ़िस - ऑफ़िस - 1
द्वारा R.KapOOr

सूचना - ये एक काल्पनिक कहानी है और इसका जीवित यां मृत किसी व्यक्ति से कोई लेनादेना नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो ये महज़ एक संयोग है। ...

पप्पी
द्वारा R.KapOOr

हास्य लघुकथा (ये केवल एक काल्पनिक कहानी है जो केवल पाठकों के मनोरंजन के लिये ही लिखी गई है )बहुत से किस्से हमारी ज़िंदगी में ऐसे होते हैं ...

लौट के बुद्धू घर को आये (अंतिम किश्त)
द्वारा किशनलाल शर्मा

"मैं तो छोटे थे तब एक शादी में आये थे।"मरी सी आवाज में उस बुजर्ग ने जवाब दिया था।ड्राइवर ने कंडक्टर से कहा"नीचे उतरकर पता लगाओ ज़रा।"दूल्हे ...

चौकीदार
द्वारा R.KapOOr

बात बहुत पुरानी तो नहीं है। मकरसंक्रांति का दिन था, मैं पतंगे उड़ाने के लिए डोर और पतंगें ले कर छत पर आ गया । चूंकि फ्लैट्स में छत ...

लौट के बुद्धू घर को आये - (पार्ट 2)
द्वारा किशनलाल शर्मा

सालों पुरानी बात है।चार दशक से ज्यादा हो गए।जून का महीना था।मई और जून तोसुबह धूप निकलते ही गर्मी का प्रकोप बढ़ने लगता जो दिन बढ़ने के ...

लौट के बुद्धू घर को आये - (पार्ट 1)
द्वारा किशनलाल शर्मा

बाबानाम सुनते ही आप सोचने लगेे होंगे । केसरिया वस्त्र , बड़ी बड़ी जटा, ...

लूज कंट्रोल
द्वारा Saroj Prajapati

कई दिनों से राजन और गरिमा का मूड एक दूसरे से काफी उखड़ा उखड़ा था। दोनों ही आपस में ढंग से बात नहीं कर रहे थे। सुबह उठकर नाश्ता, ...

गोलोकधाम
द्वारा suraj sharma

न तद्भासयते सूर्यो न शशांको न पावकः ।यद्गत्वा न निवर्तन्ते तद्धाम परमं मम ॥ ...