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    जनता को छलना कितना आसान है
    by Poornima Raj
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    एक बड़े से मैदान मे नेताजी भाषण दे रहे थे " भाइयों और बहनों यह आपकी सरकार इतनी सुस्त है कि उससे कोई काम नहीं होता , अपराधी खुले ...

    अफसर का अभिनन्दन - 6
    by Yashvant Kothari
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      दुनिया के मूर्खों एक हो जाओ       यशवन्त कोठारी   बासंती बयार बह रही है। दक्षिण से आने वाली हवा में  एक मस्ती का आलम है। फाल्गुन की ...

    रूम
    by Nimesh
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    सुबह के नौ बजे होंगे। छुट्टी का दिन था। फ़ोन की घंटी बजी। अंजान नंबर था। उठाया तो देखा उस तरफ कोई  सौहाद्र था। कोई खास जानता नहीं था ...

    लोल
    by Nimesh
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    एक बच्चा लोल लोल (LOL!!) बोलते हुए अचानक से ज़मीन पे गिर पड़ा। पिता पास हीं बैठे थे, चौंक उठे, अपने फ़ोन के स्क्रीन से नज़र उठा कर बच्चे ...

    अफसर का अभिनन्दन - 5
    by Yashvant Kothari
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    व्यंग्य-- चुनाव ऋतु –संहार   यशवंत कोठारी हे!प्राण प्यारी .सुनयने ,मोर पंखिनी ,कमल लोचनी,सुमध्यमे , सुमुखी कान  धर कर सुन और गुन ऐसा मौका  बार बार नहीं आता ,इस ...

    अफसर का अभिनन्दन - 4
    by Yashvant Kothari
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      चुनावी - अर्थशास्त्र                            यशवंत कोठारी   विश्व के सबसे महंगे चुनाव भारत में होने जा रहे हैं .सत्रहवीं लोक सभा के लिए ये चुनाव पैसों की बरसात ...

    पहला घूंट
    by S Kumar
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    फेसबुक पर हुई दोस्ती के काफी दिन messanger chat के बाद जब उस दोस्त ने मेरी मिलने की इच्छा पर जब अपना इजहार जताया तो मिलने पहुंचते ही जैसे ...

    अफसर का अभिनन्दन - 3
    by Yashvant Kothari
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      चुनाव में खड़ा स्मग्लर                                                 यश वन्त कोठारी                वे एक बहुत बड़े स्मगलर थे। समय चलता रहा। वे भी चलते रहे। अब वे समाज सेवा करने ...

    अफसर का अभिनन्दन -2
    by Yashvant Kothari
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    आज़ादी   की तलाश  में .....                                                       यशवंत कोठारी   आज़ादी की साल  गिरह पर  आप सबको बधाई, शुभ कामनाएं .इन सालों में क्या खोया क्या पाया , इस का लेखा ...

    नोटम नमामि -इस पुस्तक के 4 संस्करण होगये हैं
    by Yashwant Kothari
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    फेक न्यूज़ याने झूठीं ख़बरों के  बड़े  खतरे                             यशवंत कोठारी फेक न्यूज़ के खतरे सर पर चढ़ कर बोलने लगे हैं. क्या सरकार ,क्या पार्टियाँ और क्या चुनाव ...

    अफसर का अभिनन्दन - holi pr vishesh
    by Yashvant Kothari
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      कामदेव के वाण और प्रजातंत्र के खतरे यशवन्त कोठारी      होली का प्राचीन संदर्भ ढूंढने निकला तो लगा कि बसंत के आगमन के साथ ही चारों तरफ ...

    ससुराल के कुछ रोचक वाकये 
    by Rashmi Ravija
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    कुछ दिनों पहले यूँ ही सहेलियों के साथ गप्पें हो रही थीं तो बात निकली ससुराल में पहले दिन या शुरूआती दिनों की. एक से  बढ़कर एक रोचक किस्से ...

    जूठी दादी
    by paresh barai
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    बुढ़ापा और बीमारी दोनों कष्ट-दायक अवस्थाएँ मानी जाती हैं| अधिकतर लोग इन परिस्थितिओं में टूट कर बिखर जाते हैं, लेकिन इस छोटी सी कहानी की खुराफाती दादी तो किसी ...

    मेरे पोस्टमैन
    by Yashvant Kothari
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    मेरे पोस्टमैन यश वन्त कोठारी      आज मैं पोस्टमैनों की चर्चा करना चाहता हूं। कारण स्पष्ट है कि बिना पोस्टमैन के लेखक का जीवन अधूरा है। सच पूछा ...

    लौट के गाँधी आये दिल्ली
    by Ajay Amitabh Suman
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    15 अगस्त 2018, वैस गाँधी जी के लिए आज का समय  कुछ उचित नहीं। पर सुना है मैंने , 15 अगस्त 2018 की घटना है।अपने ये जो गांधीजी जी है ...