धुरंधर 2 फिल्म रिव्यू Mahendra Sharma द्वारा फिल्म समीक्षा में हिंदी पीडीएफ

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धुरंधर 2 फिल्म रिव्यू

धुरंधर 2 फिल्म रिव्यू
हिंसा की अतिशयोक्ति को देश भक्ति दिखाकर हिट करवा दिया। कोई किसी व्यक्ति को कितनी क्रूरता से मार सकता है और उस क्रूरता का स्क्रीन पर भयावह स्वरूप दिखाना शायद निर्देशक की उपलब्धि माना जाय पर मानसिक तौर पर यह बहुत ही क्षति पहुंचाने वाला काम है।

फिल्म धुरंधर 2 को पहली वाली फिल्म से भी अधिक दर्शक मिले क्योंकि इसको देश भक्ति की चर्म सीमा बताया गया है और साथ ही वास्तविक घटनाओं को जोड़ती कड़ियाँ दिखाई हैं जिसमें दर्शकों को बहुत अधिक रुचि जागृत हुई और लोगों ने सिनेमाघरों में कतारें लगा दीं। मैं भी हूँ देशभक्त और जो भी दिखाया गया ही इस फिल्म में अगर उसमें अगर कुछ प्रतिशत सच्चाई है तो मुझे गर्व है कि भारत एक बढ़े आर्थिक हमले से बचा और अन्य कई आतंकी गुटों को इस मिशन के तहत भारी मात्रा में क्षति पहुंचाई गई।

फिल्म अगर आपने सिनेमा में नहीं देखी तो आप ओटीटी पर देख ही लेंगे क्योंकि आपने अभी तक धुरंधर 1 देख ली होगी। अगर आप दोनों नहीं रहे तो आप शायद प्रशंसा से प्रभावित नहीं हुए। 

फिल्म में रणवीर मतलब हमज़ा बलूची मतलब जसकीरत एक मृत्युदंड प्राप्त किया हुआ अपराधी है जिसे पाकिस्तान एक मिशन के तहत भेजा गया है और उसका काम है आतंकी गुटों के संगठन में शामिल होकर उनकी योजनाओं की गुप्त जानकारी भारत के जासूसी और सुरक्षा संगठनों को देना और वक्त आने पर आतंकी संगठनों को, उनके आयोजकों, उनके स्थान और साधन सहित समाप्त करना। 

फिल्म में भारत में आतंक फैला रहे पाकिस्तानी गुप्तचर, राजनेता, पुलिस , फौज, आतंकी संगठन सबके नाम और व्यक्तियों के नाम लिए गए हैं जैसे कि दाउद अब्राहम, रहमान डकैत, चौधरी असलम और बहुत ही अन्य व्यक्तियों के नाम बिना किसी राजनैतिक और अंतर्राष्ट्रीय दबाव के लिए गए हैं जिन्हें पहले लेने में फिल्म इंडस्ट्री को अनुमति नहीं थी।

फिल्म के हीरो रणवीर सिंह का काम तो बहुत ही आकर्षित करने वाला है पर फिल्म के विलन संजय दत्त और अर्जुन रामपाल का काम भी बहुत ही उच्च कक्षा का है। अपने रोल को उन्होंने पूरा न्याय दीया है। विलन की क्रूरता और चपलता की उत्तम प्रस्तुति की गई है।

अजीत डोभाल की भूमिका में आर माधवन ने अच्छा किरदार निभाया है , उनके चेहरे पर चालाकी और गंभीरता भरे भाव दर्शकों को असली वाले अजीत डोभाल की याद दिला रहे थे। सारा अर्जुन ने हमज़ा बलूची की धर्मपत्नी का अच्छा किरदार किया। पुराने गीत तम्मा तम्मा लोगे और ओये ओये को यहाँ पुनः जीवित किया गया है। 

निर्माता निर्देशक आदित्य धार को आप जानते हैं। धुरंधर 1 और 2 से पहले ये फिल्म दुनिया में URI फिल्म से बहुत चर्चा में आए थे क्योंकि उस फिल्म ने देश भक्ति फिल्मों की नई नींव रखी। उन्होंने आर्टिकल 370 भी अच्छी फिल्म बनाई थी जिसमें किस तरह आर्टिकल 370 को किस तरह भारत सरकार ने संविधान से हटाया उन घटनाओं को देख के सामने प्रस्तुत किया। आदित्य धार हिंदी सिनेमा में अब बहुत चर्चा में रहने वाले हैं।

फिल्म में कुछ मार देने वाले दृश्य बहुत ही विचलित करने वाले हैं और एक बार देखने के बाद कई दिनों तक आपको वो शायद याद आते रहें । कमजोर दिल वाले फिल्म से दूर रहें।