इश्क़ आख़िरी - 11 Harshali द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

इश्क़ आख़िरी - 11

आकाश फिर से अमृता को एक टक देखने लगता है , और उसको आवाज लगाकर उठाने की कोशिश करता है लेकिन अमृता पर दवाई का असर कुछ ज्यादा ही हुआ होता है । आकाश मन मैं ही सोचता है , क्या कब मुझे अमृता को अपने गोद में उठा कर उसके कमरे में सुलाना पड़ेगा ! ! !




अगर मैंने अमृता को मेरी गोद में उठाया और इसकी आंख खुल गई तो , क्या सोचेगी मेरे बारे में ! कही मुझे गलत न समझ ले , , , , लेकिन मैं अमृता को ऐसे भी तो नहीं छोड़ सकता ना , एक काम करता हूं , , , , में अमृता को गोद मैं उठाकर ही रूम में सुला देता हूं , आगे अगर कुछ हुआ तो देखा जायेगा , , , , आकाश ने सोचा और अमृता की और बढ़ गया । आकाश ने अमृता को बड़े आराम से किसी बच्चे की तरह बड़े प्यार से अपने गोद में उठाया और सीढ़ीया चढ़ने लगा । आकाश की नजर बस अमृता पर ही थी । अरे भाई देख कर , नीचे सीढ़ियां देख कर चलिए ना , अमृता की और क्या देख रहे हो ! मानव ने उसके कमरे से बाहर आते हुए कहा । तुम तुम यहां क्या कर रहे ? आकाश ने नर्वस होते हुए पूछा । तभी सोनाली भी अपने रूम से बाहर आती है । तुम दोनों आधी रात को क्या कर रहे हो यहां ? आकाश ने सवाल करते हुए कहा । क्या आकाश , तू भी क्या अमृता जैसे नया है क्या इस घर में ! भूख लगी है बहुत , नूडल्स बनाने जा रहे है सोनाली ने आकाश से कहा । वो अमृता मुझे खाना देने नीचे ... आकाश की बात काटकर मानव बोला क्या भाई हमने आपसे कुछ पूछा क्या ? नही ना ? तो जाइए ना अमृता को सुलाइए । ये बोलकर अमृता और सोनाली वहा से चले जाते है । उन दोनों के जाने के बाद आकाश एक चैन की सांस लेता है । आकाश अमृता को बेड पर लेटा देता है । अमृता ने तो अपने झुमके , पेंडेल्ट वाली चैन वो तो निकाल ही नही , उसको नींद में लग सकते है आकाश ने मन है ही सोचा और फिर से अमृता की और बढ़ गया । आकाश ने अमृता के कान में से वो झुमके निकाले । फिर उसका सिर अपने गोद में रख कर उसकी चैन निकली और फिर आराम से उसका सिर पिलो पे रख दिया । आकाश ने प्यार से उसके बालों मैं हाथ फेरा और अमृता की कंबल ओढ़ा दिया । कंबल ओढ़ान के बाद आकाश रूम का दरवाजा बंद करके अपने रूम में चला जाता है । आज उसके दिल में एक अजीब सा ही सुकून वो फील कर पा रहा था , आकाश कपड़े चेंज करके अपने बेड पर लेट गया और अमृता के साथ उसने जो जो पल बिताए थे वो सब आकाश याद करने लगा । इतनी थकान होने के बावजूद भी उसके चेहरे पर एक स्माइल दी देखते ही देखते वो नींद के आगोश में चला गया ।




अगले दिन सुबह , ,

आकाश रोज की तरह सुबह जल्दी उठ कर ऑफिस जाने की तैयारी करने लगा। राधा और दादा दादी घर से निकल गए थे । और गोविंद भी अपने काम के लिए निकल चुके थे । तभी सोनाली और मानव आकाश के कमरे में आते है । आकाश मुझे ना आज अमर से मिलने जाना है और मानव को ऑफिस जाना है काम पेंडिंग है उसका । तो अमृता घर में अकेली रह जायेगी ना , तुम एक दिन ऑफिस मत जाओ ना , वहा का काम मानव देख लेगा सोनाली ने कहा । हां भाई अमृता के साथ कोई तो चाहिए ना घर पर मानव ने भी बीच में कहा । ठीक है तुम दोनों जाओ मैं आज ऑफिस नहीं जा रहा , अमृता के साथ घर पर रहूंगा आकाश ने कहा । ये बोलकर आकाश रूम में से बाहर आ जाता है। कमाल है ! भाई इतने जल्दी कैसे मान गए मानव ने सोनाली से कहा। हम्मम . . . . होता है होता है ऐसा ही होता है । अब चल मुझे सच में अमर से मिलने जाना है , कितने दिन हम मिले नही है , ये बोलकर सोनाली वहा से चली जाती है । और मानव भी ऑफिस के लिए निकल जाता है।




कुछ समय बाद अमृता हॉल में आती है तो वहा आकाश को अपने लैपटॉप पर काम करता पाती है । गुड मॉर्निंग आकाश अमृता कहती है । ओ उठ गई तुम , गुड मॉर्निंग हैव अ नाइस डे आकाश ने भी जवाब देते हुए कहा । वैसे कल मैं अपने रूम में कब गई ! में तो तुम्हारे साथ खाना खा रही थी ना अमृता ने सवाल किया । आकाश सोच ही रहा था की अमृता को क्या जवाब देना है तभी अमृता का फोन बजता है , हेलो ... अमृता कॉल पिक करती है । हां दीदी ठीक है कहकर कॉल कट कर देती है । दीदी का कॉल था ? आकाश ने पूंछा। हां वो अमर जीजू से मिलने गई है ना वो बताने के लिए कॉल किया था , तो आज घर में कोई नहीं है ? अमृता ने सवाल करते हुए कहा। आकाश ने लैपटॉप बंद किया और एक टक अमृता की और देखते हुए आगे बढ़ा । अमृता ने फिर से एक बार पूंछा , आकाश मैं कुछ पूछ रही हूं तुमसे जवाब दो , आकाश के कदम अमृता की और बढ़ने लगे , , , , , आकाश के फेशियल एक्सप्रेशंस से आकाश के दिमाग में क्या चल रहा है ये पता करना अमृता के लिए मुश्किल था । आकाश के कदम धीरे धीरे अमृता की और बढ़ने लगे , जैसे जैसे आकाश एक एक कदम आगे आ रहा था अमृता एक एक कदम पीछे जा रही थी । अमृता अब नर्वस हो रही थी , अमृता पीछे दीवार से लग कर खड़ी हो गई , आकाश ने एक हाथ अमृता के सिर के नीचे रखा , और उसके आंकों में देखने लगा ।



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Preeti G

Preeti G 4 महीना पहले