हिंदी हास्य कथाएं कहानियाँ मुफ्त में पढ़ेंंऔर PDF डाउनलोड करें

गोलोकधाम
द्वारा suraj sharma

न तद्भासयते सूर्यो न शशांको न पावकः ।यद्गत्वा न निवर्तन्ते तद्धाम परमं मम ॥                                ...

टीके की कहानी
द्वारा Anand M Mishra

टीका-टीका-टीका!! आज सभी जगह एक ही चर्चा है। आपने टीका लगवा लिया? जिसने लगवा लिया है वह अपनी बत्तीसी दिखाता है तथा जिसने नहीं लिया है वह मुंह फुलाया ...

प्रजातंत्र का इतिहास
द्वारा Anand M Mishra

कुछ जानकार लोग कहते हैं - प्रजातंत्र की उत्पत्ति ग्रीक शब्द 'डेमोस' से हुई है। डेमोस का अर्थ है 'जन साधारण' और क्रेसी का अर्थ है 'शासन'। लेकिन यह तथ्य ...

हिन्दी या हिग्लिश
द्वारा Alok Mishra

     हिन्दी या हिंग्लिश     भाषाएं रस बदलती है, विलुपत होती है और परिष्कृत होती हैं। भाषाओं के परिवर्तन का सिलसिला हमशा जारी रहता है। वर्तमान में विश्व ...

बहस--परिचर्चा
द्वारा किशनलाल शर्मा

गांव की चौपालों और गली मोहल्लों के चबूतरों से निकलकर बहस टी वी चैनलो पर जा पहुंची है।आज कोई भी न्यूज़ चैनल बहस यानी परिचर्चा से अछूता नही है।धर्म,राजनीति,खेल,फ़िल्म, ...

अन्ना राजनीति में ‘‘मत’’ जाना ....
द्वारा Alok Mishra

अन्ना राजनीति में ‘‘मत’’ जाना ....यह आलेख उस समय की तात्कालीन परिस्थितियो में व्यवस्था पर व्यंग्य के रूप में लिखा गया था जो अनेक अखबारों में प्रकाशित भी हुआ ...

बबन को गड्ढे क्यों पसंद हैं ? (व्यंग्य)
द्वारा Sunil Jadhav

  लेखक- डॉ.सुनील गुलाबसिंग जाधव, नांदेड़ मो.९४०५३८४६७२   मास्टर जी ने कक्षा में एक लोकप्रिय पंक्ति सुनाते हुए कहा, बच्चों अब तुम्हारी बारी | तुम्हे एक कविता करके मुझे ...

ब्रेकिंग न्यूज - रामलाल देश छोड़ेगा (व्यंग्य)
द्वारा Alok Mishra

ब्रेकिंग न्यूज - रामलाल देश छोड़ेगा             अभी-अभी मिले समाचार के अनुसार रामलाल जी  देश छोड़ने पर विचार कर रहे है । हमारे रामलाल जी आजकल बहुत परेशान है ...

११०१
द्वारा Sunil Jadhav

    लेखक-डॉ.सुनील गुलाबसिंग जाधव नांदेड,महाराष्ट्र   मो-९४०५३८४६७२     एक रात सपने में बाबा गूगल द्वारा आकाशवाणी हुई, बेटा यूजर प्रो.बबन जी! सारी दुनिया वेबीनारा कर रही हैं और आप घोर निद्रा में ...

गरीबी और झूठ ( व्यंग्य )
द्वारा Alok Mishra

     गरीबी और झूठ      मंडी के पास एक हम्माल दीनू और ठेला चलाने वाला छोटू कुछ देर बैठे थे । दीनू बोला "आज तो मंडी में ...

अभी तो ये अंगड़ाई है .. ( व्यंग्य )
द्वारा Alok Mishra

अभी तो ये अंगड़ाई है ....         एक दिन शहर की एक रैली में लोग जोर-जोर से नारे लगा रहे थे ‘‘ अभी तो ये अंगड़ाई है.....आगे और लड़ाई ...

कहानी भोला की - (अंतिम भाग )
द्वारा राज कुमार कांदु

पुलिस चौकी से निकल कर भोला एक पार्क के सामने लगे बेंच पर सो गया ।सुबह देर से नींद खुली थी । उठकर अब उसे कुछ काम धाम करने ...

गरीबी सम्मेलन ( व्यंग्य )
द्वारा Alok Mishra

      गरीबी सम्मेलन       शहर के एक आलीशान होटल में गरीबी सम्मेलन का आयोजन किया गया है । देश-विदेश से इस क्षेत्र के विशेषज्ञों को आमंत्रित किया ...

कहानी भोला की - 2
द्वारा राज कुमार कांदु

काफी देर तक आजाद मैदान में घुमते हुए भोला विचार करता रहा । अब क्या करे ? कहाँ जाए ? इतने बड़े शहर में कोई परिचित भी नहीं था ...

कहानी भोला की - 1
द्वारा राज कुमार कांदु

भोला सत्रह साल का एक ग्रामीण युवक था । अपने नाम के अनुरूप ही सीधा सादा और भोला या यूँ भी कह सकते हैं नाम से भी ज्यादा भोला ...

भैंस की उड़ान ( व्यंग्य)
द्वारा Alok Mishra

        भैंस की उड़ान      कहावत तो सुनी होगी " अकल बड़ी या भैंस ।" हमारे आस पास बहुत से लोग हैं जिनके लिए भैंस ही ...

सब मिथ्या है
द्वारा Anand M Mishra

सब मिथ्या है ईश्वर ने सृष्टि के निर्माण के समय लगता है कि अपना दिमाग बहुत चलाया होगा. यदि जगत के पालनकर्ता भगवान विष्णु को देखते हैं तो मन ...

कोई समाचार नहीं..
द्वारा Alok Mishra

        कोई समाचार नहीं ...      भोलाराम जी को समाचार देखे ,सुने और पढ़े बगैर चैन ही नहीं मिलता । यही कारण है देश ही नहीं ...

ईमानदारी का कीड़ा (व्यंग्य)
द्वारा Alok Mishra

ईमानदारी का कीड़ा ( व्यंग्य )       हमारे आस-पास सामान्य लोगों की संख्या बहुत अधिक है । आज के समय में सामान्य वही है जो खुद खाता है ...

नो गधा बनाइंग
द्वारा Alok Mishra

       गधा देश में यूं तो पूरे समय ही राजनीति की बहार रहती है परंतु चुनाव की आहट के साथ ही साथ गधों को गधा बनाने की ...

जुगाड़ (व्यंग्य)
द्वारा Alok Mishra

         जुगाड़       अरे.....आप शीर्षक पढ़कर क्या सोचने लगे? चलिए तो फिर आपकी और हमारी सोच को ही आगे बढ़ाते हैं । हमारा समाज कुछ ...

सामाजिक देवी
द्वारा राज कुमार कांदु

नमो नारायण की घोर तपस्या से गूगलेश्वर महाराज प्रसन्न हुए और उनसे वर माँगने को कहा।उनके समक्ष नतमस्तक होकर नमो नारायण बोला , " हे सर्वज्ञानी महाराज ! अगर ...

समाज सेवक जी ( व्यंग्य )
द्वारा Alok Mishra

     "समाज सेवा का मजा मेवा जिसने चखा, उसकी जिंदगी धन्य हो गई।" यह वाक्य हमारा नहीं मेवालाल जी का है। मेवालाल वैसे तो एक व्यापारी हैं लेकिन ...

हड़ासंखन गोत्र
द्वारा Anand M Mishra

हमारे बाबा समाज में अपनी हाजिरजवाबी के लिए प्रसिद्ध थे। गाँव में यदि किसी का मर्यादित मजाक उड़ाना है तो उस वक्त पूरे गाँव में वे बेजोड़ थे। गाँव ...

फाईल दौड़ (व्यंग्य )
द्वारा Alok Mishra

     फाईल दौड़ (व्यंग्य )        हमारे बाबू साहब अपने ऑफिस में बैठे पान की जुगाली कर रहे थे कि बस अचानक चार फाईलें में अपने ...

चोर (व्यंग्य )
द्वारा Alok Mishra

        चोर (व्यंग्य )           नोखेलाल जी रोज ही शाम को टहलने निकलते हैं । कभी-कभी हम से उनकी मुलाकात हो जाती है । साठ की उम्र ...

छुट्टन लाल ..... जिंदाबाद 
द्वारा Alok Mishra

      छुट्टन लाल ..... जिंदाबाद        "प्रणाम गुरुजी" कहते हुए उन्होंने हमारे घुटने  छुए । आशीर्वाद के वचन के साथ ही वे सोफे पर अपनी तशरीफ ...

वेलकम टू ड्रीम लैंड
द्वारा Radha

कार्तिक ने हमेशा अपनी गर्लफ्रैंड से फ़ोन में ही बात की थीं। उसे कभी देखा नहीं था। आज वो अपनी गर्लफ्रैंड से मिलने गार्डन में जाता है, दोनों ने ...

कहानी सब्जीपुर की ( भाग -2 )
द्वारा राज कुमार कांदु

साथियों नमस्कार ! इससे पूर्व की कड़ी में आप सभी ने पढ़ा कि किस तरह आलूचन्द और कद्दू कुमारी की सगाई के मौके पर अचानक भिंडी कुमारी की वजह ...

हॉस्टल के किस्से
द्वारा अनुराधा अनुश्री

होस्टल में  शुरुआत के कुछ चट पटे से दिन और बिताई गई  सबसे भयावह रात..एक भयावह रात हमारे कहानी का केंद्र है लेकिन उसके पहले मै हॉस्टल से जुड़ी ...

चरणवंदन
द्वारा Alok Mishra

      चरणवंदन       सोचता हूं सच कैसे बोलूं ? सच जो हमारे चारों ओर बिखरा है । सच जो मुझे दिखता है ,सच वह भी जो ...

मैं कोरोनावायरस बोल रहा हूं
द्वारा Alok Mishra

     मैं कोरोनावायरस बोल रहा हूं       हाँ तो साहब मैं बोल रहा हूं । मैं यानी कौन ? मैं वही हूं ,जिसने पूरी दुनिया को परेशान ...