(काम्या कपूर ने वेटर को बॉयफ़्रेंड बना कर पेश करना था..दोनों मरीना बीच पर बैठ कर प्लानिंग करते है कैसे, कब और क्यों)
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ऋतिक ने बीच में पूछा—
“जोसफ को बुला लेती?”
“कहा ना… वो नहीं आ सकता!”
“उसके लिए ये मौका बहुत बड़ा है…
वो सब छोड़कर नहीं आ सकता।”
कुछ पल के लिए दोनों के बीच खामोशी छा गई।
फिर काम्या ने धीरे लेकिन साफ शब्दों में कहा—
“आज… मेरी दीदी और जीजू मुझसे मिलने आ रहे हैं कनाडा से।”
“वो मेरे ‘बॉयफ्रेंड’ से मिलना चाहते हैं…”
उसने “बॉयफ्रेंड” शब्द पर हल्का सा जोर दिया।
“ताकि… वो कोई फैसला ले सकें।”
ऋतिक ने गहरी साँस ली—
“तो मतलब… आज मैं तुम्हारा नकली बॉयफ्रेंड बनकर तुम्हारे घरवालों के सामने जाऊँ?”
काम्या ने उसकी आँखों में देखते हुए कहा—
“हाँ।”
“सिर्फ कुछ घंटों के लिए…”
“जब तक जोसफ वापस नहीं आ जाता।”
उसकी आवाज़ में अब घमंड नहीं था—
बस एक साफ डर और जल्दबाज़ी थी।
“प्लीज़… मेरी मदद कर दो।”
"आप उन्हें बता दो कि जोसफ नहीं है अभी बाद में मिल लेगा।" ऋतिक ने हैरानी से देखा
"मेरे पापा और दीदी बहुत इगो वाले है वो जोसफ की प्रॉब्लम समझ नहीं पाएंगे बल्कि अपनी इंसल्ट समझ कर नाराज हो जायेगे"
काम्या ने ठंडी आह भरी।
“पर काम्या मैडम… आप ऐसा कैसे कर सकती हैं?”
ऋतिक की आँखें सच में बड़ी हो गईं—
“अगर मैं आपके पापा और दीदी को पसंद आ गया तो…??”
काम्या ने उसकी तरफ देखा…
और होंठों पर हल्की सी मुस्कान आ गई—
“इसीलिए तो…”
वो धीरे से बोली।
“मैं तुम्हें दस लाख दे रही हूँ।”
ऋतिक एकदम सन्न रह गया—
“द…दस लाख…??”
“हाँ।”
काम्या ने बिल्कुल साफ लहजे में कहा—
“इसलिए नहीं कि तुम उन्हें पसंद आओ…”
वो थोड़ा झुककर उसकी आँखों में देखते हुए बोली—
“बल्कि इसलिए… कि तुम उन्हें बिल्कुल भी पसंद ना आओ।”
कुछ सेकंड तक बस लहरों की आवाज़ थी…
ऋतिक उसे देखता रह गया—
“मतलब… मुझे जानबूझकर बेवकूफ, बदतमीज़,
बनना पड़ेगा?”
काम्या ने कंधे उचकाए—
"नहीं...अच्छा दिखना है पर कुछ ऐसा करना है कि वो तुम्हे पसंद ना करे...बद्तमीजी नहीं करनी है"
"यह तो बहुत मुश्किल काम है"
“Exactly.”
“तुम्हे कुछ ऐसा करना है कि दीदी , पापा और जीजू खुद कहें—
‘काम्या, इससे तो शादी करने से अच्छा है…’”
वो रुक गई…
और हल्की मुस्कान के साथ बोली—
“कि मैं किसी और से शादी करूँ… ।”
ऋतिक ने सिर खुजाया—
“वाह मैडम… खेल तो बड़ा खतरनाक खेल रही हैं आप।”
काम्या ने पहली बार हल्के अंदाज़ में कहा—
“ज़िंदगी ने मजबूर किया है… खेलना तो पड़ेगा।”
ऋतिक ने गहरी साँस ली…
और फिर मुस्कुराते हुए बोला—
“ठीक है…
पर एक बात याद रखना…”
“अगर मैं एक्टिंग में इतना अच्छा निकला
कि आपके पापा मुझे ही चुन लें…”
वो हल्का सा झुककर बोला—
“तो दस लाख कम पड़ जाएंगे।”
काम्या हँस पड़ी—
“Relax…
तुम्हें पसंद करना उनके बस की बात नहीं है।”
थोड़ा सोचने के बाद ऋतिक ने भौंहें सिकोड़ते हुए पूछा—
“काम्या… अगर उन्होंने मुझे रिजेक्ट कर दिया,
तो उसके बाद वो तुम्हें अपनी पसंद के लड़के से शादी करने को कहेंगे… तब?”
काम्या ने बिना देर किए जवाब दिया—
“यही तो प्लान है।”
वो थोड़ा आगे झुककर बोली—
“तुम्हें रिजेक्ट करेंगे…
मैं थोड़ा ड्रामा करूँगी… गुस्सा दिखाऊँगी…”
“और उसी में मुझे टाइम मिल जाएगा।”
ऋतिक अब ध्यान से सुन रहा था।
“चार–पाँच महीने बाद…”
काम्या ने सहजता से कहा—
“मैं कह दूँगी—मेरा ब्रेकअप हो गया है ऋतिक से।”
“और अभी मेरा मूड इतना खराब है
कि मैं शादी के बारे में सोच भी नहीं सकती।”
कुछ पल के लिए सन्नाटा छा गया…
फिर ऋतिक ने धीरे-धीरे ताली बजानी शुरू की—
“वाह मैडम… वाह…”
वो हल्की मुस्कान के साथ बोला—
“क्या कहानी लिखी है आपने…”
वो थोड़ा झुककर उसकी तरफ देखने लगा—
“पूरा स्क्रिप्ट तैयार है—
entry, drama, breakup… सब कुछ।”
काम्या ने कंधे उचकाए—
“जब ज़िंदगी स्क्रिप्ट से बाहर चलने लगे,
तो खुद ही स्क्रिप्ट लिखनी पड़ती है।”
ऋतिक ने हँसते हुए सिर हिलाया—
“बस एक ही डर है…”
“कहीं इस कहानी का end…
आपके हिसाब से ना हुआ तो ।”
काम्या ने हल्की नज़रें चुराईं—
“End तो वही होगा… जो मैं चाहूँगी।”
...to be continued