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    आई तो आई कहाँ से - 6
    by Dr Sudha Gupta
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    आज सोमवार था, सप्ताह का प्रथम दिवस l विद्यालय में प्रिंसपाल सर ने प्रार्थना के उपरांत सबको सूचित किया कि अगले हफ्ते कक्षा 5 से 8 तक के विद्यार्थी ...

    आई तो आई कहाँ से - 5
    by Dr Sudha Gupta
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    आरुषि ने कहा - माँ, कहानी l ओफ्फो, आज ऐसे ही सो जाओ l न न, न्यू कहानी l कहाँ से लाऊँ न्यू कहानी ? अरे, दादी से ले लिया ...

    आपका बच्चा कमाल् का है
    by r k lal
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    आपका बच्चा कमाल्  का है                                       आर0 के 0 लाल   आज आभास को फिर से पुरस्कार मिला, उसके माता पिता को भी स्टेज पर बुलाया गया और उनकी ...

    शनिवार का दिन
    by DHIRENDRA BISHT DHiR
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    कहानी का सारांश :      इस कहानी में केवल एक शनिवार के दिन का वर्णन किया है। कहानी में मुख्य भूमिका एक नन्हे बालक की है। जो अपने ...

    आई तो आई कहाँ से - 4
    by Dr Sudha Gupta
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    छुट्टियां समाप्त हो गईं और स्कूल प्रारम्भ हो गए l सुबह जल्दी उठकर आरुषि तैयार हो गई l फटाफट बैग चैक  किया l माँ ने टिफिन लगाया, आरुषि की ...

    आई तो आई कहाँ से - 3
    by Dr Sudha Gupta
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    सुबह सारे बच्चे देर से जागे l पंकज नहा - धोकर प्रिंस के घर आ गया l प्रिंस, क्या तू अभी तक तैयार नहीं हुआ ? होता हूँ यार, ...

    आई तो आई कहाँ से - 2
    by Dr Sudha Gupta
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    गर्मी की छुट्टियों में माँ ने पिकनिक पर चलने का कार्यक्रम बनाया l आरुषि बोली - क्यों ना माँ, इस बार मेरे सारे दोस्तों को भी साथ ले चलते ...

    आई तो आई कहाँ से - 1
    by Dr Sudha Gupta
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    आरुषि ........ आरुषि ........ हाँ मम्मा, मैं यहाँ हूँ l अपनी गुड़िया के साथ खेल रही हूँ l अच्छा, अच्छा अब जल्दी से तैयार हो जा, शाम हो गई ...

    गुब्बारे की हवा
    by r k lal
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    गुब्बारे की हवा               आर0 के0 लाल             अपनी बर्थडे की उमंग में गुब्बारे फुलाते हुए मेरे सात वर्षीय पोते ने पूछा- “ बाबा मेरी पार्टी में आपके ...

    चिड़िया रानी - (बाल साहित्य)
    by Rakesh kumar pandey Sagar
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    प्रिय मित्रों,               आज छत के बारजे पर बैठकर आसमान में टकटकी लगाए कुछ देख रहा था कि पंक्षियों का एक समूह छत ...

    खुशियों के फूल
    by Dr.Desh bandhu
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    कल होली थी | सौरभ और सुरभि अपने पापा के साथ बाजार से ढेर सारा गुलाल, रंग, पिचकारी, मिठाई आदि लेकर आए थे | दरवाजे पर कदम रखते ही ...

    लगे नाचने अक्षर
    by manohar chamoli manu
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    लगे नाचने अक्षर -मनोहर चमोली ‘मनु’ वेलिया ने स्कूल से मिला होमवर्क पूरा किया। स्कूल बैग खोला। पेंसिल-काॅपियां रखकर वह खेलने चली गई। वेलिया के जाते ही अक्षर और पेंसिल ...

    अपनेइंडाॅव बनूंगी
    by manohar chamoli manu
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    पात्र परिचयपीहू- एक छात्राचंद्रमोहन-पीहू के पिताजगमोहन - पीहू के चाचासविता-पीहू की चाचीरामसखा-पीहू के दादाकमला-पीहू की दादीसोनिया-पीहू की बुआ परदा उठता है (ड्राइंगरूम का दृश्य। पीहू और चंद्रमोहन मंच के ...

    गाँव वाला अंग्रेजी स्कूल
    by Pranjal Saxena
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    मीठी  बात रस से भरी रसमलाई, गोल–गोल रसगुल्ले, काजू वाली बर्फी, राष्ट्रीय मिठाई जलेबी, हर त्यौहार की शान लड्डू, राष्ट्रीय पर्वों वाली मिठाई–बूँदी, सूखी मिठाई–सोनपापड़ी, जाड़े वाले तिल के लड्डू ...

    वीडियो गेम
    by Manjari Shukla
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    चीनू की आँखों से लगातार पानी निकल रहा था पर चीनू की आँखें वीडियो गेम पर टिकी हुई थीI वह एक हाथ से बार-बार अपनी आँखें मसलता और फ़िर ...