इश्क़ आख़िरी - 19 Harshali द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

इश्क़ आख़िरी - 19

पहले हम तुम्हारे लिए शॉपिंग करते है , फिर मेरी शॉपिंग करते है , मुझे शॉपिंग करने के लिए टाइम लगेगा ना , अमृता ने एक्साइटेड हो कर आकाश से कहा ।




कुछ देर बाद अमृता और आकाश शॉप में चले जाते है ।" तुम्हे पता है हमारे घर के सभी लोग ना इस दुकान से कपड़े लेते है , वेरियस वारायटीज मिलती है यहा , तुम्हे भी अगर कुछ चाहिए हो तो यहीसे ले लेना " , आकाश ने शॉप में जाते हुए अमृता से कहा । "ओके , अभी दी की सगाई है ना उसके लिए कुछ लेते है ,अमृता ने आकाश से कहा । अरे नही , सगाई के लिए जो शोपिंग करनी होगी ना वो सब साथ मैं ही करेंगे मतलब कपड़े , गहने एंड ऑल आकाश ने अमृता से कहा । अरे वाह . . कितने ऑप्शंस है यहा ", अमृता ने आकाश से कहा । " अरे आइए आइए आकाश जी , बहुत दिनों बाद आना हुआ आपका " , शॉपकीपर ने आकाश से कहा । " मैडम आपको क्या चाहिए , हमारे यहां वेरियस ऑप्शंस है " , शॉपकीपर ने अमृता से पूछा ।" वो हम दोनों साथ में आए है ", आकाश ने शॉपकीपर से कहा । " चलिए भैय्या मैं आपको एक से बडकर एक कपड़े दिखाता हूं " , वहा दुकान मैं एक काम करने वाले लड़के ने आकाश से कहा । "ये देखो अमृता ये शर्ट कैसा है ? ", आकाश ने अमृता से पूछा । "तुम चेंजिंग रूम मैं चेंज करके आओ ना फिर मैं बताती हूं " , अमृता ने कहा । "ठीक है , तब तक तुम अपने लिए कुछ देख लेना ", आकाश ने अमृता से कहा और चेंजिंग रूम मैं चला गया । "अच्छा दीदी आपके लिए क्या दिखाऊं ? कुरता या सूट या फिर शादी के लिए चनिया चोली , अभी तो शादी का सीजन ही चल रहा है ", उस लड़के ने अमृता से पूछा । " नहीं नही पहले आकाश की शॉपिंग हो जाए फिर मैं देखूंगी" , अमृता ने उस लड़के से कहा । तभी आकाश चेंजिंग रूम मैं से बाहर आता है । " कैसा लग रहा हूं" , आकाश ने अमृता से पूंछा । आकाश ने स्काई ब्लू कलर का शर्ट और ब्लू कलर की जीन्स पहनी थी । "वाह भैय्या ये अच्छा लग रहा है " , उस शॉप मैं काम करने वाले एक लड़के ने आकाश से कहा ।" नही ये नहीं " अमृता ने कहा । अरे मैडम आकाश जी पर अच्छा तो लग रहा है , शॉपकीपर ने अमृता से कहा । "नही आकाश तुम्हारे पास ये कलर पहले से ही है ", अमृता ने कहा । अमृता ने आकाश के लिए एक डार्क पिंक कलर का शर्ट शॉपकीपर को दिखाने के लिए कहा । लेकिन मैडम आकाश जी को तो ब्राइट कलर्स , शॉपकीपर अपनी बात पूरी करने ही वाला था तभी आकाश ने इशारों से शॉपकीपर को कुछ भी ना कहने का इशारा किया । तुम ये कलर ट्राय करो , अमृता ने डार्क पिंक कलर का शर्ट आकाश को पकड़ाते हुए कहा । ओके बोलकर आकाश चेंजिंग रूम मैं जाता है । तभी अमृता की नजर एक लाइट पिंक कलर के दुपट्टे पर जाति है और उसको वो दुपट्टा पहली नजर में ही पसंद आ जाता है । Wow , कितना खूबसूरत है ये , अमृता बोलती है । अरे मैडम वो , वो दुपट्टा तो पहले ही बिक चुका है , लास्ट पिस था सॉरी ! शॉपकीपर ने अमृता से कहा । "देखो अब कैसा लग रहा हूं ", आकाश ने अमृता से पूछा । हां ये कलर तुम पर बहुत सूट कर रहा है , आप ये पैक कर दीजिए , अमृता ने शॉपकीपर से कहा । वैसे तुमने क्या लिया अपने लिए आकाश ने अमृता से पूछा । वो मुझे ये दुपट्टा चाहिए था लेकिन वो पहले से ही किसीने ले लिया है , अमृता ने उदास होते हुए आकाश से कहा । ओ. . . तुम एक काम करो मेरे लिए और कुछ सिलेक्ट करो , आकाश ने अमृता से कहा । अमृता दूसरी जगह जाके आकाश के लिए कपड़े देखने लगी । आपके पास इस मैं का दूसरा दुपट्टा नही है क्या ? आकाश ने सवाल करते हुए शॉपकीपर से कहा । " अरे नही आकाश जी , ये एक लास्ट पिस था एक्सक्लूसिव कलेक्शन का , जो की अब बिक चुका है , वो देखिए वो जो मैडम है ना , जो वहा कॉल पर बात कर रही है उन्नोने ये खरीद लिया है ", शॉपकीपर ने एक लड़की की और इशारा करते हुआ। " ये देखो , ये व्हाइट कलर का टी शर्ट और ये ब्लेजर ले लूं तुम्हारे लिए ? कलर कैसा रहेगा ? तुम एक बार ट्राय क्यों नहीं करते ? ", अमृता ने आकाश से पूछा ।" अरे नही तुमने सिलेक्ट किया है तो बेस्ट ही दिखेगा मुझ पर , अमृता, मैं ये सब लेकर आता हूं तब तक तुम जाओ कार मैं बैठो ", आकाश ने अमृता से कहा और अमृता वहा से चली गई ।




हेलो आकाश सर! आकाश पीछे मुड़कर देखता है । ओ . . हेलो नैना ! आकाश ने भी जवाब देते हुए कहा । सर ये मेरी फ्रेंड नंदिनी , नैना ने अपनी फ्रेंड नंदिनी को मिलवाते हुए कहा और नंदिनी ये है आकाश सर , ये में जहा काम करती हूं उस ऑफिस के हेड । हेलो , वैसे ये दुपट्टा आपने ही लिया है ना ? आकाश ने नंदिनी से पूछा । हेलो ! हां मैने ही लिया है क्यों क्या हुआ ? नंदिनी ने जवाब देते हुए आकाश से कहा । एक्चुअली , वो . . . वो.. आकाश को समझ नही आ रहा था की वो उससे क्या कहे । आप बेजिजक मुझ से कह सकते है , प्लीज डोंट हेसिटेड , नंदिनी ने कहा । " वो ये दुपट्टा मुझे चाहिए था , एक्चुअली किसी को देना है ये , तो क्या मैं इसे , आय नो आपको लग रहा होगा की में सेलफिश जैसी बाते कर रहा हूं लेकिन ये मेरे लिए बहुत इंपोर्टेंट है , मुझे ये लेना ही है , एट एनी कॉस्ट ! आकाश ने नंदिनी से कहा । ओके देन , आप रख लीजिए , में दूसरा देख लूंगी , नंदिनी ने वो दुपट्टा आकाश को पकड़ाते हुए कहा । थैंक यू सो मच , अगर आपको एक्सक्लूसिव कलेक्शन से कुछ और लेना होगा , तो ये आपको फिफ्टी परसेंट ऑफ मैं मिल जाएगा , आकाश ने नंदिनी से कहा ।

" नही इसकी क्या जरूरत है ",नंदिनी ने कहा । "नही मैं कोई चीज फ्री मैं नही लेता ",आकाश ने नंदिनी से कहा । " हां सर डोंट वरी में दे दूंगा फिफ्टी परसेंट ऑफ मैं ", शॉपकीपर ने आकाश से कहा । फिर आकाश ने नैना और नंदिनी को बाय कहा और शॉप के बाहर चला गया ।

"अरे तू पागल है क्या , पता है ना की वो एक्सक्लूसिव था , अब और कहा मिलेगा हमे ? और तू है जो एक ही बार मैं आकाश सर को दे दिया " , नैना ने अपनी सहेली नंदिनी से ऊंची आवाज में पूछते हुए कहा । अरे वो दुपट्टा छोड़ यार , वो आकाश कितना हॉट , हैडसम , डैशिंग था , उसकी वो बीयर्ड , जॉ लाइन , उसकी बॉडी , हाये में तो मरजावा ! कोई इतना परफेक्ट कभी हो सकता है क्या ! और उसका बात करने ना तरीका, उसका वो एटीट्यूड सब कितना परफेक्ट लग रहा था , कोई भी उसका दीवाना बन जाए , नंदिनी ने थोड़ी फ्लर्टी आवाज मैं नैना से कहा ।




हां वो तो है , यू नो वॉट हमारे ऑफिस की सभी लड़कियां सर के पीछे पागल है लेकिन एक वो है जो किसीको भाव ही नही देते , किसी लड़की की तरफ पलटकर तक नहीं देखते , नैना ने नंदिनी से कहा ।




"क्या कितनी देर लगादी तुमने ",अमृता ने आकाश से कहा । " हां वो तुम्हारे लिए कुछ ले रहा था , ये देखो तुम्हे ये वाला दुपट्टा चाहिए था ना ? " आकाश ने अमृता को वो दुपट्टा दिखाते हुए कहा । हां , लेकिन ये दुपट्टा तो बिक चुका था और लास्ट का एक ही पिस था एक्सक्लूसिव कलेक्शन का , तो फिर तुम्हे ये कैसे ?? अमृता ने सवाल करते हुए कहा । "अरे हा वो उन्होंने बराबर चेक नही किया था और एक पिस था, तो मैंने ले लिया तुम्हारे लिए , और ऐसा होता है कभी कभी , चीजे हमारे सामने ही होती है लेकिन हम उने देख नहीं पाते ", आकाश ने अमृता से कहा । वो दुपट्टा देख कर ही अमृता के चेहरे पर एक बड़ी वाली स्माइल आ जाती है । तभी अमृता ने रियलाइज किया की उसका पर्स तो अंदर शॉप मैं ही रह गया है । आकाश ,शायद मेरी पर्स अंदर ही रह गई , मैं लेके आती हूं , बोलकर अमृता शॉप मैं चली जाती है।




"अरे मैडम आप , क्या हुआ कुछ चाहिए ? ",शॉपकीपर ने अमृता से पूछा । "नही नही मुझे कुछ नहीं चाहिए ,एक्चुअली मेरी पर्स यह रह गई , वो देखिए वहा ", अमृता अपनी पर्स लेती है । तभी शॉपकीपर अमृता से बोलता है , "मैडम आप पर वो दुपट्टा बहुत सुंदर लगेगा , आप लकी है की वो लास्ट पिस सही वक्त पर आकाश जी ने आप के लिए मांगा और वो लड़की ,वो भी अच्छी थी जिसने अपने लिए लिया हुआ दुपट्टा आकाश जी को दे दिया "। "क्या ? मतलब ये दुपट्टा जो मैने लिया है वो वही था जो पहले बिक चुका था ? " अमृता ने शॉपकीपर से पूछा। "हां , शॉपकीपर ने सारी बात अमृता को बताई । "ठीक है थैंक यू "बोलकर अमृता शॉप मैं से बाहर चली गई ।




मिल गया पर्स ? आकाश ने अमृता से पूछा । " हां मिल गया " , अमृता ने जवाब देते हुए कहा । आकाश ने ड्राइव करना शुरू किया । "वैसे तुम एक्टिंग अच्छी कर लेते हो , और झूट भी ठीक ठाक बोलते हो ", अमृता ने आकाश से कहा ।" मतलब ?", आकाश ने अंजान बनते हुए कहा । " वो दुपट्टा तुमने उस लड़की से मांगा ना ? वो लास्ट पिस था एक्सक्लूसिव कलेक्शन का , एम आय राइट ?" अमृता ने आकाश ने पूछा । तुम्हे ये कैसे ? आकाश की बात काटकर अमृता बोल पड़ी , "मुझे उस शॉपकीपर से पता चला "। "हां तो उस मैं क्या हुआ ?" , आकाश ने अमृता से पूछा । फिर तुमने झूट क्यों कहा ? अमृता ने सवाल करते हुए आकाश से कहा । "अगर मैं उस वक्त तुमसे सच कहता ना तो , वन हंड्रेड एंड वन परसेंट श्योर की तुम वो दुपट्टा नही लेती, और मैने तो अच्छे के लिए झूट बोला ना , मेरे इंटेंशंस गलत नहीं थे, और तुम्हे वो दुपट्टा पसंद भी आया था ना " , आकाश ने अमृता से कहा । इस बात पर अमृता बस मुस्कुरा दी । थैंक यू अमृता ने सॉफ्ट टोन मैं आकाश से कहा । "थैंक यू बोलकर पराया मत करो अमृता , मैने आज जो कुछ भी किया वो आपने पन से किया है , मेरी दुनिया बहुत छोटी है और मैं हमेशा कोशिश करता हूं की मेरी दुनिया में जितने भी गिनेचुने लोग है ना, वो हमेशा खुश रहे " । "तो क्या मैं भी उस छोटी सी दुनिया का एक हिस्सा हूं ? ", अमृता ने आकाश से पूछा । अमृता के इस बात कर आकाश ने बस एक स्माइल दे कर हां मैं जवाब दिया । तुम भी मेरी दुनिया का हिस्सा हो अमृता एक ऐसा हिस्सा जिसको मैं कभी भी खोना नही चाहता , आकाश ने अपने मन मैं ही कहा ।




आकाश और अमृता के बीच ये सब जो हो रहा था , इस सबको शब्दों में बयां करना उन के लिए मुश्किल था । लेकिन हां उन दोनों के बीच एक अनोखा रिश्ता जरूर बन रहा था ।



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parveen Saini

parveen Saini 3 महीना पहले

Rupa Soni

Rupa Soni 3 महीना पहले

कैप्टन धरणीधर

कैप्टन धरणीधर मातृभारती सत्यापित 3 महीना पहले

Preeti G

Preeti G 3 महीना पहले

Samyak Jain

Samyak Jain 3 महीना पहले