इश्क़ आख़िरी -18 Harshali द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

इश्क़ आख़िरी -18

आकाश देखता है तो पाता है की एक लड़का जो गाड़ी चला रहा होता है और उसके दोस्त जो की उसके साथ बैठे हुए होते है वो अमृता की और देख रहे होते है । आकाश ने जैसे ही ये नोटिस किया , आकाश ने अपने कार के विंडो का शीशा ऊपर ले लिया । क्या हुआ विंडो क्यों बंद किया , कितनी अच्छी नेचरल हवा आ रही थी , इस सब से अंजान अमृता ने आकाश से कहा । वो ऐसेही , हर बात तुम्हे बताना जरुरी है क्या और अब ये विंडो बंद ही रहेगा आकाश ने थोड़े ऊंचे आवाज मैं कहा , एसी ऑन करता हूं । आकाश का ये ऐसा सडनली चेंज हुआ बिहेवियर देख कर अमृता को कैसे रिएक्ट करे वो समझ नही आया, इसलिए वो चुपचाप गर्दन नीचे करके बैठ गई , और सोचने लगी की , इस मैं इतना गुस्सा होने की क्या बात थी , मैने तो बस पूछा था ना प्यार से , प्यार से जवाब नहीं दे सकता था क्या ? अमृता ने मुंह बनाते हुए मन मैं ही कहा । अमृता के चेहरे पर उदासी साफ दिख रही थी । अमृता को देख कर आकाश को रियलाइज हुआ की उसने अमृता पर ऊंची आवाज मैं बात की थी । ओ गॉड , ये क्या हो जाता है , हर बार अमृता को खुश करने की कोशिश करता हूं और ये कुछ अलग ही हो जाता है मुझे से । मुझे अमृता से ऊंची आवाज मैं बात नही करनी चाहिए थी , मुझे पता है अमृता तुम्हे बुरा लगा है , मेरी गलती मैं ही सुधारूंगा , डोंट वरी बहुत जल्द तुम्हारे चेहरे पर एक स्माइल होगी , आकाश ने मन मैं ही कहा और गाड़ी साइड पर रोक कर किसी को मेसेज करने लगा , मेसेज करने के बाद आकाश ने फिर से गाड़ी स्टार्ट की । कार में एक खामोशी छाई हुई थी । उस खामोशी को तोड़कर आकाश ने कहा , " अमृता तुम कुछ बोल क्यों नही रही ?" हम्म्म. . . . ऐसेही , हर बात तुम्हे बताना जरुरी है क्या ? अमृता ने भी वही वर्ड्स रिपीट किए जो कुछ देर पहले आकाश ने अमृता से कहे थे । ताना मार रही हो मुझे ? आकाश ने सॉफ्ट टोन मैं पूछा। तुम्हे जो समझना है वो समझो , हर बात तुम्हे बताना जरुरी तो नहीं है ना, अमृता ने फिर से आकाश को ताना मारते हुए कहा । तुम्हारा ये ताना मरना भी कितना अच्छा लग रहा है , गुस्से में तो और भी ज्यादा क्यूट लगती हो तुम , आकाश ने मन मैं ही सोचा और मुस्कुराने लगा । "तुम आज कल मुझे ताने बहुत मारने लगी हो अमृता " , आकाश ने अमृता की और देखते हुए कहा । हम्म . . . आकाश के इस बात पर अमृता ने बस एक शब्द में ही जवाब दे दिया । "तुम्हे सब कुछ बताना जरुरी नहीं है " अमृता ने फिर से ताना मारते हुए कहा ।

अगले ही पल आकाश ने कार किसी कैफे के बाहर खड़ी कर दी । उतरो ! आकाश ने अमृता से कहा । अमृता और आकाश कार से नीचे उतर गए । आकाश ने फिर से नोटिस किया , की वो कार जो उनका पीछा कर रही थी वो अभी तक उसके पीछे ही थी । अमृता , तुम्हारे पीछे एक कार है दिख रही है ? आकाश ने अमृता से कहा । हां , वही ना रेड वाली अमृता ने कहा । हां , अब चलो अंदर आकाश ने अमृता का हाथ पड़कर उसको अंदर ले जाते हुए कहा ।
उस कैफे में अमृता और आकाश के अलावा दूसरा कोई भी नही था । ये क्या ये पूरा कैफे खाली क्यों है ? बस हम दोनो ही ? अमृता ने सवाल करते हुए कहा । wow कितना खुबसूरत है ये , डीम लाइट्स , ये फ्लोअर्स का डेकोरेशन , ये बलूंस , ये फ्रेगरेंस कितना अच्छा है ! अमृता ने कहा । हां मैने ही बुक किया है , आकाश ने अमृता को खुर्सी पर बिठाते हुए कहा । लेकिन क्यों , ये सब करने की क्या जरूरत थी ? अमृता ने कहा । बताता हूं , लेकिन सबसे पहले . . . . आकाश कुछ बोल पाता तब ही वेटर ने आकर आकाश और अमृता को कॉफी दे दी । कॉफी दे कर वेटर वहा से चला गया ।अरे ये क्या ? सॉरी लिखा है कॉफी पर ये . . . , अमृता ने आकाश से कहा । आय एम सॉरी अमृता मुझे तुम पर चिल्लाना नही चाहिए था , तुम्हे गुस्सा आया होगा ना इसलिए मैंने ये सब किया । लेकिन बात भी कुछ ऐसी ही थी ना , आकाश ने अमृता से नजरे झुकाते हुए कहा । वैसी बात नहीं है आकाश , मुझे गुस्सा नहीं आया , मुझे बस बुरा लगा अमृता ने कॉफी का एक सिप पीते हुए कहा । हां वही तो उसको भी गुस्सा ही कहते है आकाश ने अमृता से कहा । नहीं गुस्सा और बुरा लगने मैं बहुत फर्क होता है , गुस्सा तब आता है जब हमारा ईगो हर्ट होता है और बुरा तब लगता है जब हमारे दिल को हर्ट होता है अमृता ने कहा । ओ. . . इंप्रेसिव ! वैसे बाते अच्छी कर लेती हो , आकाश ने कहा । तो अब बताओ क्यों चिल्लाए मुझे पर ? अमृता ने आकाश की और देखते हुए कहा । अमृता , मैने तुम्हे एक कार दिखाती थी कैफे में आने से पहले , याद है ? आकाश ने पूछा । हां पता है , वही ना रेड वाली कार अमृता ने आकाश से कहा । हां वही , वो कार जब से हम घर से निकले है ना तब से हमारा पीछा कर रही है और सिग्नल पर जब हमारी कार रुकी थी तब उस मैं जो लड़के थे वो तुम्हे ही देख रहे थे और . . . आकाश बोलते बोलते रुक गया । और . . और क्या ? अमृता ने पूछा । और मुझे उनकी नजर अच्छी नहीं लगी , गलत तरीके से देख रहे थे तुम्हे , इसलिए मुझे गुस्सा आया और वो गुस्सा शायद तुम पर निकल गया , आकाश ने उदास भरी आवाज मैं कहा । इट्स ओके आकाश हो जाता है ऐसा कभी कभी , और रही बात गुस्से की तो , हम अपनों पर ही तो हक़ जताते है ना , जो अपने होते है उनपर ही तो गुस्सा करते है ना! अमृता ने प्यार से आकाश से कहा । तो इस के वजह से तुम गुस्सा थे ? अमृता ने सवाल करते हुए कहा । हां , मुझे नहीं अच्छा लगता जब तुम्हे कोई ऐसे देखता है , आय मीन . . . . मतलब अगर तुम्हारे अलावा कोई और लड़की होती तो मैं यही करता , मुझे अच्छा नही लगता जब किसी भी लड़की को कोई ऐसे बुरी नजर से देखता है तो , आकाश ने कहा । हम्म . . . ऑल राइट , लेकिन अगली बार प्लीज ऐसा मत करना , अगर कुछ भी प्रॉब्लम हो ना तो मुझे बताना डायरेक्ट , अमृता ने आकाश से कहा ।" वैसे तुम आज कल मुझे ताने बहुत मारने लगी हो" , आकाश ने मुंह बनाते हुए अमृता से कहा । "मुझे अच्छा लगता है तुम्हे ताना मरना और वैसे भी मुझे तुम्हे ताना मारने का हक नही है क्या ?", अमृता ने आकाश की और देखते हुए आकाश से पूछा । "बस तुम्हे ही तो हक़ है इसका, आकाश ने अमृता की आंखो में देखते हुए कहा" । "अब क्या करना है , वो कार अभी भी बाहर खड़ी होगी तो हम क्या करेंगे ?", अमृता ने बाहर की और इशारा करते हुए आकाश से कहा । हम्म्म . . . डोंट वरी देखेंगे क्या करते है वो लोग , तुम चिंता मत करो मैं तुम्हे कुछ नहीं होने दूंगा , में हूं ना ! आकाश ने अमृता से कहा । और वो लोग कैफे से बहार आ गए । बाहर आके उन्नोने ये रियलाइज किया की वो कार जो कब से उन दोनों का पीछा कर रही थी वो अभी वहा नहीं थी । देखो नही है वो कार , अमृता ने कार में बैठते हुए कहा । हम्म्म . . उन्नेे छोड़ो , अब मैं तुम्हे बनारस का बाजार दिखाता हूं , अरे क्या कुछ नही मिलता वहा , सब कुछ मिलता है , शोपिंग करेंगे आज मुझे भी कुछ कपड़े लेने है तो मेरी हेल्प करना आकाश ने अमृता से कहा । ठीक है , वैसे अभी कितना टाइम है वहा पोहचने के लिए ? अमृता ने आकाश से पूछा ।" बस पांच मिनिट और ", आकाश ने कहा । देखते ही देखते आकाश और अमृता बनारस के बाजार में पोहच जाते है । " Wow , इट्स अमेजिंग कितना कुछ है यहां , ये देखने के लिए तो कल फिर से आना पड़ेगा", अमृता ने बाजार देखते हुए आकाश से कहा । अमृता के चेहरे पर मुस्कान देख कर आकाश के भी चेहरे पर स्माइल आ जाती है ।" पहले हम तुम्हारे लिए शॉपिंग करते है , फिर मेरी शॉपिंग करते है , मुझे शॉपिंग करने के लिए टाइम लगेगा ना ", अमृता ने एक्साइटेड हो कर आकाश से कहा ।

रेट व् टिपण्णी करें

Harshali

Harshali मातृभारती सत्यापित 3 महीना पहले

Shiv Shanker Gahlot

Shiv Shanker Gahlot 3 महीना पहले

प्यार भरी छोटी सी नोंक-झोंक । अच्छा लगा ।

Preeti G

Preeti G 3 महीना पहले