हीर-रांझा: द मॉडर्न थ्रिलर - 4 Shaziya Khan द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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हीर-रांझा: द मॉडर्न थ्रिलर - 4

एपिसोड 4: झूठा जाल और हीर का तूफान


"साज़िशें कितनी भी गहरी क्यों न हों, सच का दामन थामे हौसलों के आगे घुटने टेक ही देती हैं..."
— समीर ख़ान


कैदो अपनी बेइज़्ज़ती को भूलने वालों में से नहीं था। हीर की बेबाकी ने उसके अहंकार पर चोट की थी, और उसका बदला लेने के लिए उसने एक बेहद घिनौना जाल बुना। अगले ही दिन, जब रहमान (रांझा) अपने अपार्टमेंट में बैठकर गिटार पर एक नई धुन को कागज़ पर उतार रहा था, अचानक उसके दरवाज़े पर ज़ोर-ज़ोर से दस्तक हुई। रहमान ने जैसे ही दरवाज़ा खोला, सामने तीन पुलिस वाले खड़े थे।


"रहमान उर्फ रांझा तुम ही हो?"

सीनियर ऑफिसर ने कड़क आवाज़ में पूछा।

रहमान ने हैरान होकर हाँ में सिर हिलाया। ऑफिसर ने बिना कोई वक़्त गंवाए अंदर घुसकर तलाशी शुरू कर दी। रहमान समझ ही नहीं पा रहा था कि माजरा क्या है। तभी एक सिपाही ने अलमारी के पीछे से नशीले पदार्थों का एक पैकेट ढूंढ निकाला—जो कैदो के गुर्गों ने रात के अंधेरे में वहाँ छुपाया था। रहमान के पैरों तले ज़मीन खिसक गई। वह चीखता रहा, "यह मेरा नहीं है! मैं बेगुनाह हूँ!" लेकिन पुलिस ने उसकी एक न सुनी और उसे हथकड़ी पहनाकर ले गई। कैदो की चाल कामयाब हो चुकी थी।


जब यह खबर हीर के कानों तक पहुँची, तो वह रोने या टूटने के बजाय एक जलते हुए अंगारे में बदल गई। उसने तुरंत भांप लिया कि यह सिर्फ और सिर्फ चचा कैदो की घिनौनी साज़िश है। वह बिना एक पल गंवाए सीधे थाने की तरफ दौड़ी।


थाने के अंदर का माहौल बेहद तनावपूर्ण था। रहमान सलाखों के पीछे बेबस बैठा था। तभी हीर ने तूफ़ान की तरह थाने में एंट्री ली। उसकी आँखों में गुस्सा और चेहरे पर गज़ब का आत्मविश्वास था। सीनियर ऑफिसर उसे देखकर खड़ा हो गया, क्योंकि वह हीर के रसूखदार खानदान से वाकिफ था। ऑफिसर ने कहा, "हीर जी, आप यहाँ? इस लड़के पर बहुत गंभीर इल्ज़ाम हैं, इसके पास से प्रतिबंधित सामान मिला है।"


हीर ने एक ठंडी और शातिर मुस्कान के साथ ऑफिसर की आँखों में देखा और अपनी जेब से एक पेन-ड्राइव निकालकर टेबल पर रख दी। उसने बड़े कड़क लहज़े में कहा, "ऑफिसर, इल्ज़ाम झूठे हों तो कानून की आँखों में धूल झोंकना आसान होता है, लेकिन कैमरे की आँखों में नहीं। यह इस अपार्टमेंट की पार्किंग और कॉरिडोर की सीसीटीवी फुटेज है। कल रात ठीक दो बजे, चचा कैदो का खास आदमी रहमान के कमरे के पास देखा गया था। और मज़े की बात सुनिए, उस वक्त रहमान अपने दोस्त के घर पर था, जिसका सबूत भी इसमें मौजूद है।"


ऑफिसर के पसीने छूट गए। कैदो ने उसे रिश्वत देकर यह झूठा केस दर्ज करवाया था, लेकिन हीर ने जो कानूनी और पुख्ता सबूत सामने रख दिए थे, उसके बाद रहमान को अंदर रखना मुमकिन नहीं था। हीर ने आगे बढ़कर टेबल पर हाथ रखा और ऑफिसर के करीब होकर धीरे से कहा, "अगर पाँच मिनट के अंदर रहमान बाहर नहीं आया, तो यह फुटेज और आपकी घूसखोरी की कहानी सीधे मीडिया और कमिश्नर के पास जाएगी।"


हीर का यह जासूस जैसा तेज़ दिमाग देखकर ऑफिसर के पास कोई रास्ता नहीं बचा। रहमान को तुरंत रिहा कर दिया गया। जब रहमान बाहर आया, तो उसकी आँखों में हीर के लिए प्यार और सम्मान और बढ़ गया। लेकिन हीर जानती थी कि कैदो अब और खतरनाक खेल खेलेगा। उसने रहमान का हाथ थामा और कहा, "चचा कैदो ने जंग शुरू की है, तो ख़त्म भी अब हम ही करेंगे।"(जारी है )
लेखक समीर खान