होटल का वेटर और उसकी प्रेम कहानी - 8 kalpita द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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होटल का वेटर और उसकी प्रेम कहानी - 8

(कपूर ज्वेलर्स की बेटी काम्या ने  दो दिन का  बॉयफ़्रेंड बनने की मदद मांगी एक वेटर से। उसको बॉयफ़्रेंड बनाने की ट्रेनिंग शुरू कर दी)
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दोनों बाइक पर ओबेरॉय होटल से मरीना बीच की ओर चल पड़े।
सड़क लंबी थी…
और हवा जैसे उनके साथ दौड़ रही थी।
ऋतिक ने एक हाथ हवा में लहराया और गुनगुनाने लगा—
“हवा के साथ-साथ… घटा के संग-संग… ओ साथी चल…”
उसकी आवाज़ में एक अजीब सी बेफिक्री थी।
“तुम भी गाओ, काम्या…”
उसने पीछे मुड़कर हल्के से कहा।
काम्या कुछ पल चुप रही।
“नहीं…”
उसने धीमे से जवाब दिया—
“मैं हमेशा कार में बैठ कर सुनती हूँ…”
ऋतिक मुस्कुरा दिया।
“कभी-कभी गाना भी चाहिए… अच्छा लगता है।”
काम्या ने कुछ नहीं कहा।
बस उसका पकड़ थोड़ा और कस गया।

“अच्छा… मत गाओ!”
ऋतिक ने झुंझलाकर कहा।
लेकिन अगले ही पल ऋतिक फिर गुनगुनाने लगा—
“मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू… चली आ…”
काम्या ने उसे हल्का सा धक्का दिया—
“बस भी करो!”
फिर अचानक, जैसे ऋतिक का  मूड बदल गया और फिर सर हिला कर गाना बदल कर गाने लगा..
“मैं चली… मैं चली… देखो प्यार की गली…”

“कोई रोके ना मुझे… कोई टोके ना मुझे…”
अब काम्या  दोनों बाहें हवा में फैलाकर गाना पूरा करने लगी।
हवा उसके बालों से खेल रही थी…
और चेहरे पर एक खुली हुई मुस्कान थी।

“दो दीवाने शहर में…”
अब दोनों साथ गा रहे थे।
बाइक हल्की-हल्की लहराती हुई आगे बढ़ रही थी,
और दोनों जैसे अपनी ही दुनिया में खो गए थे।
उस पल में—
न कोई अहंकार था…
न कोई दिखावा…
बस दो अनजाने लोग थे,
जो कुछ देर के लिए सब भूलकर जी रहे थे।
काम्या… सच में बहुत खुश थी।

रात उतरने लगी थी…
शाम अपना दामन समेटकर विदा ले चुकी थी।
मरीना बीच पर लहरें उफान पर थीं—
जैसे किसी के भीतर का तूफ़ान बाहर आ रहा हो।
दोनों एक ऊँचे पत्थर पर बैठ गए।
कुछ पल तक सिर्फ लहरों की आवाज़ थी।
फिर काम्या ने धीरे से कहा—
“मैं… अक्सर जोसफ के साथ यहाँ आती हूँ।”
ऋतिक ने हल्का सा तंज कसते हुए कहा—
“तो फिर… उसने धोखा दिया होगा।
किसी और लड़की के साथ रंगरेलियाँ मनाते पकड़ा होगा आपने।
वैसे भी… शक्ल से तो वही लग रहा था।”

काम्या ने तुरंत उसे घूरा—
“तुम पागल हो क्या?”
वह थोड़ा गुस्से में बोली—
“मेरा जोसफ ऐसा नहीं है।”
ऋतिक ने कंधे उचकाए—
“तो फिर… अगर वो इतना अच्छा है,
तो मुझे बॉयफ्रेंड क्यों बनाया?”
काम्या कुछ पल चुप रही।
लहरें ज़ोर से चट्टानों से टकराईं।
उसने गहरी साँस ली—
“मेरे पापा… मेरी शादी किसी और से करना चाहते हैं।”
उसकी आवाज़ अब धीमी थी… और भारी भी।
“और मैं… उससे शादी नहीं करना चाहती।”
ऋतिक ने धीरे से पूछा—
“तो… जोसफ से करना चाहती हो?”
काम्या ने सिर झुका लिया।
“हाँ…”
उसने बहुत धीमे से कहा—
“मैं उसका साथ चाहती हूँ…”
हवा थोड़ी और तेज़ हो गई।
और इस बार…
काम्या की आवाज़ में घमंड नहीं था—
सिर्फ एक डर… और एक सच्ची चाहत थी।

“फिर… मैं… मुझे क्यों लाई बीच में… समझ नहीं आ रहा?”
ऋतिक ने उलझन भरी आवाज़ में पूछा।

काम्या ने गहरी साँस ली…
और पहली बार बिना घुमाए सीधे बोलना शुरू किया—
“जोसफ… यहाँ नहीं है।”
ऋतिक ने चौंककर उसकी तरफ देखा—
“मतलब?”
“उसे अचानक एक महीने के लिए दुबई जाना पड़ा…
अपने डांस ट्रूप के साथ।”
“वो… एक स्ट्रगलिंग कोरियोग्राफर है।”
हवा का एक तेज़ झोंका आया…
काम्या के बाल उसके चेहरे पर आ गिरे।
“और इधर…” उसने रुककर कहा—
“मेरे पापा मेरी शादी के लिए दबाव डाल रहे हैं।”
ऋतिक अब ध्यान से सुन रहा था।
“मैंने उन्हें कह दिया… कि मेरा बॉयफ्रेंड है।”
“और मैं उसी से शादी करूँगी।”
“तो फिर…” ऋतिक ने बीच में पूछा—
“जोसफ को बुला लेती?”
काम्या की आँखों में झुंझलाहट और बेबसी साथ आ गई—
...to be continued