इश्क़ आख़िरी - 2 Harshali द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

इश्क़ आख़िरी - 2

शाम को अमृता और उसके मां पापा बनारस उनके घर पहुंच चुके थे । जैसे ही अमृता ने उनका घर देखा उसकी आंखें खुली की खुली रह गई , अक्षरा ने मन मैं कहा यह घर है या फिर कोई होटल ! इतना बड़ा घर ! और ये गार्डन ये इतना बड़ा है की इस मैं और एक घर बस जाए ! और ये दरवाजा ये कितना बड़ा है ! अमृता ने मन में सोचा कि बाहर से नजारा ऐसा दिख रहा है तो अंदर का घर कितन बड़ा होगा ! देखते ही देखते अमृता और उसके माँ पापा उनके घर के अंदर पहुंच गए । वहा हॉल में सब उनका इंतजार कर रहे थे । तभी राधा की नजर उन तीनों पर पड़ी, " अरे आइए आइए आपकी ही राह देख रहे थे, राधा ने बड़े प्यार से उनका स्वागत करते हुए कहा" । अमृता ने राधा को और दादा दादी को एक स्माइल करके नमस्ते कहा । अरे बेटा कैसे हो तुम दोनों , सब ठीक चल रहा है ना ? दादी नहीं सुमन और मनीष से पूछा । हां दादी सब कुछ ठीक-ठाक है हम अच्छे हैं आप कैसे हो ? मनीष ने दादी को जवाब देते हुए कहा । हम भी ठीक है , और अमृता तुम कैसी हो क्या कर रही हो अब ग्रेजुएशन हो गया ? दादी ने बड़े प्यार से अमृता से पूंछा । इस पर अमृता ने एक स्माइल देते हुए दादी से कहा," हां दादी ग्रेजुएशन हुआ एमबीए किया है और मेरा एक ब्यूटी पार्लर भी है। अरे वाह दादा जी ने अमृता की तारीफ करते हुए कहा । अरे गोविंद जी किधर है ? मनीष ने सवाल करते हुए कहा ,वो गोविंद की आज शाम को एक इंपोर्टेंट मीटिंग थी इसलिए वो वहा गए है , राधा ने जवाब देते हुए कहा । अच्छा तो अब हम निकलते है, अमृता का खयाल तो आप सब रहेंगे ही लेकिन एक माँ का दिल है ना शांत नहीं रहे सकता , मेरी बेटी का खयाल रखना राधा! सुमन ने राधा से इमोशनल होते हुए कहा । तभी राधा ने कहा हा सुमन , मैं भी एक माँ हूं, मैं भी समझ सकती हूं की एक माँ के दिल पे क्या बीत रही होगी , लेकिन तुम चिंता मत करना हम सब अमृता का अच्छे से खयाल रखेंगे । तभी अमृता भी बोल पड़ी हां आई तुम चिंता मत करना तुम और बाबा अपना खयाल रखना । ये बोलकर अमृता अपने आई बाबा के गले लग गई ।कुछ देर बाद मनीष और सुमन वहा से जा चुके थे ..




फिर राधा ने "अमृता से कहा चलो मैं तुम्हे तुम्हारा कमरा दिखा देती हूं , फ्रेश हो कर नीचे आ जाना फिर सब मिलकर गप्पे मारते है , और तुझे अभी बाकी सब से भी तो मिलना है ना " अमृता ने हां मैं अपना सिर हिलाया और राधा के साथ चली गई । कमरे में पहुंचते ही राधा ने अमृता से पूछा " अमृता बेटा कमरा ठीक है ना ? पसंद आया ना तुझे? कोई कमी तो नहीं है ? अगर तू रूम में कुछ चेंज करना चाहती है तो कर देना कोई प्रॉब्लम नहीं है । अरे नही नही आंटी कोई भी प्रॉब्लम नहीं है , इन फेक्ट ये कितना बड़ा कमरा है , कमरे का इंटीरियर डिजाइन भी एकदम परफेक्ट है , मुझे बहुत पसंद आया आंटी " अमृता ने बड़े प्यार और मासूमियत से देखते हुए राधा से कहा । बेटा तुझे पता है तू जब मुस्कुराती है ना बड़ी प्यारी दिखती है , हमेशा मुस्कुराती रहना और अगर किसी चीज़ की जरूरत हो तो मुझे बताना अनकंफर्टेबल होने के कोई जरूरत नही है , मैं भी तो तेरी माँ जैसी ही हूं ना , राधा ने प्यार से अमृता के सर पर हाथ रखते हुए कहा । अमृता ने कहा , " हां आंटी आप भी मेरी आई जैसी ही हो एकदम स्वीट और क्यूट , में जरूर बताऊंगी आपको अगर कुछ चाहिए होगा तो । अच्छा तेरे लेफ्ट साइड का जो कमरा है ना वो मेरी बेटी सोनाली का है और तुम्हारे राइट साइड के जो दो कमरे है वो मेरे दो बेटे आकाश और मानव के है , तुझे कुछ चाहिए हो तो तू सोनाली से भी कह सकती हो , इतना बोलकर राधा अमृता के रूम में से चली जाती है। अमृता मन में ही बोलती है "हे दुर्गा माँ इन घर में सभी को खुश रखना , कभी किसी को किसी भी चीज की कमी मत होने देना , बहुत अच्छे लोग है ये , प्यार करना जानते है और जताना भी, तेरी कृपा बनाए रखना माँ ।




थोड़ी देर बाद अमृता नीचे डिनर के लिए आ जाती है , अमृता को देख कर दादा जी कहते है, " अरे आओ बेटा बैठ जाओ , अब फ्रेश लग रहा है ना ? थक गई होगी न ट्रैवल करके ? अब खाना खाने के बाद आराम से सो जाना । हां दादा जी , अमृता ने डाइनिंग टेबल पर बैठते हुए कहा । हेलो बेटा कैसी हो ? राधा के पति गोविंद ने पूछा । में अच्छी हूं अंकल आप कैसे है ? सब ठीक चल रहा है ना ? अमृता ने गोविंद से पूछा । हां बेटा सब ठीक चल रहा है , और ये है सोनाली मेरी बेटी , वो एक्चुअली कुछ काम से बाहर गई थी शाम को, इसलिए तुम्हारी मुलाकात नही हो पाई , गोविंद ने अपनी बेटी को अमृता से मिलवाते हुए कहा । हेलो अमृता हाव आर यू ? वैसे क्या करती हूं तुम ? सोनाली ने अमृता से पूछा । मैने एमबीए किया है और मेरा एक छोटासा ब्यूटी पार्लर है । ओ ग्रेट ! सोनाली ने कहा ।

सब डिनर करने लगे । तभी गोविंद बीच में बोले," अरे राधा आकाश और मानव कहा है आए नहीं अभी तक " ? वो दोनों उनके फ्रेंड के घर गए है तो रात को देर से आएंगे , डिनर बाहर ही करने वाले है , राधा ने कहा । वैसे अमृता बेटा तुझे पता है ! मेरा छोटा बेटा मानव वो आकाश को बिजनेस मै हेल्प करता है मतलब सब कुछ सीख रहा है धीरे धीरे , लेकिन उसकी हरकदे किसी बच्चे से कम नही है , मासूमियत है उसमें बहुत । और मेरा बड़ा बेटा आकाश उस मैं तो मेच्योरिटी ही भरी पड़ी है वो बिजनेस डिपार्टमेंट का हेड है । एक मैं शरारत और दूसरे मैं मेच्योरिटी ठूस ठूस कर भरी हुई है । गोविंद के इस बात पर सभी लोग हंसने लगे । तभी सोनाली ने भी कहा , हां अमृता जब तुम आकाश और मानव से मिलोगी ना तब उनके बारे में सब जान जाओगी ।

( तो कैसे होगी पहली मुलाकात आकाश और अमृता की ? जानेंगे अगले एपिसोड में )

रेट व् टिपण्णी करें

Have some happiness

Have some happiness 3 महीना पहले

Rupa Soni

Rupa Soni 3 महीना पहले

Preeti G

Preeti G 5 महीना पहले

Viyant Singh

Viyant Singh 5 महीना पहले

Harshali

Harshali मातृभारती सत्यापित 5 महीना पहले