टाइटन मेड इन इंडिया वेबसीरीज रिव्यू Mahendra Sharma द्वारा फिल्म समीक्षा में हिंदी पीडीएफ

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टाइटन मेड इन इंडिया वेबसीरीज रिव्यू

टाइटन मेड इन इंडिया वेबसीरीज रिव्यू
भारत की उत्पादन गुणवत्ता और तकनीक पर हमेशा से ही अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में शंका जताई जाती है, क्योंकि भारत के प्रतिस्पर्धी और विरोधी कभी नहीं चाहते के भारत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्पादन गुणवत्ता के लिए उच्च स्थान मिले।
टाइटन क्वार्ट्ज वॉच बनाने की कहानी वेब सीरीज में लाकर एक भारतीय प्रोडक्ट की घरेलू से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने की गाथा दिखाना एक बड़ा और प्रशंसनीय कार्य है। 

वॉच बनाना टाटा के किसी भी प्लान में नहीं था, यह केवल JRD का एक सपना था जिसे वे खुद नहीं जानते थे की कब और कैसे सच बनेगा। उनको स्विस कंपनी से तकनीक लाकर भारतीय मार्केट में भारत में उत्पादन करके प्रस्तुत करनी थी। स्विस कंपनी ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया और इस प्रोजेक्ट पर ब्रेक लग गई।

ज़र्कसस देसाई, जिन्हें प्यार से टाटा वाले ज़ी नाम से बुलाते थे, JRD टाटा के बहुत ही करीबी कर्मचारियों में से एक थे जिनपर आंख बंद करके भरोसा किया जा सकता था, उन्होंने टाइटन से पहले टाटा के अनेक प्रोजेक्ट्स को मुश्किलों के दौर में संभाल कर टाटा के लिए सफलता और मुनाफा कमाया था। उन्होंने टाटा एडमिनिस्ट्रेशन सर्विस से शुरू होते हुए अनेक प्रोजेक्ट्स में JRD का विश्वास जीता।

वॉच बनाने का कार्य इतना ही मुश्किल था जितना समंदर में सीप ढूंढना और उसमें से मोती ढूंढना। सब कुछ शुरू से करना था, वॉच की बाहरी बनावट से लेकर अंदरूनी पार्ट्स, मार्केट की मांग और बनाने के लिए एक्सपर्ट्स को लेकर एक टीम बनाना। एक कंपनी कैसे बनती है इसका पूरा ज्ञान अगर आपको लेना है तो इससे बेहतर वेब सीरीज़ नहीं हो सकती।

टाटा वॉच बनाने के बिजनेस में आना चाहता है इस प्रस्ताव को बोर्ड की सहमति की आवश्यकता थी, ज़र्कसस को टाटा बोर्ड को वॉच प्रॉजेक्ट प्रस्तुत करके सहमति लेनी थी और उन्होंने अपने अनुभव और विश्वास को दिखाकर अनुमति ले ली। इस प्रोजेक्ट के लिए पैसे भी लाना आवश्यक था क्योंकि पूरा फंड टाटा नहीं दे सकता था, अनेक राष्ट्रीय बैंकों ने इस प्रोजेक्ट को रिजेक्ट कर दिया । कैनरा बैंक ने वॉच प्रॉजेक्ट पर विश्वास रखकर फंडिंग की सहमति दी। फैक्ट्री लगाने की जगह लेने का पूरा एपिसोड बनाया गया है जो भी बहुत दिलचस्प है।

एक बड़े सपने को सच बनाना बहुत ही कठिन कार्य है और इसमें जितनी कठिनाइयाँ आतीं हैं वे इस सफ़र को और भी दिलचस्प बनातीं हैं। ज़र्कसस ने पहले एक टीम बनाई जिसमें एक काबिल इंजीनियर, एक मार्केटिंग पर्सन और ऑपरेशन हेड को साथ लेकर अन्य टीम मेंबर्स को ढूंढना, स्पर्धक कंपनियों से उन्हें टाटा में लाना और अन्य कई प्रवृत्तियाँ हुई जिससे एक काबिल टिम एक भरोसेमंद प्रोजेक्ट को आगे ले जा सके।

इस वेबसीरीज का हर एक एपिसोड आपको धन्धे की एक नई बात सिखाएगा। हमें यह भी समझना होगा कि जितना दिखाया गया है उससे कई अधिक चुनौतियां होंगी पर ज़र्कसस जैसे लीडर और एक भरोसेमंद टीम साथ हो तो मुश्किल से मुश्किल काम आसान हो जाते हैं। टाइटन का बाजार में आना , अन्य स्पर्धकों के सामने टिकना, मार्केट में श्रेष्ठ होकर भी कठिनाइयां देखना और बहुत कुछ है जो इस वेब सीरीज को इस साल की श्रेष्ठ सीरीज बना सकता है।

टाइटन को भारतीय ग्राहक के लिए बनाया गया और मार्केट किया गया जिसमें संगीत को लेकर टीवी एड बनाई गई थी जिसे आज भी लोग मिसाल के तौर पर याद रख रहे हैं। आगे जाकर टाइटन विश्विक मार्केट में गई और वहां विश्व की सबसे स्लिम वॉच के नाम से जानी गई।

ज़र्कसस देसाई के रोल में जिम सरभ में बहु ही उम्दा कार्य किया है। आप इन्हें संजू फिल्म में संजू के दोस्त जो इन्हें ड्रग्स का नशा करवाते थे उस रोल में देख चुके है, विक्रम साराभाई और होमी भाभा वाली सीरीज रॉकेट बॉयज में होमी भाभा के रोल में भी आप इन्हें देख चुके होंगे। JRD के रोल में नसीरुद्दीन शाह हु ब हु JRD जैसे दिख रहे हैं , उनके स्तर के कलाकार का इस सीरीज में होना इस सीरीज में और जान फूंक देता है। 

अन्य कलाकारों में मेघा म्हात्रे के रोल में कावेरी सेठ का अभिनय बहुत ही सराहनीय है। उन्होंने अपने किरदार को बड़ी ईमानदारी और शिद्धत से निभाया है, साथ हैं लक्षवीर सरन गौरव धर के किरदार में और नमिता दुबे, रजनी देसाई के किरदार में। मुख्य नाम छोड़कर अन्य नाम काल्पनिक हैं क्योंकि पूरी टिम को एक सीरीज में दिखाना संभव नहीं होता।

इस सीरीज में गाने जाने पहचाने हैं जिन्हें 80 के दशक में काफी पसंद किया गया था। हर एक परिस्थिति के अनुसार एक गाना बैकग्राउंड में चल रहा है जो आपको उस समय की तरफ ले जाता है जिसे या तो आपने या आपके माता पिता ने बढ़े ठाठ से जिया हुआ है।

आप युवा हैं तो आपको ब्रांड और धंधे की समझ बनाने के लिए यह सीरीज देखनी चाहिए और अगर आप जीवन में आग बढ़ चुके हैं तो आपको वह पुराने पल, वो दौर और उस दौर में टाइटन का बनना और सफल होने का सफर देखने में अवश्य आनंद आएगा।
सीरीज एमेजॉन प्राइम पर है, अवश्य देखें।

महेंद्र शर्मा