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    कहाँ गईं तुम नैना - 10
    by Ashish Kumar Trivedi
    • (9)
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                  कहाँ गईं तुम नैना (10)इंस्पेक्टर नासिर अहमद अभी तक पुलिस स्टेशन नहीं पहुँच पाए थे। बीती रात एक गल्ला व्यापारी की दुकान ...

    प्यार के लम्हे
    by Ajay Kumar Awasthi
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    आज बसंत पंचमी है। इस बार बसंत पंचमी और 14 फरवरी वेलेंटाइन डे एक साथ हो गए हैं । बसंत पंचमी में माँ सरस्वती जी की पूजा के साथ ...

    डेरा उखड़ने से पहले
    by vandana A dubey
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    लगातार बजती फोन की घंटी से झुंझला गयी थीं आभा जी. अभी पूजा करने बैठी ही थीं, कि फोन बजने लगा. एक बार टाल गयीं, दो बार टाल गयीं ...

    कहाँ गईं तुम नैना - 9
    by Ashish Kumar Trivedi
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                   कहाँ गईं तुम नैना (9) फोन की रिंग सुन कर आदित्य वर्तमान में लौट आया। अरुण अंकल का नंबर था। उसने फोन उठाया ...

    कहाँ गईं तुम नैना - 8
    by Ashish Kumar Trivedi
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                   कहाँ गईं तुम नैना (8)उस दिन आदित्य करीब आठ बजे घर पहुँचा तो पाया कि महक बाहर खड़ी उसकी प्रतीक्षा कर रही ...

    परिवार
    by Seema Singh
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    पूरे मोहल्ले के लिए पहेली था ये परिवार। परिवार भी क्या―एक करीब साठ-पैंसठ साल के वृद्ध, और एक सुदर्शन युवक। सब उनको ‘विनोद बाबू’ के नाम से जानते। और ...

    अधूरी हवस - 4
    by Balak lakhani
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                              (4) जब इंसान प्यार मे होता है तो उसे पूरी दुनिया मेघधनुष की तरह सप्‍टरंगी लगती ...

    कहाँ गईं तुम नैना - 7
    by Ashish Kumar Trivedi
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                   कहाँ गईं तुम नैना (7)जमुना प्रसाद चंडीगढ़ जा रहा था। रास्ते में उसके पास उसके एक विश्वासपात्र आदमी का फोन आया। फोन ...

    ममता की छांव
    by Sarita Sharma
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    स्कूल नहीं जाना है क्या? उठ जाओ बेटा! प्यार से सहलाते हुए मां मौली और बिन्नी को उठाने की कोशिश कर रही थी।मौली और बिन्नी दोनो आंखे मलते हुए ...

    बेटे का सुख
    by Pammy Rajan
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    सरिता जी और अनुपम जी का बेटा कानपुर शहर  में किसी सरकारी बैंक में कार्यरत था।और  वे दोनों वही पास के गांव में रहते थे । लेकिन बूढ़े होते ...

    नदियों में नाउ हादसा को रोकने के लिए कुछ उपाय
    by Surya Pratap Ball Ji
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    कभी कभी बरसात के मौसम में जब नदियों में बाढ़ की स्थिति बढ़ जाती है तो पानी अधिक मात्रा में बहने लगता है और उस वक्त कई प्रकार की ...

    मा भारती - गुलामी के बाद का भारत
    by all FAN club
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    जिन्होंने हमारे भारत देश को गुलाम बनाया और देशवासियों पर भयंकर अत्याचार किये, उन अंग्रेजों की नई साल को न मनाने पर तर्क प्रस्तुत करती मेरी कविता........------------------------------------------------नये साल के ...

    कहाँ गईं तुम नैना - 6
    by Ashish Kumar Trivedi
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                  कहाँ गईं तुम नैना (6)कहानी बताते हुए बसंत की आवाज़ भर्रा गई।"सर दीपा मेरी सगी बहन नहीं थी। लेकिन वह मुझे बहुत ...

    फेयरवेल पार्टी
    by r k lal
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    फेयरवेल पार्टी आर 0 के 0 लाल   बड़े भले आदमी थे, श्री दीना नाथ जी।  सब उन्हें पंडित जी कहते थे। सीधा साधा जीवन एवं उच्च विचारों के ...

    कहाँ गईं तुम नैना - 5
    by Ashish Kumar Trivedi
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                      कहाँ गईं तुम नैना (5)डिनर के बाद आदित्य जब अपने फ्लैट में लौटा तो बहुत देर तक उसे नींद नहीं आई। ...